LPU विवाद के बीच मोहम्मद फरहत देव का नाम क्यों आया?
पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी… यानी LPU…जहां एक कथित रेप की खबर ने पूरे कैंपस को आग की तरह जला दिया। तोड़फोड़… आगजनी… पुलिस से झड़प… और अब इस पूरे बवाल के बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है…मोहम्मद फरहत देव।
दरसल पंजाब के फगवाड़ा स्थित प्रसिद्ध लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के गर्ल्स हॉस्टल के पास एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के दावों के सामने आने के बाद से परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। घटना की जानकारी फैलते ही छात्रों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने रात भर परिसर के भीतर जमकर प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुबह छात्रों ने चंडीगढ़-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई है। प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया, मामले की जांच के लिए SIT का भी गठन कर दिया गया।
छात्रा ने फरहत देव पर क्या आरोप लगाए?
दरसल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित रेप और उत्पीड़न के मामले को लेकर शुरू हुआ विरोध अब एक नए विवाद में बदल गया है. कैंपस में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ कैसे हुई, इसमें कौन शामिल था और आखिर DSW में क्या हुआ, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी बीच एक छात्रा के वीडियो ने इस पूरे मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फरहत देव की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
LPU की छात्रा रम्या मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर फरहत देव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रम्या का दावा है कि जिस रात कैंपस में यह सब शुरू हुआ, उस रात DSW के अंदर जाने वाला पहला शख्स फरहत देव था. उन्होंने आरोप लगाया कि फरहत ने एक दूसरे शख्स को अंदर बुलाया और उसके बाद कैमरा तोड़ दिया गया. रम्या के मुताबिक, इसके बाद DSW के अंदर तोड़फोड़ हुई. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
LPU में कितने छात्रों की जांच हो रही है?
दरसल LPU में हुई आगजनी और हिंसा में शामिल छात्रों की जांच के लिए तीन डिसिप्लिनरी मेंबर बनाए जाने की बात कही गई है. करीब 30-40 छात्रों को जांच के दायरे में रखा गया है. इसी दौरान दूसरे छात्रों की तरफ से एक छात्र की पहचान फरहत देव के तौर पर की गई, जिस पर ट्रॉफी तोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। रम्या मिश्रा ने अपने वीडियो में DSW की सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए फरहत देव से सवाल किया. उनका आरोप है कि फरहत छात्रों के बीच गुस्सा बढ़ा रहे थे और खुद को शांतिपूर्ण विरोध का चेहरा बता रहे थे, जबकि DSW में हुई तोड़फोड़ को लेकर भी उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
फरहत देव ने आरोपों पर क्या सफाई दी?
वही छात्रा के आरोप सामने आने के बाद फरहत देव ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर बयान जारी कर अपनी सफाई दी. उनका कहना है कि उन्होंने खुद लोगों को चीजें तोड़ने से रोका था. फरहत ने कहा कि उनके पास उस वक्त के वीडियो मौजूद हैं, जिनमें वहां मौजूद और घटना में शामिल लोग भी दिखाई दे रहे हैं।
फरहत देव ने कहा कि उन्हें उन चीजों के लिए भी जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जो उन्होंने की ही नहीं. उन्होंने टर्नस्टाइल वाली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कई दूसरी चीजें भी बिना पूरे संदर्भ के दिखाई जा रही हैं. उनका कहना है कि वह वहां अकेले नहीं थे और उस वक्त उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि क्या हो रहा है. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ उस लड़की और उसकी सुरक्षा के लिए खड़े हुए थे।
DSW के अंदर जाने को लेकर फरहत ने क्या कहा?
उनके मुताबिक, वह DSW के अंदर गए थे, लेकिन साहिल के बुलाने पर वापस बाहर आ गए. फरहत का कहना है कि इसके बाद उन्हें रुकने और ऐसा न करने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा कि जहां उनकी गलती थी, उन्होंने उसे माना और उसकी जिम्मेदारी ली, लेकिन DSW में ट्रॉफी तोड़ने की घटना में उनका कोई हाथ नहीं था।
इस विवाद के बीच फरहत देव का एक और वीडियो सामने आया है. इसमें वह छात्र-छात्राओं के बीच बैठे हुए उन्हें संबोधित करते नजर आ रहे हैं. वह विश्वविद्यालय में लंबे समय से हो रही घटनाओं और उनकी जवाबदेही को लेकर सवाल उठाते हैं. वीडियो में फरहत अपना हाथ भी दिखाते हैं, जिसमें शीशा घुसने की बात कहते हैं और हाथ पर बैंडेज नजर आता है।
फरहत देव ने यूनिवर्सिटी को लेकर क्या कहा?
फरहत आरोप लगाते हैं कि विश्वविद्यालय में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न आम हो गया है और छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं. उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उल्लंघन हुआ था, जो गलत है, लेकिन इसके बावजूद छात्र अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर इस पूरे विवाद के बीच कुछ लोगों के वीडियो भी सामने आए हैं. इनमें वे फरहत देव को छात्राओं के समर्थन और प्रदर्शनों को लेकर धमकाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में एक शख्स फरहत को संबोधित करते हुए कहता सुनाई देता है कि उसने अच्छा नहीं किया और इसका अंजाम उसे देखना पड़ेगा।
LPU मामले में अब तक क्या सामने आया?
फिलहाल इस पूरे मामले में एक तरफ छात्रा रम्या मिश्रा की तरफ से फरहत देव पर लगाए गए आरोप हैं, तो दूसरी तरफ फरहत देव की सफाई है. इधर LPU में हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर 30-40 छात्रों की जांच की बात कही गई है. वहीं DSW में तोड़फोड़ और फरहत देव की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इनके अलावा पुलिस की तरफ से भी किसी के खिलाफ शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार कह रहा है कि सोशल मीडिया पर फैली कई बातें अफवाह थीं और लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की गई है। अब जांच में CCTV फुटेज, फोरेंसिक सबूत और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि हिंसा के पीछे सिर्फ छात्र थे या बाहरी लोगों की भी भूमिका थी।


