इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026: पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 130 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे

  • November 3, 2026
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रिन्यूएबल एनर्जी समिट उद्घाटन के दौरान सोलर पैनल और विंड टर्बाइन का मॉडल

भारत मंडपम में वैश्विक ऊर्जा लीडर्स का महाकुंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली स्थित अत्याधुनिक भारत मंडपम में ‘इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ का भव्य इनॉगरेशन करेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन 2 से 5 नवंबर 2026 तक चार दिनों तक आयोजित किया जा रहा है, जिसकी केंद्रीय थीम ‘इन्वेस्ट, इनोवेट, इंस्पायर’ (Invest, Innovate, Inspire) निर्धारित की गई है।

इस वैश्विक सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के आधिकारिक राजनयिकों, नीति-निर्माताओं और ऊर्जा विशेषज्ञों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है, जिनमें विभिन्न देशों के 40 से अधिक ऊर्जा मंत्री भी सीधे भाग लेंगे। इसके अलावा वैश्विक वित्तीय संस्थानों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का बड़ा जमावड़ा दिल्ली में होगा। इस मंच से संपन्न होने जा रहा रिन्यूएबल एनर्जी समिट उद्घाटन भारत को विश्व की स्वच्छ ऊर्जा राजधानी के रूप में स्थापित करेगा।

9 देश बने कंट्री पार्टनर, 13 भारतीय राज्य दिखाएंगे ताकत

इस प्रतिष्ठित एक्सपो में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ (EU), फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) आधिकारिक ‘कंट्री पार्टनर’ के रूप में अपनी अत्याधुनिक तकनीकों और निवेश योजनाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही भारत के 13 प्रमुख राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी स्थानीय नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं को दुनिया के सामने रखेंगे।

इन राज्यों में मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, असम, बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। भारत की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो देश में सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय स्रोतों की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 299.25 गीगावॉट (GW) के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है। इसमें सोलर की स्थापित क्षमता 171.05 GW, विंड की 59.20 GW और बड़े जलविद्युत (हाइड्रो) प्रोजेक्ट्स की क्षमता 52.06 GW है। इस प्रगतिशील यात्रा में रिन्यूएबल एनर्जी समिट उद्घाटन वैश्विक सहयोग की नई राह खोलेगा।

स्थापित क्षमता बनाम दैनिक खपत का यथार्थ

ऊर्जा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश में सौर और पवन ऊर्जा से रोजाना औसतन करीब 85.57 करोड़ यूनिट बिजली का वास्तविक उत्पादन हो रहा है। हालांकि, 300 गीगावॉट की स्थापित क्षमता का अर्थ यह नहीं है कि भारत हर समय इतनी बिजली बना रहा है, बल्कि यह संयंत्रों की अधिकतम उत्पादन सीमा है। जैसे किसी तेज रफ्तार कार की अधिकतम गति 200 किमी प्रति घंटा हो, तो वह हर समय उसी गति से नहीं चलती, वैसे ही मौसम और धूप के आधार पर ही वास्तविक उत्पादन होता है।

बढ़ते एसी, फैक्ट्रियों, मेट्रो और डेटा सेंटरों की विशाल मांग को देखते हुए अभी भी पारंपरिक कोयला और गैस पर आंशिक निर्भरता बनी हुई है। फिर भी घरों में रूफटॉप सोलर लगने से बिजली बिल कम हो रहे हैं और किसानों को सोलर पंप से सिंचाई में बड़ा सहारा मिल रहा है। इस तरह रिन्यूएबल एनर्जी समिट उद्घाटन से भारत अपने कार्बन उत्सर्जन को घटाने और 500 गीगावॉट के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ाएगा।