बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़: सावन की अंतिम सोमवारी पर कई श्रद्धालु घायल, सुरक्षा बढ़ी

  • August 24, 2026
  • 0
  • 28 Views
बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ के बाद घायल श्रद्धालु और सुरक्षा व्यवस्था

बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ से मची अफरा-तफरी

बिहार के मधेपुरा के सुप्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर आस्था का भारी सैलाब उमड़ पड़ा, लेकिन इसी अनियंत्रित भीड़ के बीच अचानक बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ मचने से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी फैल गई। जलाभिषेक के लिए कतार में लगे श्रद्धालुओं के बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। हालांकि, मुस्तैद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को फौरन नियंत्रण में ले लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण अहले सुबह से ही बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। जलार्पण और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगातार लंबी होती जा रही थीं और भीड़ का दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात ऐसे बन गए कि लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे मंदिर प्रांगण में कुछ समय के लिए दहशत और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।

सिंहेश्वर धाम में भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात

दरअसल बिहार के मधेपुरा स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर भोले बाबा का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने लगा था। श्रद्धालु एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में बेकाबू होते चले गए, जिससे मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पल भर में ही वहां डर और चीख-पुकार का माहौल बन गया और लोग अपनों को बचाने में जुट गए। वहीं, इस अफरा-तफरी में करीब आधा दर्जन श्रद्धालु चोटिल हो गए। घायलों में चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। वहीं सुरक्षा बलों ने भीड़ में दबी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों का इलाज मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। हादसे के बाद मधेपुरा पुलिस की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई, जिसमें कहा गया है कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।

मुख्य द्वार पर भीड़ का दबाव बढ़ा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

गौरतलब है कि अंतिम सोमवारी के कारण मंदिर में पहले से ही भारी भीड़ का अनुमान था, जिसको लेकर जिला प्रशासन सतर्क था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद व्यवस्थाओं पर निगरानी रख रहे थे। भीड़ बढ़ते ही सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालकर बड़ा हादसा होने से टाल दिया।

दरअसल, यह घटना सुबह 6:25 से 7:00 बजे के बीच सिंहेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर घटी। प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक होने से भीड़ बेकाबू हो गई और अफरा-तफरी के बीच कुछ श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ के नीचे दब गए। जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भीड़ को किनारे कर दबे हुए लोगों को निकाला। वहीं, घटना के तुरंत बाद पूरे मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि प्रशासन की सतर्कता से स्थिति पर काबू पा लिया गया है और पूजा-अर्चना दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो गई है। इधर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मधेपुरा के एडीएम अरुण कुमार ने स्थिति संभालने के निर्देश दिए। जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई और स्थिति को नियंत्रण में किया।

चार श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी

जानकारी के मुताबिक घायल श्रद्धालुओं में चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में रात 12.30 बजे सरकारी पूजा शुरू हुई, इसके उपरांत रात एक बजे बाबा का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। मंदिर के बाहरी परिसर स्थित मुख्यद्वार के बगल से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध होकर प्रवेश कराया जा रहा था। भीड़ को देखते हुए मुख्यद्वार को खोलते ही अहले सुबह चार बजे भगदड़ हो गई। जिसमें चार श्रद्धालु गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गए, जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु चोटिल हुए हैं। आधे दर्जन पुलिस कर्मी भी जख़्मी हैं।

अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी

फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है। इस अप्रिय घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और भीड़ की आवाजाही पर सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, इस घटना ने मंदिर में भीड़ प्रबंधन के पूर्व-निर्धारित दावों और सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मंदिर में पूजा-अर्चना सुचारू रूप से जारी है।

प्रशासन की अपील- जल्दबाजी न करें, कतार में रहें

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी तरह की जल्दबाजी न करें और कतार में रहकर सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ के बाद प्रशासन की प्राथमिकता अब श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में उमड़ी इस विशाल भीड़ के बीच हुए हादसे के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि आस्था के इस पर्व के दौरान किसी और अप्रिय घटना की नौबत दोबारा न आए। फिलहाल बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पूजा-अर्चना भी जारी है।