चक्रवात मुरासु का आंध्र में कहर: 120 Kmph की हवाएं, 6 जिलों में रेड अलर्ट

  • November 4, 2026
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चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से ओंगोल की सड़कों पर गिरे बिजली के खंभे और भारी जलभराव

नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास हुआ लैंडफॉल

बंगाल की खाड़ी से उठा अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय जिलों पर पूरी ताकत के साथ टकरा गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, तूफान के लैंडफॉल की विनाशकारी प्रक्रिया सुबह करीब 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के मध्य स्थित ओंगोल शहर के निकटवर्ती तट पर पूरी हुई।

लैंडफॉल के समय समुद्री तट पर निरंतर हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि कई मौकों पर तूफानी हवाओं के तीव्र झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक जा पहुंचे। तट पार करते ही चक्रवाती तूफान मुरासु ने तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर और जनजीवन को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया।

पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े, सड़कों पर जलभराव

तूफान के प्रचंड वेग के कारण तटीय आंध्र प्रदेश के दर्जनों शहरों और कस्बों में व्यापक क्षति की सूचनाएं मिली हैं। सैकड़ों विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर मुख्य सड़कों पर गिर गए, जिससे अंतर-जिला यातायात पूरी तरह ठप हो गया। भारी संख्या में हाईटेंशन बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो जाने से तटीय जिलों के विस्तृत ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

भारी बारिश के चलते निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और बरसाती नालों के उफान पर आने से राजमार्गों पर आवागमन बाधित हुआ है। समुद्र में 4 से 5 मीटर ऊंची उठती विनाशकारी लहरों को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मछुआरों को समुद्र में कतई न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवाती तूफान मुरासु के गुजरने के बाद भी तटीय इलाकों में आपातकालीन राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

6 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट बरकरार

मौसम विभाग के महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि चक्रवात द्वारा तट पार कर लेने के बाद भी खतरे की आशंका समाप्त नहीं हुई है। चक्रवात के प्रभाव से तटीय व आंतरिक इलाकों में अगले 48 घंटों तक मूसलाधार बारिश का तांडव जारी रह सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मौसम केंद्र ने कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, मारकापुरम और प्रकाशम जिलों में ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का आपातकालीन रेड अलर्ट जारी किया है।

प्रशासन ने संवेदनशील तटीय बस्तियों के निवासियों को अपने पक्के मकानों में रहने और गैर-जरूरी यात्राएं स्थगित करने का परामर्श दिया है। इसके अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा और उत्तरी तमिलनाडु के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि आंतरिक भूमि पर आगे बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान मुरासु धीरे-धीरे गहरे डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा।