लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में आगःप्लास्टिक से बने 17 कमरे जले

  • October 7, 2026
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लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में आग लगने की घटना

एयरपोर्ट परिसर के लेबर कैंप में लगी आग

लखनऊ एयरपोर्ट परिसर में बने लेबर कैंप में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में तीन मंजिला इमारत जल गई। धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में दो मजदूर घायल हुए हैं।

एक मजदूर आग की चपेट में आने से झुलस गया, जबकि दूसरा दूसरी मंजिल से कूदने के कारण चोटिल हुआ। जिस इमारत में आग लगी, वह एयरपोर्ट टर्मिनल से करीब 800 मीटर दूर बताई गई है। यह इमारत मजदूरों के रहने के लिए अस्थायी तौर पर बनाई गई थी। इसमें PVC यानी प्लास्टिक से बने कमरे थे। इसी वजह से आग तेजी से फैल गई। लखनऊ लेबर कैंप आग की घटना में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

इमारत में बने 22 कमरों में से 17 जले

एयरपोर्ट परिसर की इस इमारत में प्रत्येक तल पर 11-11 कमरे बनाए गए थे। कुल 22 कमरे थे, लेकिन आग में 17 कमरे जल गए। इस परिसर में करीब 300 मजदूर रहते हैं। ये मजदूर एयरपोर्ट परिसर में एक होटल के निर्माण का काम कर रहे हैं। सीतापुर निवासी रामपाल ने बताया कि वह नाइट ड्यूटी के बाद सो रहा था। इसी दौरान नीचे वाले फ्लोर पर आग लग गई। देखते ही देखते करीब 15 कमरे जल गए। रामपाल ऊपर वाले कमरे में था, इसलिए किसी तरह सुरक्षित निकल गया। आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग से प्रभावित इमारत अस्थायी रूप से मजदूरों के रहने के लिए तैयार की गई थी और उसमें प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। यही कारण बताया गया कि आग काफी तेजी से फैली।

विमानों की आवाजाही पर कोई असर नहीं

हादसे के बावजूद एयरपोर्ट पर विमानों के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। आग टर्मिनल से करीब 800 मीटर दूर मजदूरों के लिए बनाए गए कैंप में लगी थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। घटना के बाद आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि आग किस वजह से लगी और प्लास्टिक से बने अस्थायी कमरों में आग इतनी तेजी से कैसे फैली। लखनऊ लेबर कैंप आग में घायल दोनों मजदूरों को उपचार के लिए भेजा गया। घटना के दौरान एयरपोर्ट परिसर में बने अस्थायी श्रमिक आवास की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आई है। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद आग लगने की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।