एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारत की टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु शामिल थे। तीनों ने फाइनल में चीन की टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 238-234 के अंतर से अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में लगातार तीसरा टीम गोल्ड हासिल किया।
फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। भारत शुरुआत से ही मुकाबले में बढ़त बनाने में कामयाब रहा। फाइनल के शुरुआती दौर में भारतीय तीरंदाजों ने सटीक निशाने लगाए और चीन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि चीन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी बढ़त को बनाए रखा। मुकाबले के दौरान भारत और चीन के बीच अंकों का अंतर लगातार बदलता रहा और अंतिम चरण तक मुकाबला तनावपूर्ण बना रहा। तीसरे और पांचवें शॉट में भारत के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव आया। शुरुआती एंड के बाद भारत 58-60 के स्कोर के साथ पीछे भी हुआ। इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने अगले एंड में छह परफेक्ट 10 के साथ जवाब दिया। इसके बावजूद भारत 118-120 से पीछे था। तीसरे एंड के बाद अंतर घटकर 177-179 रह गया। ऐसे समय में चीन के जियाओ लियाओ ने 8 का शॉट लगाया, जिससे भारत के लिए वापसी का रास्ता खुल गया।
आखिरी शॉट में भारत ने पलटा मुकाबला
अंतिम छह शॉट में भारतीय तीरंदाजों ने बिना किसी गलती के 238 का स्कोर खड़ा किया और एक अंक के अंतर से मुकाबला जीत लिया। भारत की इस जीत में आखिरी चरण का प्रदर्शन निर्णायक रहा। चीन की टीम ने अंतिम चरण में 234 अंक पर अपना मुकाबला समाप्त किया, जबकि भारतीय टीम ने 238 अंक हासिल किए। इस तरह गोल्डन हैट्रिक पूरी करते हुए भारत ने चीन को फाइनल में मात दी। इससे पहले भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 236-228 से हराया था। कोरियाई टीम में चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंगहो शामिल थे। सेमीफाइनल में जीत के बाद भारतीय टीम फाइनल में पहुंची और चीन के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबला खेला।
कंपाउंड तीरंदाजी में भारत का दबदबा
भारत ने इस प्रतियोगिता में कंपाउंड तीरंदाजी की तीनों टीम स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतकर क्लीन स्वीप किया। पुरुष टीम के स्वर्ण से पहले भारतीय मिश्रित कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड जीता था। इस जीत से 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी पक्का हुआ था। इसके बाद भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने भी चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। महिला टीम में चीकिथा तनीपार्थी, पृथा प्रवीण और ज्योति सुरेखा वेन्नम शामिल थीं। महिला टीम ने चीन को हराते हुए विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला स्कोर भी बनाया।
भारतीय पुरुष टीम की इस जीत का एक और महत्व है। भारत ने हांगझोऊ 2022 में जीते गए तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम खिताब को 2026 में भी बरकरार रखा है। यानी पुरुष, महिला और मिश्रित तीनों टीम स्पर्धाओं में भारत ने लगातार दूसरी बार अपना दबदबा कायम किया है। चीन के खिलाफ फाइनल में जीत के साथ भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स में एक और स्वर्ण अपने नाम किया। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि फाइनल में चीन के खिलाफ शुरुआत से लेकर आखिरी शॉट तक मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय तीरंदाजों ने संयम और सटीकता बनाए रखी।
भारत की पदक तालिका में बढ़ोतरी
इस स्वर्ण पदक के साथ एशियन गेम्स में भारत के पदकों की संख्या भी बढ़ी। इसी दिन भारत ने अन्य खेलों में भी पदक हासिल किए। तीरंदाजी के साथ शूटिंग और एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते। पुरुष कंपाउंड टीम का स्वर्ण भारत के लिए उस दिन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। इस तरह गोल्डन हैट्रिक ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी अभियान को और मजबूत किया। पुरुष कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड जीता और भारत ने इस स्पर्धा में लगातार तीसरे टीम खिताब के साथ अपनी स्थिति मजबूत की।


