IIT बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर सस्पेंड, संस्थान ने मांगी माफी; कहा- छात्र नकल करते पकड़ा गया था

  • September 22, 2026
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IIT बॉम्बे कैंपस में छात्र की मौत के बाद प्रोफेसर सस्पेंड

IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुला को डीन पद से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, संस्थान ने साहिल की मौत को लेकर पहले जारी किए गए अपने बयान के लिए माफी भी मांगी है। संस्थान ने कहा कि पूरी जांच होने से पहले साहिल के बारे में कुछ भी कहना सही नहीं था। 22 साल के साहिल वाकोड़े IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकेंड ईयर के छात्र थे। 18 सितंबर की रात वह पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे।

IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि घटना वाले दिन साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान की ओर से यह भी कहा गया था कि साहिल पर परीक्षा के प्रश्नपत्र को अपलोड करने की कोशिश करने का आरोप था। इसके बाद वह हॉस्टल गए और बाद में उनकी मौत की जानकारी सामने आई।

संस्थान ने पहले दिए बयान पर मांगी माफी

साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे की ओर से दिए गए शुरुआती बयान को लेकर छात्रों में नाराजगी सामने आई। छात्रों का कहना था कि छात्र की मौत की पूरी जांच होने से पहले उसके बारे में इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं था। इसके बाद संस्थान ने अपने बयान को लेकर माफी मांगी। संस्थान ने कहा कि साहिल की मौत से पहले क्या हुआ था, इसकी पूरी जांच होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना या कोई बात कहना सही नहीं था। संस्थान ने इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुला को डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के पद से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई छात्र की मौत से जुड़े घटनाक्रम और उसके बाद सामने आए विवाद के बीच की गई है।

निदेशक के इस्तीफे को लेकर छात्रों की मांग

इस मामले के बीच IIT बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे के इस्तीफे को लेकर भी छात्रों की मांग सामने आई। हालांकि, संस्थान की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है। इससे पहले रविवार देर रात निदेशक ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ करीब तीन घंटे बैठक की थी। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह इस्तीफा देंगे। निदेशक ने छात्रों की 13 मांगों वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी किए थे। इसमें मांगों को लेकर हर सप्ताह अपडेट देने की बात कही गई थी। छात्रों ने संस्थान से मामले को लेकर जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की मांग की।

छात्रों ने रखीं कई मांगें

छात्रों ने संस्थान से सार्वजनिक माफी की मांग भी की। इसके अलावा छात्रों की ओर से ओपन हाउस आयोजित करने की मांग रखी गई, ताकि घटना से जुड़े सवाल सीधे संस्थान के सामने रखे जा सकें। छात्रों ने जवाबदेही तय करने की मांग के साथ-साथ उन छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी, जिन्होंने इस साल IIT बॉम्बे में जान गंवाई है। संस्थान की एक पुरानी लिंक्डइन पोस्ट को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि उसमें साहिल के बारे में अधूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे उसकी छवि पर असर पड़ा। इसके अलावा छात्रों ने निदेशक, डीन और साहिल के विभागाध्यक्ष के साथ ओपन हाउस आयोजित करने की मांग की, ताकि घटना से जुड़े सवाल सीधे पूछे जा सकें और छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर मिले।

IIT बॉम्बे में छात्रों की सुरक्षा और जवाबदेही का मुद्दा

साहिल वाकोड़े की मौत के बाद कैंपस में छात्रों की मांगों और संस्थान की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हुई है। छात्रों ने कहा कि घटना से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए और जांच की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। साथ ही छात्रों ने इस साल IIT बॉम्बे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग भी रखी है। संस्थान की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। वहीं, छात्रों की ओर से घटना को लेकर उठाए गए सवालों और मांगों पर संस्थान की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।