नेवी को 18 वॉरशिप, राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान- हमारा टारगेट साफ है, समुद्र मंथन की तैयारी

  • October 1, 2026
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय नौसेना को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए

भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली। समुद्र में भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए नौसेना की क्षमता लगातार बढ़ाने पर जोर दे रहा है। भारतीय नौसेना की भूमिका समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा से जुड़े हितों की रक्षा में भी महत्वपूर्ण बताई गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की तैयारियों और स्वदेशी युद्धपोत निर्माण को लेकर बड़ा ऐलान किया है। राजनाथ सिंह ने दिल्ली में भारतीय नौसेना की साल में दो बार होने वाली ‘कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026’ के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल 18 युद्धपोतों को शामिल करने या कमीशन करने की योजना है।

एक साल में बड़ा विस्तार

रक्षा मंत्री ने कहा कि 18 वॉरशिप को शामिल करने की योजना भारतीय नौसेना के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे नौसेना के इतिहास में एक ही साल में किया गया सबसे बड़ा विस्तार बताया। उनके मुताबिक इस साल 18 युद्धपोतों को शामिल करने या कमीशन करने की योजना है। उन्होंने भारतीय नौसेना की क्षमता और उसकी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि देश अपने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। नौसेना ने समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े हितों की रक्षा के लिए ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ भी चलाया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने जिस तरह समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े हितों की रक्षा के लिए काम किया है, उससे हिंद महासागर क्षेत्र और उसके आगे एक भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा साझेदार के रूप में उसकी भूमिका और मजबूत हुई है। उन्होंने नौसेना की भूमिका को केवल समुद्री क्षेत्र तक सीमित नहीं बताया, बल्कि भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों की सुरक्षा से भी जोड़ा। समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है क्योंकि समुद्र से जुड़े हितों में सुरक्षा और ऊर्जा दोनों शामिल हैं।

स्वदेशी युद्धपोत निर्माण पर जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना का युद्धपोत उत्पादन इकोसिस्टम अब वैश्विक मानकों को पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कमीशन किए गए युद्धपोतों में 75 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री है। यह जानकारी भारत में रक्षा निर्माण की बढ़ती स्वदेशी क्षमता के संदर्भ में दी गई। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे युद्धपोतों में देश में निर्मित सामग्री और तकनीकी क्षमता की हिस्सेदारी बढ़ रही है।

समुद्री निगरानी ढांचे को बेहतर बनाने की बात

राजनाथ सिंह ने मौजूदा सिस्टम के महत्व को समझाते हुए भारत के समुद्री निगरानी ढांचे को काफी बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समुद्री यातायात की बढ़ती मात्रा और उसकी जटिलता को देखते हुए बेहतर विश्लेषणात्मक क्षमताओं की आवश्यकता है। उनके मुताबिक समुद्री क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ रही हैं और इनके लिए निगरानी तथा विश्लेषण की क्षमता को मजबूत करना जरूरी है। नौसेना को इन बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी तैयारियों को बनाए रखने पर जोर दिया गया।

रक्षा मंत्री ने बताया कि नौसेना ने समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े हितों की रक्षा के लिए ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ चलाया। इसके जरिए हिंद महासागर क्षेत्र और उसके आगे समुद्री सुरक्षा साझेदार के रूप में नौसेना की भूमिका को और मजबूत किया गया। उन्होंने नौसेना की भूमिका को देश की आर्थिक सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और शक्ति प्रदर्शन से भी जोड़ा। इस दौरान भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

विकसित भारत 2047 के विजन में भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नौसेना के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि इंडियन नेवी विकसित भारत 2047 के विजन में एक रणनीतिक आधार के रूप में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना आर्थिक सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और शक्ति प्रदर्शन को मजबूत करती है। रक्षा मंत्री ने बदलती चुनौतियों के बावजूद उच्च स्तर की युद्ध तत्परता बनाए रखने और पूरे क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में नौसेना की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना से भविष्य के लिए तैयार रहने और युद्ध के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। उन्होंने नौसेना से विश्व स्तर पर सम्मानित बल के रूप में अपनी निरंतर गति बनाए रखने को कहा। रक्षा मंत्री ने बदलती चुनौतियों के बीच उच्च स्तर की युद्ध तत्परता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक गहराई और क्षेत्रीय शक्ति प्रदर्शन सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना की भूमिका महत्वपूर्ण है।

18 युद्धपोतों के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर

इस साल 18 वॉरशिप शामिल करने की योजना के साथ भारतीय नौसेना की क्षमता में विस्तार की बात सामने आई है। साथ ही हाल में कमीशन किए गए युद्धपोतों में 75 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री होने की जानकारी भी दी गई है। इससे नौसेना के युद्धपोत निर्माण इकोसिस्टम में स्वदेशी सामग्री की भूमिका का पता चलता है। राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की मौजूदा क्षमताओं को और मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने पर जोर दिया।