लखनऊ में 9 महीने बाद पहुंचे अमित शाह का कार्यकर्ताओं को मंत्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एकदिवसीय संगठनात्मक दौरे पर पहुंचे। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के सभागार में आयोजित यूपी भाजपा की राज्य कार्यसमिति की विस्तृत बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।
उन्होंने मंच से दो टूक लहजे में कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अंगद का पैर बन चुकी है, जिसे कोई भी विपक्षी ताकत हिला नहीं सकती। उन्होंने 2500 से अधिक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपनी कमर कस लें और महाभारत के अर्जुन की तरह केवल चिड़िया की आंख यानी 2027 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लक्ष्य पर अपनी नजरें टिकाएं। कार्यकर्ताओं के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का असली मालिक सामान्य कार्यकर्ता ही है। लखनऊ की इस बैठक से अमित शाह अंगद का पैर बयान देकर चुनावी शंखनाद कर चुके हैं।
योगी के बुलडोजर मॉडल और माफिया मुक्ति की मुक्तकंठ से प्रशंसा
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में स्थापित हुई कानून-व्यवस्था की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश से संगठित माफिया राज, बाहुबलियों और दंगाइयों का पूरी तरह सफाया कर दिया है, जिसके चलते आज पूरे प्रदेश में भयमुक्त वातावरण और तेज विकास का पहिया घूम रहा है। शाह ने घोषणा की कि जब 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी, तो यहां भी उत्तराखंड की तर्ज पर समान नागरिक संहिता (UCC) को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि आपसी मनमुटाव, छोटी-मोटी नाराजगी और व्यक्तिगत शिकायतों को लखनऊ की गोमती नदी में बहाकर संगठन के काम में जुट जाएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चुनाव के दौरान वे बार-बार यूपी आएंगे और हर नेता से बूथ स्तर के काम का हिसाब मांगेंगे, इसलिए सभी का संगठनात्मक बही-खाता बिल्कुल दुरुस्त रहना चाहिए। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि ‘राहुल बाबा’ की निरर्थक बकवास का एकमात्र जवाब 2027 में भाजपा की प्रचंड हैट्रिक बनाकर देना है। मंच पर सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम की मौजूदगी में अमित शाह अंगद का पैर की उपमा देकर विपक्ष के हौसले पस्त करते दिखे।
20 हजार ‘फोकस बूथ’ और 5 नवंबर से वृहद जॉइनिंग अभियान
बैठक में भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने चुनावी रणनीति का खाका पेश करते हुए बताया कि राज्य के करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे 20 हजार ‘फोकस बूथ’ चिन्हित किए गए हैं, जहां भाजपा 2022 के विधानसभा चुनाव में जीती थी लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। पार्टी ने इन सभी कमजोर बूथों पर 100 से 200 अतिरिक्त वोट बढ़ाने का ठोस लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि 5 नवंबर के बाद प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर ‘जॉइनिंग अभियान’ चलाया जाएगा, जिसके तहत अन्य दलों के प्रभावशाली और स्वच्छ छवि वाले नेताओं को भाजपा में शामिल किया जाएगा। हालांकि, गृह मंत्री के दौरे पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को ऐसी बैठकें करनी पड़ रही हैं क्योंकि उसकी सियासी जमीन खिसक चुकी है और जनता उसे सबक सिखाने को तैयार बैठी है। इसके बावजूद अमित शाह अंगद का पैर का विश्वास दिलाकर 2027 के लिए भाजपा की चुनावी किलेबंदी मजबूत कर गए हैं।


