सड़क पर संसद कार्यक्रम: राहुल गांधी बोले- CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ाई संविधान बचाने का संघर्ष

  • October 31, 2026
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ज्ञानेश कुमार महाभियोग कार्यक्रम की जानकारी देते राहुल गांधी और विपक्षी नेता

बारिश के चलते स्थगित हुआ ‘सड़क पर संसद’ आयोजन

राजधानी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 10 राजाजी मार्ग स्थित आवास पर शुक्रवार को आयोजित होने वाला विपक्षी दलों का बहुचर्चित ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम अप्रत्याशित भारी बारिश के चलते स्थगित कर दिया गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार दोपहर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि खराब मौसम और बारिश के कारण इस सार्वजनिक कार्यक्रम को अब शनिवार को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि शनिवार को इस कार्यक्रम के संपन्न होने के ठीक अगले दिन यानी 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विशाल विरोध मार्च निकालेगा। उन्होंने देश भर के छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और जागरूक नागरिकों से इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने का खुला आह्वान किया। विपक्ष द्वारा आयोजित यह ज्ञानेश कुमार महाभियोग कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सार्वजनिक दबाव बनाने की रणनीति है।

‘पब्लिक महाभियोग’ के जरिए संवैधानिक संस्था पर सवाल

‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम के तहत विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रतीकात्मक रूप से जनता का महाभियोग (पब्लिक इम्पीचमेंट) पेश किया जाएगा। पब्लिक महाभियोग एक ऐसी राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया है जिसमें जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे शीर्ष व्यक्ति के कथित पक्षपातपूर्ण आचरण के खिलाफ खुले मंच से आरोप पत्र प्रस्तुत कर सार्वजनिक अदालत लगाते हैं और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं।

राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि यह किसी एक दल की निजी राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संस्थागत निष्पक्षता की रक्षा का बड़ा संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के नाम पर देश के करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से षड्यंत्रपूर्वक हटाए जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में ज्ञानेश कुमार महाभियोग कार्यक्रम को विपक्षी एकता का सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है।

विपक्षी नेताओं की एकजुटता और व्यापारियों की अपील

प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष की इस न्यायसंगत लड़ाई को अब देश की आम जनता समझ चुकी है और हालिया एमएलसी चुनाव में पढ़े-लिखे मतदाताओं ने भाजपा को उसकी असलियत दिखा दी है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि सभी विपक्षी दल चट्टान की तरह एक साथ खड़े हैं और यह लड़ाई नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अंत तक लड़ी जाएगी।

दूसरी ओर, दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने शुक्रवार को एक बार फिर राहुल गांधी से पत्र लिखकर अपील की है कि दिवाली के त्योहारी सीजन और करोड़ों के व्यापारिक नुकसान को देखते हुए 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। हालांकि, विपक्षी नेताओं का रुख साफ है कि वे ज्ञानेश कुमार महाभियोग कार्यक्रम और उसके बाद प्रस्तावित महारैली को किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटाएंगे।