AIAPGET 2026: जयपुर में बिजली गुल, 49 अभ्यर्थियों का री-एग्जाम

  • August 22, 2026
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AIAPGET परीक्षा में बिजली गुल होने के बाद 49 उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट, AIAPGET को लेकर अहम फैसला लिया है। जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने की वजह से प्रभावित हुए 49 अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। NTA के इस फैसले का मकसद उन उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर देना है, जिनकी परीक्षा के दौरान तकनीकी और बिजली संबंधी समस्या के कारण परेशानी हुई थी।

AIAPGET क्यों है उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण?

AIAPGET देशभर में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी में पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं और उनके लिए परीक्षा का हर मिनट बेहद अहम होता है। ऐसे में, परीक्षा के दौरान बिजली की समस्या आने से उम्मीदवारों की तैयारी और प्रदर्शन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

जयपुर परीक्षा केंद्र पर क्या हुआ?

जानकारी के मुताबिक, जयपुर के संबंधित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। चूंकि AIAPGET कंप्यूटर आधारित परीक्षा है, इसलिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति परीक्षा संचालन के लिए बेहद जरूरी है। बिजली गुल होने की स्थिति में कंप्यूटर सिस्टम और परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिससे उम्मीदवारों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

NTA ने 49 उम्मीदवारों के लिए लिया री-एग्जाम का फैसला

घटना के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पूरे मामले की समीक्षा की। एजेंसी ने यह आकलन किया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर किन उम्मीदवारों पर पड़ा और परीक्षा के दौरान उन्हें किस तरह की परेशानी हुई।

समीक्षा के बाद, NTA ने प्रभावित 49 उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। NTA का यह कदम परीक्षा में समान अवसर और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में उम्मीदवारों का प्रदर्शन सीधे उनके आगे के शैक्षणिक करियर से जुड़ा होता है। ऐसे में, अगर परीक्षा के दौरान किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से उम्मीदवारों को परेशानी होती है, तो उन्हें दोबारा अवसर देना परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

जयपुर सेंटर पर प्रभावित हुए उम्मीदवारों के लिए यह री-एग्जाम एक नई शुरुआत जैसा होगा। अब उन्हें बिना उस व्यवधान के परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, जिसका सामना उन्हें पहली बार करना पड़ा था। हालांकि, दोबारा परीक्षा की तैयारी करना उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त चुनौती भी हो सकती है, क्योंकि उन्हें फिर से परीक्षा के माहौल में लौटना होगा।

AIAPGET से आयुष के पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला

AIAPGET के जरिए उम्मीदवार आयुष क्षेत्र के विभिन्न पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों में प्रवेश हासिल करने की कोशिश करते हैं। आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी में विशेषज्ञता हासिल करने के इच्छुक छात्रों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। परीक्षा में प्राप्त प्रदर्शन उनके आगे के दाखिले और करियर के अवसरों पर असर डाल सकता है।

पूरे देश के उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा नहीं होगी

NTA की ओर से दोबारा परीक्षा का फैसला केवल उन 49 उम्मीदवारों के लिए है, जिन्हें जयपुर केंद्र पर बिजली की समस्या से प्रभावित माना गया है। इसका मतलब यह है कि यह पूरे देश के उम्मीदवारों के लिए दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा नहीं है। बाकी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रक्रिया पहले से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही चलेगी।

अब प्रभावित उम्मीदवारों की नजर NTA की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी पर होगी। री-एग्जाम की तारीख, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह होगी कि वे किसी भी अनधिकृत सूचना पर भरोसा करने के बजाय NTA के आधिकारिक अपडेट को ही अंतिम मानें।

कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में बुनियादी ढांचे की अहमियत

इस पूरे घटनाक्रम ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में बुनियादी ढांचे की अहमियत को भी सामने ला दिया है। डिजिटल परीक्षा प्रणाली ने परीक्षाओं को अधिक व्यवस्थित और तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके लिए बिजली, कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का सुचारु रहना जरूरी है। इनमें से किसी एक व्यवस्था में भी गड़बड़ी होने पर बड़ी संख्या में उम्मीदवार प्रभावित हो सकते हैं।

49 उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा का अवसर

कुल मिलाकर, जयपुर के परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण प्रभावित हुए 49 उम्मीदवारों को अब AIAPGET में दोबारा शामिल होने का अवसर मिलेगा। NTA ने परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है, ताकि किसी तकनीकी व्यवधान के कारण उम्मीदवारों के प्रदर्शन और भविष्य के अवसर प्रभावित न हों। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। फिलहाल, प्रभावित उम्मीदवारों को री-एग्जाम की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी के लिए NTA के आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना होगा।