जो रूट ने रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर के 68 टेस्ट अर्धशतकों की बराबरी

  • August 21, 2026
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जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के 68 टेस्ट अर्धशतकों के रिकॉर्ड की बराबरी की

जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ 66 रन की पारी के दौरान टेस्ट करियर की 68वीं फिफ्टी लगाकर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। जानिए पूरे आंकड़े।

जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ 66 रन बनाकर रचा बड़ा रिकॉर्ड

हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ जो रूट ने 66 रन बनाए, लेकिन इन 66 रनों की अहमियत सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं रही। रूट ने 112 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 10 चौके लगाए। एक समय वह इंग्लैंड की पारी को संभालते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बना रहे थे। जैसे ही रूट ने अपना अर्धशतक पूरा किया, रिकॉर्ड बुक में बड़ा बदलाव हो गया। यह उनके टेस्ट करियर की 68वीं फिफ्टी थी। इसके साथ ही जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली।

68 टेस्ट फिफ्टी के साथ सचिन तेंदुलकर की बराबरी

सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 68 अर्धशतक लगाए थे। उन्होंने यह उपलब्धि 329 टेस्ट पारियों में हासिल की थी। वहीं जो रूट ने अपनी 305वीं टेस्ट पारी में 68वीं फिफ्टी लगाकर इस आंकड़े की बराबरी की। इस लिहाज से रूट ने सचिन के 68 टेस्ट अर्धशतकों के आंकड़े तक उनसे कम पारियों में पहुंचकर अपनी निरंतरता का एक और बड़ा सबूत दिया है। खास बात यह है कि रूट का टेस्ट करियर अभी जारी है और उनके पास इस आंकड़े को आगे ले जाने का पूरा मौका है।

सचिन तेंदुलकर के 68 टेस्ट अर्धशतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि उनके लंबे और शानदार टेस्ट करियर की कहानी भी बताते हैं। सचिन ने 200 टेस्ट मैच खेले और 24 साल से ज्यादा लंबे करियर में दुनिया के लगभग हर बड़े गेंदबाज का सामना किया। सचिन ने अपने टेस्ट करियर में 15,921 रन और 51 शतक बनाए। इसके अलावा उनके नाम 68 टेस्ट अर्धशतक भी दर्ज हैं। यही वजह है कि उनके रिकॉर्ड की बराबरी करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

जो रूट अभी भी खेल रहे हैं, इसलिए रिकॉर्ड और बड़ा हो सकता है

दूसरी तरफ जो रूट अभी भी अपना टेस्ट करियर जारी रखे हुए हैं। रूट ने 167वें टेस्ट में 68वीं फिफ्टी लगाकर सचिन के इस रिकॉर्ड की बराबरी की है। इसका मतलब है कि उनके पास आगे खेलने और इस आंकड़े को और बड़ा करने का मौका मौजूद है। यही वजह है कि अब क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर और जो रूट के आंकड़ों की तुलना एक बार फिर तेज हो गई है। रूट लगातार नए रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रहे हैं और उनकी मौजूदा फॉर्म इस चर्चा को और दिलचस्प बना रही है।

टेस्ट शतकों में सचिन से अभी काफी पीछे हैं जो रूट

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। सचिन ने अपने 200 टेस्ट मैचों के करियर में कुल 51 टेस्ट शतक लगाए थे। वहीं जो रूट के नाम फिलहाल 41 टेस्ट शतक हैं। इस आंकड़े के मुताबिक रूट को सचिन की बराबरी करने के लिए अभी 10 और टेस्ट शतक लगाने होंगे। अगर उन्हें सचिन से आगे निकलना है, तो उन्हें 52वां टेस्ट शतक बनाना होगा। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में 10 शतक बनाना बेहद बड़ी चुनौती है और इसके लिए रूट को लंबे समय तक लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा।

क्या जो रूट तोड़ पाएंगे सचिन के 15,921 टेस्ट रन का रिकॉर्ड?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं? इस सवाल का जवाब फिलहाल सिर्फ संभावना के तौर पर दिया जा सकता है। रूट को सचिन से आगे निकलने के लिए करीब 1,700 से ज्यादा रन और बनाने होंगे। यह एक लंबा सफर है और इसके लिए रूट को कई टेस्ट मैचों में लगातार रन बनाने होंगे। हालांकि, रूट के पक्ष में उनकी मौजूदा निरंतरता सबसे बड़ा हथियार है। वह लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं।

रूट की तकनीक और निरंतरता बन सकती है सबसे बड़ी ताकत

जो रूट की तकनीक उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में रन बनाने में मदद करती है। वह टेस्ट क्रिकेट में 14 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं और अब उनके बल्ले से निकलने वाला हर रन उन्हें सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड के और करीब ले जाएगा। हालांकि, इस रेस में सिर्फ आंकड़े ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। समय और फिटनेस भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। रूट कितने समय तक फिट रहते हैं, कितने टेस्ट मैच खेलते हैं और उनका बल्ला कितनी निरंतरता से रन बनाता है, इन सवालों के जवाब आने वाला वक्त देगा।

सचिन के रिकॉर्ड्स के किले पर रूट ने दी जोरदार दस्तक

फिलहाल इतना तय है कि जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स के किले पर जोरदार दस्तक दे दी है। 68 टेस्ट फिफ्टी के साथ सचिन की बराबरी करने के बाद अब रूट के सामने अपने आंकड़ों को और आगे ले जाने का मौका है।अगर रूट इसी तरह टेस्ट क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे, तो आने वाले समय में सचिन के कई बड़े रिकॉर्ड उनके निशाने पर हो सकते हैं। अब देखना होगा कि रूट इस रिकॉर्ड रेस में कितनी दूर तक पहुंच पाते हैं।