राम मंदिर चढ़ावा चोरी: करोड़ों की चोरी, खरीदे आलीशान घर और कार; पुलिस के खुलासे से मचा हड़कंप

  • September 26, 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की चार्जशीट और जांच

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चार्जशीट से बड़े खुलासे

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस की चार्जशीट ने कई बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए दिखाई दिया। जांच में सिर्फ नकदी निकालने का आरोप ही नहीं है… बल्कि पुलिस ने रकम से कार, मकान और दूसरी संपत्तियां खरीदने का भी दावा किया है। करीब 73 हजार 480 पन्नों की चार्जशीट में CCTV, मोबाइल चैट, CDR, बैंक ट्रांजैक्शन और बरामदगी को अहम सबूत बनाया गया है।

दरसल अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है. मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को जांच में क्लीन चिट दी गई है. पुलिस ने इस मामले में कुल 133 लोगों को गवाह बनाया है. पुलिस ने चढ़ावा चोरी की एफआईआर दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को मामले में पहला गवाह बनाया है. इसके अलावा चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी गवाहों में शामिल हैं. कोतवाली इंस्पेक्टर, राम जन्मभूमि थाना इंस्पेक्टर और सीओ अयोध्या समेत कुल 27 पुलिसकर्मियों को भी केस में गवाह बनाया गया है।

CCTV में कितनी बार चोरी करने का आरोप?

पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत के तौर पर सामने आया है. जांच के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला सबसे ज्यादा बार चढ़ावा चोरी करते हुए कैमरे में दिखाई दिया. पुलिस का दावा है कि अविनाश 85 बार खुद चोरी करते और चार बार चोरी में मदद करते हुए CCTV में कैद हुआ. आरोपी करुणेश पांडे पर दो बार खुद चोरी करने और 68 बार चोरी में मदद करने का आरोप है. वहीं लव कुश मिश्रा एक बार चोरी और 52 बार चोरी में मदद करते हुए पाया गया. अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार चोरी में मदद करने का आरोप है, जबकि रमाशंकर मिश्रा पर एक बार चोरी करने का आरोप लगाया गया है।

जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि आस्था के नाम पर चुराए गए इन पैसों से आरोपियों ने अपनी निजी संपत्ति खड़ी कर ली. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लाखों रुपये की भारतीय मुद्रा, अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, लवकुश मिश्रा ने चोरी के पैसों से जमीन और मकान खरीदने में लगभग 43.43 लाख रुपये खर्च किए. वहीं, आरोपी अनुकल्प के पिता के लिए खरीदे गए मकान में भी इसी अपराध की काली कमाई का इस्तेमाल किया गया. आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों की पड़ताल में लाखों रुपये कैश जमा होने की पुष्टि हुई है।

वही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने आधिकारिक बयान में 4 जून की उस घटना का विशेष उल्लेख किया है, जब गिनती के दौरान संदेह होने पर जांच की गई और बाथरूम से भारी नकदी बरामद हुई थी. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल चैट और (CDR) खंगाले हैं, जिससे यह साबित हुआ कि सभी आरोपी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और योजनाबद्ध तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे थे।

मनीष यादव की नौकरी के बाद चोरी बढ़ने का पुलिस का दावा

वही अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भतीज मनीष यादव को अप्रैल 2026 में नौकरी दिलाई गई थी. जाच के मुताबिक, मनीष ने 15 अप्रैल से 3 जून के बीच 16 बार खुद चोरी की और 19 बार अन्य आरोपियों की मदद की. इस तरह करीब 50 दिन की नौकरी के दौरान वह 35 बार चोरी करने या उसमें मदद करने में कथित रूप से शामिल रहा। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सात आरोपियों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये बरामद किए गए हैं. वहीं मामले के सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों में कुल 98 लाख 30 हजार रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है. जांच में रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस का आरोप है कि उसने 25 और 30 मई को अविनाश शुक्ला को चोरी करने में मदद की थी. सुभाष को 7 जनवरी 2022 से दानपात्र में आए चढ़ावे की रकम बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।

सुभाष श्रीवास्तव पर भी पुलिस ने लगाए आरोप

जांच के मुताबिक, आरोपियों ने ज्यादा रकम चोरी करने के लिए सुभाष को अपने साथ मिला लिया था. आरोप है कि सुभाष के कहने पर सुरक्षा गार्ड चढ़ावा चोरी करने वाले आरोपियों की आते-जाते समय चेकिंग नहीं करते थे. पुलिस का दावा है कि अप्रैल 2026 में मनीष यादव की नौकरी लगने के बाद आरोपी मिलकर बड़ी रकम चोरी करने लगे। फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बरामद रकम, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर मामले की जांच पूरी कर ली है।