2,000 तक UPI पेमेंट पर फीस नहीं
नई दिल्ली, UPI से 2,000 तक पेमेंट करने पर ग्राहक से किसी तरह की फीस नहीं ली जा सकती। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर यह स्थिति साफ कर दी। अब 2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकेंगे। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस छूट में शामिल किया गया है।
दरअसल, अगस्त में संसद से टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026 पास होने के बाद UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। आशंका थी कि 2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जा सकता है। इससे बड़े पेमेंट लेने वाले दुकानदारों और कारोबारियों की लागत बढ़ने की बात कही जा रही थी। इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ने की आशंका थी।
सरकार ने फ्री UPI के लिए हजारों करोड़ खर्च किए
सरकार ने छोटे दुकानदार जोड़ने के लिए फ्री UPI शुरू की थी। सरकार ने UPI को प्रमोट करने और फ्री रखने के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत ग्राहक से छोटे दुकानदार को होने वाले 2,000 तक के UPI पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव दिया जाता था। 2024-25 तक इस पर 8,276 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया। देश में जून 2026 तक करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे।
क्या 2,000 UPI पेमेंट की नई लिमिट है?
नहीं। 2,000 कोई नई पेमेंट लिमिट नहीं है। UPI से इससे ज्यादा रकम भेजी जा सकती है। यह सिर्फ फीस से जुड़ी सीमा है। यानी 2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। अभी नहीं। 2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर कोई नई फीस लागू नहीं हुई है। सिर्फ 2,000 से ज्यादा का पेमेंट करने पर अपने आप कोई चार्ज नहीं कटेगा। भविष्य में फीस लगानी है या नहीं, इसकी सीमा और दर सरकार के आगे के नियमों से तय होगी।
बड़े कारोबारी पेमेंट पर इतनी चर्चा क्यों?
2,000 से ज्यादा के कारोबारी पेमेंट हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को 198 लाख करोड़ रुपये यूपीआई से पेमेंट हुए। इनमें 2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन सिर्फ 4% हुए, लेकिन इनकी कुल वैल्यू 131 लाख करोड़ रुपये थी। सरकार ने छोटे दुकानदार जोड़ने के लिए फ्री UPI शुरू की थी और इसे फ्री रखने के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। 2024-25 तक इस पर 8,276 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया। देश में जून 2026 तक करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे।


