उज्जैन शाही मस्जिद की दीवार हटाने की नौबत क्यों आई?
ये तस्वीरें उज्जैन की शाही मस्जिद की हैं…तस्वीरें इसलिए भी भावुक कर देने वाली हैं, क्योंकि जिस जगह को कभी लोगों ने अपने हाथों से बनाया था… आज उसी जगह की दीवार और जाली हटाने के लिए भी कुछ लोग खुद आगे आए। किसी के लिए ये सिर्फ दीवार का एक हिस्सा है…तो किसी के लिए इससे जुड़ी यादें और आस्था हैं। मामला सिर्फ एक इमारत को हटाने का नहीं है… इसके पीछे सड़क चौड़ीकरण, सिंहस्थ 2028 की तैयारियां, प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुई बातचीत और फिर विरोध-पथराव की पूरी कहानी है। अब सवाल ये है कि आखिर शाही मस्जिद के इस हिस्से को हटाने की नौबत क्यों आई?
दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई जगहों पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इसी प्रस्तावित सड़क की सीमा में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आ रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी सितंबर में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं को खारिज कर चुका है। अदालत के सामने प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण को बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जोड़कर रखा गया था।
मस्जिद की दीवार और जाली हटाते नजर आए लोग
दरसल उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बीच मुस्लिम समाज के कुछ लोग खुद मस्जिद की दीवार और लगी जाली को तोड़ते नजर आए. इस दौरान मौके पर मौजूद लोग भावुक होकर अल्लाह से मदद की दुआ मांगते रहे. वीडियो में लोग बार-बार ‘या अल्लाह कहते हुए मस्जिद को टूटने से बचाने की गुहार लगाते सुनाई दे रहे हैं। मौके पर एक शख्स यह कहते हुए भी सुनाई देता है कि जिन हाथों से कभी मस्जिद को खड़ा किया था, आज उन्हीं हाथों से उसे तोड़ना पड़ रहा है. वह इसे धोखा बताते हुए अल्लाह से मदद की गुहार लगाता है और कहता है कि आज ही लेंटर भी तुड़वा लो. इस दौरान आसपास मौजूद दूसरे लोग भी लगातार दुआ मांगते नजर आ रहे हैं।
आपको बता दे की उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बाद सोमवार सुबह तनाव फैल गया. सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के हिस्से को हटाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच झड़प हो गई. पुलिस के मुताबिक, अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इनमें 5 लोग सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने के आरोप में पकड़े गए हैं।
पथराव के बाद 2,500 पुलिसकर्मी तैनात
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए 5 अन्य लोग उज्जैन के स्थानीय निवासी नहीं हैं. आरोप है कि ये लोग बाहर से उज्जैन में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान हालात को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. करीब 2,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें आसपास के जिलों से आई पुलिस टीमें भी शामिल हैं।
दरसल उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का हिस्सा हटाया जाना था. जिस पर प्रशासन और शहर काजी के साथ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच 11 फीट का हिस्सा हटाने को लेकर रविवार की रात में सहमति बन चुकी थी. सबकुछ सही चल रहा था. लेकिन फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिससे सोमवार सुबह अचानक से मामला सांप्रदायिक तनाव और हिंसा में बदल गया. सोमवार सुबह मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस यहां पहले से ही तैनात थी. ऐसे में भीड़ बढ़ती गई और पथराव हो गया. जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े।
रविवार रात बनी सहमति, फिर सुबह कैसे बढ़ा विवाद?
ऐसे में सवाल यही उठ रहा है कि जब सहमति बन चुकी थी तो फिर विवाद कैसे हुआ? दरअसल, बताया जा रहा है कि रविवार रात प्रशासन और काजी के बीच बैठक के बाद सोशल मीडिया पर कुछ अराजक मैसेज वायरल कर दिए गए. व्हाट्सएप ग्रुप्स और इंस्टाग्राम पर यह मैसेज वायरल हुए थे. भड़काऊ पोस्ट तेजी से वायरल हुआ. ऐसे में रात के समझौते की खबर से ज्यादा यह पोस्ट वायरल हो गई. ऐसे में भ्रामक जानकारी की वजह से विवाद बढ़ता गया.
वही रात में हुआ फैसला सुबह तक आम जनता तक सही तरीके से कम्युनिकेट नहीं हुआ. जहां सोमवार सुबह 8 बजे के आसपास अचानक से भीड़ जमा हो गई. महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल थी। ऐसे में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और इलाके की घेराबंदी कर दी। हालांकि ताजा अपडेट के मुताबिक उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मस्जिद में काम जारी है. उन्होंने बताया कि शाही मस्जिद में मस्जिद कमेटी की ओर से ही तोड़ने का काम शुरू किया गया है।
मस्जिद का कितना हिस्सा सड़क की जद में आ रहा है?
इधर इस पुरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात काबू में हैं. हालांकि, किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल इलाके में तैनात है। वही जिला प्रशासन के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण की जद में मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा आ रहा है. यह सड़क सिंहस्थ के लिए चौड़ी की जा रही है. इस मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई भी होनी है. पुलिस पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।
सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने क्या कहा?
इसके अलावा उज्जैन के जिला कलेक्टर रोशन कुमार ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं. उन्होंने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे और विकास कार्यों में लोग खुद भी सहयोग कर रहे हैं. कलेक्टर के मुताबिक, क्षत्रिय चौक स्थित धार्मिक स्थल क समुदाय के लोग खुद अपने हाथों से शिफ्ट कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से अफवाहों और गलत जानकारी पर ध्यान नहीं देने की अपील की. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और मस्जिद कमेटी की ओर से कार्रवाई जारी है।


