रिटायरमेंट के लिए समय रहते तैयारी
देश में रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर लोगों में काफी जागरूकता देखी जा रही है। इस मामले के कई जानकार बताते हैं कि आप जितनी कम उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग की शुरुआत कर देते हैं, वह आपके लिए उतना ही बेहतर होता है। हममें से अधिकांश ने उस दिन के बारे में कल्पना करने में कई खास पल बिताए हैं जब हम रिटायर यानी सेवानिवृत्त हो सकेंगे और काम पर नहीं जाना पड़ेगा। हम एक सुखमय सेवानिवृत्ति का सपना देखते हैं, खुद को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होते हुए कल्पना करते हैं। हालांकि, जब वह समय आएगा, तो हममें से कुछ ही लोग इस सेवानिवृत्ति जीवन का आनंद ले पाएंगे। अगर आप भी रिटायरमेंट की जिंदगी को शानदार तरीके से जीना चाहते हैं तो समय रहते हुए रिटायरमेंट प्लानिंग की शुरुआत कर दें। इसके लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना होगा, जिन्हें एक्सपर्ट्स ने बताया है।
हमेशा काम करते रहना संभव नहीं
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए तीन अहम बातें बताई गई हैं। इनमें सबसे पहली बात यह है कि आप हमेशा काम नहीं कर सकते। हममें से कई लोग रिटायरमेंट के बाद भी काम करना चाहते हैं। लेकिन क्या यह कम आमदनी लंबे समय तक चल पाएगी? इसलिए काम बंद करने के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के लिए सेवानिवृत्ति योजना बनाना आवश्यक है। भविष्य के लिए पहले से पैसा बचाना और निवेश करना जरूरी है, ताकि नौकरी या नियमित आमदनी बंद होने के बाद भी जीवन की जरूरतें पूरी की जा सकें। भविष्य में आर्थिक परिस्थितियां बदल सकती हैं। अचानक किसी बड़े निवेश की जरूरत पड़ सकती है या कोई ऐसी स्थिति आ सकती है, जिसमें अतिरिक्त पैसे की आवश्यकता हो। अच्छी बचत और सही निवेश ऐसी अप्रत्याशित परिस्थितियों और चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकते हैं।
स्वास्थ्य खर्च को नजरअंदाज न करें
समय बीतने के साथ स्वास्थ्य समस्याएं आम हो जाती हैं। रिटायरमेंट के बाद आपको इन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनके इलाज का खर्च आपकी बचत पर भारी असर डाल सकता है और ठीक होने के बाद आपको आर्थिक रूप से कमजोर कर सकता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर एक्सपर्ट कहते हैं कि आपको समय से पहले रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए। सिर्फ रिटायरमेंट के बाद रोजमर्रा के खर्च के लिए पैसा जुटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में आने वाली स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। रिटायरमेंट के बाद आमदनी के नियमित साधन कम हो सकते हैं। ऐसे में पहले से तैयार किया गया फंड आर्थिक दबाव को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए बचत की शुरुआत जितनी जल्दी हो, भविष्य के लिए तैयारी उतनी व्यवस्थित तरीके से की जा सकती है।
आय के वैकल्पिक साधन तैयार करें
भविष्य की चुनौतियों और रिटायरमेंट के बाद बिना किसी आर्थिक चुनौती से हारे एक बेहतरीन जिंदगी जीने के लिए आपको योजना बनानी होती है। इसके लिए आय के वैकल्पिक साधन तैयार करना जरूरी है। अपनी रिटायरमेंट बचत में हर साल योगदान यानी पैसे को बढ़ाते रहना भी जरूरी बताया गया है। आज जितनी रकम पर्याप्त लगती है, जरूरी नहीं कि 20 साल बाद भी उतनी ही रकम पर्याप्त रहे। समय के साथ जरूरतें और खर्च दोनों बदल सकते हैं। इसलिए नियमित रूप से अपनी बचत और निवेश की समीक्षा करते रहना जरूरी है। रिटायरमेंट के लिए अलग से फंड तैयार करना और उसमें लगातार योगदान बढ़ाना भविष्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
बेवजह खर्च से बचना जरूरी
सबसे जरूरी बात यह है कि अत्यधिक और बेवजह खर्च करने से बचना चाहिए। अगर वर्तमान में होने वाले खर्च पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो भविष्य के लिए पर्याप्त रकम बचाना मुश्किल हो सकता है। आखिरी में एक्सपर्ट कहते हैं कि समय के साथ बढ़ती महंगाई और बाजार की अस्थिरता के माहौल में जीवन भर के लिए पर्याप्त सेवानिवृत्ति निधि यानी रिटायरमेंट फंड होना बहुत जरूरी है। अन्यथा सेवानिवृत्ति के दौरान भी काम करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जो कोई नहीं चाहता।
रिटायरमेंट प्लानिंग में होने वाली गलतियां
रिटायरमेंट प्लानिंग वह है, जिसमें आप अपनी रिटायरमेंट वाली जिंदगी के लिए काफी पहले से प्लान करके फंड या पैसे तैयार करते हैं। इसके लिए सिर्फ रकम बचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों और जोखिमों को भी ध्यान में रखना होता है। रिटायरमेंट प्लानिंग की गलतियों में महंगाई का अनुमान न लगा पाना, देर से शुरुआत करना, पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई न करना समेत अन्य गलतियां शामिल हैं। इन गलतियों के कारण रिटायरमेंट के समय तैयार फंड अपेक्षा से कम पड़ सकता है। इसी वजह से रिटायरमेंट प्लानिंग को नौकरी के अंतिम वर्षों तक टालने के बजाय समय रहते शुरू करने पर जोर दिया गया है। नियमित बचत, निवेश, वैकल्पिक आय और भविष्य के खर्चों का अनुमान इस तैयारी का हिस्सा हो सकते हैं।


