इंडिया गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग का मुद्दा
नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के पद को लेकर अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब विपक्षी दल मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
SIR और वोटर लिस्ट पर विपक्ष की चिंता
बैठक में मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर चर्चा हुई। खरगे ने कहा कि वोटर लिस्ट में हर बदलाव पर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उनके मुताबिक निर्वाचन क्षेत्र और बूथ के हिसाब से मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आनी चाहिए। उन्होंने आगामी चुनावों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से पहले वाली मतदाता सूची के इस्तेमाल की मांग भी रखी। विपक्ष की ओर से यह मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में कहा कि एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य भारत के लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। उनके मुताबिक विपक्षी दल लंबे समय से ईवीएम, मतदाता सूची में कथित हेरफेर और अस्पष्ट बदलावों से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं। बैठक में मतदाता सूची को लेकर यह भी कहा गया कि अगर किसी मतदाता का नाम हटाया जाता है तो उसे इसकी जानकारी दी जानी चाहिए और उसके पास अपनी पात्रता साबित करने तथा अपील करने का प्रभावी रास्ता होना चाहिए।
मतदाता सूची में बदलाव पर पारदर्शिता की मांग
खरगे ने कहा कि मतदाता सूची में हर बदलाव की जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए। इसमें निर्वाचन क्षेत्र और बूथ के स्तर पर नाम जोड़ने, नाम हटाने और सुधार की जानकारी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक और पात्र मतदाता किसी प्रशासनिक प्रक्रिया की वजह से मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। विपक्षी गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग से जुड़ी इसी तरह की चिंताओं पर चर्चा हुई।
खरगे ने दावा किया कि करीब 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम हटाया जाता है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि नाम किसका हटाया गया और उसे हटाने का कारण क्या था। यह दावा कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से बैठक में रखा गया। उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में पारदर्शिता जरूरी है और लोगों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उनका नाम सूची में है या नहीं और अगर हटाया गया है तो उसका कारण क्या है।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर विपक्षी सवाल
बैठक में विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को साफ और अपडेट करने की प्रक्रिया की जानकारी दे रहा है, लेकिन अगर बड़ी संख्या में मतदाताओं को सूची से बाहर किया जाता है या उन्हें दोबारा अपनी पात्रता साबित करनी पड़ती है तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वास्तविक और पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हों।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहनी चाहिए। इंडिया गठबंधन की बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से पहले वाली मतदाता सूची के इस्तेमाल की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही मतदाता सूची में बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही गई। खरगे के मुताबिक निर्वाचन क्षेत्र और बूथ के स्तर पर नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की जानकारी सामने आनी चाहिए। इससे मतदाता सूची में हुए बदलावों को समझने और उनकी प्रक्रिया को देखने में मदद मिलेगी।
विपक्षी दलों की एकजुटता की अपील
बैठक में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की बात भी सामने आई। खरगे ने इन मुद्दों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए विपक्षी दलों से साथ मिलकर अपनी बात रखने की अपील की। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग इसी बैठक में रखी गई। इसके साथ मतदाता सूची में बदलाव, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए गए।
यह बैठक ऐसे समय हुई जब चुनाव आयोग से जुड़ी मतदाता सूची की प्रक्रिया पर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बदलाव और SIR से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। वहीं चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इंडिया गठबंधन की बैठक में इन मुद्दों को एक साथ रखते हुए मतदाता सूची में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अपनी मांगें रखी गईं। ज्ञानेश कुमार को लेकर खरगे की मांग इसी व्यापक चर्चा का हिस्सा रही।


