दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट ने तय किया समय, साइलेंस जोन में रोक

  • November 3, 2026
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ग्रीन पटाखे दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समय सीमा और साइलेंस जोन की गाइडलाइन

सुबह और रात में सीमित अवधि के लिए मिली अनुमति

सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और पारंपरिक उत्सव के बीच संतुलन साधते हुए दीपावली के अवसर पर केवल ग्रीन पटाखे जलाने की सशर्त अनुमति प्रदान कर दी है। शीर्ष अदालत के आधिकारिक आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 7 और 8 नवंबर 2026 को ग्रीन पटाखे फोड़े जा सकेंगे। हालांकि, इसके लिए कड़ा समय निर्धारित किया गया है; नागरिक केवल सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात को 8 बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाजी कर सकेंगे।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि चौबीसों घंटे पटाखे फोड़ने की छूट कतई नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पटाखे जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। प्रदूषण नियंत्रण के इस कड़े पहरे के बीच ग्रीन पटाखे दिवाली पर आम नागरिकों के लिए उत्सव मनाने का मुख्य जरिया बनेंगे।

शैक्षणिक संस्थान ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित, मार्किंग के निर्देश

अदालत ने अपने आदेश में पुलिस और नगर निकायों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ विद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को अनिवार्य रूप से ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित किया जाए। इन क्षेत्रों की स्पष्ट मार्किंग की जाए और साइनबोर्ड लगाकर आम जनता को जागरूक किया जाए ताकि नियमों का उल्लंघन न हो।

गौरतलब है कि ग्रीन पटाखे ऐसे विशेष पटाखे होते हैं जिन्हें पारंपरिक पटाखों की तुलना में काफी कम धुआं और हानिकारक गैसें उत्सर्जित करने के लिए वैज्ञानिक रूप से तैयार किया जाता है। इनमें बेरियम नाइट्रेट जैसे जहरीले रसायनों का इस्तेमाल नहीं होता या बहुत सीमित होता है, जिससे इनके जलने पर पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में सामान्य पटाखों जितनी वृद्धि नहीं होती। 30 सितंबर की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोहराया था कि वे परंपराओं पर पूरी तरह ताला नहीं लगाना चाहते, लेकिन स्वच्छ हवा के अधिकार से भी समझौता नहीं किया जा सकता। इस प्रकार ग्रीन पटाखे दिवाली के दौरान वायु गुणवत्ता बनाए रखने का संतुलित प्रयास हैं।

विराट कोहली जैसी हस्तियों से अपील कराने का सुझाव

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुझाव दिया कि जन-जागरूकता फैलाने के लिए मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली जैसी लोकप्रिय हस्तियों की मदद ली जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि प्रसिद्ध हस्तियों से छोटे वीडियो संदेश और अपील रिकॉर्ड कराकर प्रसारित किए जा सकते हैं, जिसमें वे जनता से प्रदूषण बढ़ाए बिना और सीमित रूप से पर्यावरण-अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का आग्रह करें।

मामले में अदालत की सहायता कर रहीं न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) वरिष्ठ अधिवक्ता उत्तरा बब्बर ने वायु प्रदूषण से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य नुकसान का ब्योरा रखा। उन्होंने ‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025’ रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि भारत में मौतों के प्रमुख कारणों में वायु प्रदूषण शीर्ष पर है, जिसके चलते देश में 20.1 लाख से अधिक मौतें हुईं, जिनमें 21 प्रतिशत शिकार पांच वर्ष से कम उम्र के मासूम बच्चे थे। इस गंभीर स्वास्थ्य संकट को देखते हुए अदालत ने दोहराया कि ग्रीन पटाखे दिवाली पर नियमों के सख्त अनुपालन के साथ ही जलाए जाने चाहिए।