‘मेक इन इंडिया’ के 12 साल पूरे, पीयूष गोयल बोले- भारत अब दुनिया के लिए बना रहा उत्पाद

  • September 26, 2026
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पीयूष गोयल मेक इन इंडिया के 12 साल पूरे होने पर

12 साल पूरे होने पर पीयूष गोयल ने रखी बात

‘मेक इन इंडिया’ के 12 साल पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब केवल अपनी जरूरतों के लिए निर्माण नहीं कर रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए उत्पाद तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक बाजार के लिए निर्माण करने और गुणवत्ता के दम पर दुनिया में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेक इन इंडिया की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर गोयल ने कहा कि यह पहल इस विश्वास पर आधारित है कि भारत वैश्विक बाजार के लिए विनिर्माण कर सकता है और गुणवत्ता के दम पर दुनिया में अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इस बात का उदाहरण है कि जब कोई देश अपनी क्षमताओं पर विश्वास करता है और सरकार लगातार सुधारों तथा ठोस कदमों के जरिए उस विश्वास को मजबूत करती है, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं।

2014 में आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश

पीयूष गोयल ने कहा कि 2014 में भारत में इस्तेमाल होने वाले कई उत्पाद आयात किए जाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश की नियति मानने से इनकार किया और ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए भारत की विनिर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ऐसा भारत बनाना था, जहां दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद गर्व के साथ ‘मेड इन इंडिया’ के टैग के साथ पहचाने जाएं और अपनी गुणवत्ता के लिए जाने जाएं। गोयल के मुताबिक यह दृष्टिकोण अब आकार लेता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इसके समर्थन में कई आंकड़े मौजूद हैं और भारत में उत्पादन तथा निवेश से जुड़े बदलाव इस दिशा में आगे बढ़ने की तस्वीर पेश करते हैं।

भारत में विदेशी निवेश का आंकड़ा

केंद्रीय मंत्री के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में अब तक का सबसे अधिक 84.53 अरब डॉलर का वार्षिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई आया। वहीं वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच कुल एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इन आंकड़ों को भारत में निवेश के बढ़ते स्तर से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए भारत को वैश्विक विनिर्माण के लिए एक प्रमुख स्थान बनाने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन यानी पीएलआई योजनाओं ने इस प्रक्रिया को और गति दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, आईटी हार्डवेयर और स्पेशियलिटी स्टील जैसे क्षेत्रों को इन योजनाओं से लाभ मिला है।

PLI योजनाओं से निवेश और उत्पादन बढ़ा

पीयूष गोयल के अनुसार 31 मार्च 2026 तक पीएलआई योजनाओं के तहत 2.40 लाख करोड़ रुपए का वास्तविक निवेश हुआ। इन योजनाओं के तहत 23.8 लाख करोड़ रुपए का उत्पादन या बिक्री दर्ज की गई, जबकि 15.2 लाख करोड़ रुपए का निर्यात हुआ। इन योजनाओं के जरिए 14.8 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की बात भी कही गई। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, आईटी हार्डवेयर और स्पेशियलिटी स्टील जैसे क्षेत्रों को पीएलआई योजनाओं से काफी लाभ हुआ है। इससे विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में काम हुआ है। सरकार की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों के लिए किए गए सुधारों और प्रोत्साहन योजनाओं को इस प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया।

ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी विकसित हो रही हैं

देशभर में ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी विकसित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इन औद्योगिक केंद्रों के जरिए निवेश, उत्पादन और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की योजना है। पीयूष गोयल ने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से जुड़े सुधारों ने कारोबारी नियमों को सरल बनाया है और अनुपालन का बोझ कम किया है। प्रमुख क्षेत्रों में किए गए सुधारों ने निवेश और विनिर्माण के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं ने इस प्रक्रिया को और गति दी है।