बीरभूम में बारूद का जखीरा बरामद, दो शातिर गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में किसी बड़ी विनाशकारी साजिश को विफल करते हुए बीरभूम जिले में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस सफल ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ ने भारी मात्रा में घातक वाणिज्यिक व सैन्य ग्रेड के विस्फोटक जब्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान कुल 1,150 उच्च तीव्रता वाली जिलेटिन स्टिक, 989 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और करीब 12,000 मीटर लंबी डेटोनेटिंग कॉर्ड (विस्फोटक फ्यूज तार) बरामद की गई है। मौके से दो सक्रिय तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान राजग्राम निवासी मोहम्मद रेजा शेख उर्फ पिंटू और सूरी के चिलपाड़ा निवासी मुकेश सिंह के रूप में हुई है। इस भयानक खेप के पकड़े जाने के बाद पश्चिम बंगाल विस्फोटक बरामद का यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के रडार पर आ गया है।
अवैध कोयला खनन और आपराधिक गिरोहों से जुड़े तार
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद रेजा शेख का नाम लंबे समय से बीरभूम और रानीगंज बेल्ट में सक्रिय अवैध कोयला माफिया और अंतर-राज्यीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा रहा है। जांच दल यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि यह विस्फोटक केवल अवैध कोयला खदानों में ब्लास्टिंग के लिए मंगाया गया था या फिर इसका इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले या राजनीतिक हिंसा को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
विस्फोटकों की भारी और असामान्य मात्रा को देखते हुए पश्चिम बंगाल का आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) भी जांच में औपचारिक रूप से शामिल हो गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि विस्फोटकों की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) और मूल स्रोत का पर्दाफाश किया जा सके। इस तरह पश्चिम बंगाल विस्फोटक बरामद की कड़ियां अंतर-राज्यीय तस्करों से जुड़ती दिख रही हैं।
पांडवेश्वर में भी मिले 21 अवैध हथियार और कारतूस
बीरभूम की इस कार्रवाई के समानांतर, एसटीएफ की दूसरी विंग ने पश्चिम बर्दवान जिले के पांडवेश्वर इलाके में एक अन्य गुप्त ठिकाने पर दबिश देकर 21 अवैध आग्नेयास्त्र और 65 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए। यह बरामदगी एक पुराने अवैध हथियार तस्करी मामले की जांच की कड़ी में हुई, जिसके तहत अब तक कुल 38 हथियार और 122 राउंड कारतूस जब्त किए जा चुके हैं।
जब्त हथियारों में 14 लंबी मस्कट बंदूकें, 4 अत्याधुनिक 7.65 एमएम की ऑटोमैटिक पिस्टल, 11 देशी पाइप गन और भारी मात्रा में मैगजीन शामिल हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियां इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का संबंध सीमा पार बांग्लादेश के किसी कट्टरपंथी गुट या माओवादी संगठन से तो नहीं है। लगातार हो रही इन बरामदगियों के बाद पश्चिम बंगाल विस्फोटक बरामद के मामले ने सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट की स्थिति पैदा कर दी है।


