इंसान सभी प्राणियों में सबसे इंटेलिजेंट माने जाते हैं, इसीलिए हम लगातार तरक्की की राह पर आगे बढ़ते रहे हैं। हमारी बुद्धि का नायाब नमूना टेक्नोलॉजी है। इससे हमने तमाम गैजेट्स और टूल्स ईजाद किए, जिनकी मदद से हमारी जिंदगी कहीं ज्यादा सुविधाजनक हो सकी है। पशु-पक्षी भी ऐसे टूल्स का इस्तेमाल करते होंगे, इसकी शायद तुमने कल्पना भी नहीं की होगी। तुम सोचते होगे कि क्या पशु-पक्षी भी इतने होशियार होते हैं, जो अपने लिए गैजेट बना सकें और उनका उपयोग कर सकें। इस उत्सुकता को शांत करने के लिए तुम्हें इस बार कुछ ऐसे पशु-पक्षियों की दुनिया में ले चलते हैं, जो इतने इंटेलिजेंट हैं कि अपनी बुद्धि से तरह-तरह के नेचुरल गैजेट्स यानी प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं।
कठफोड़वा का अनोखा टूल
कठफोड़वा यानी वुडपेकर की चोंच लंबी होने के साथ-साथ काफी कठोर होती है। पर उसकी जीभ, चोंच से ज्यादा लंबी होती है। यह खाने को आसानी से ग्रहण करने में उसे काफी मदद करती है। कठफोड़वा अपने खाने को पेड़ के कोटरों में रखता है और इसे रखने और निकालने में मदद करती है, कैक्टस के कांटे से बनाई गई एक खास तरह की टूल। रिसर्चर भी वुडपेकर की इस इंटेलिजेंट खोज से हैरत में हैं और कोई समझ नहीं पाता कि आखिर इतने लचीले हथियार की मदद से वुडपेकर कैसे स्टोर करता है अपना भोजन।
एग ब्रेकिंग फॉर्मूला
इजिप्शियन वल्चर यानी सफेद गिद्ध, गिद्धों की प्रजातियों में सबसे छोटे कद का है। इसकी चोंच और जबड़े भी अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं। यह अंडे को भी नहीं तोड़ सकते। पर इजिप्शियन वल्चर के पास है इसका अनोखा फॉर्मूला। वह अंडे को तोड़ने के लिए एक छोटे पत्थर का प्रयोग करता है, जो मिनटों में अंडे को तोड़ देता है और इस तरह उसका ब्रेकफास्ट हो जाता है तैयार।
पिका का अनोखा अंदाज
एशिया, यूरोप तथा पश्चिमी अमेरिका में पाए जाने वाले बड़े चूहे के आकार के ‘पिका’ नामक जीव को बहुत चतुर और अग्रसोची जीव माना जाता है। खरगोश परिवार का सदस्य यह नन्हा-सा जीव अपनी अग्रसोच के कारण सर्दियों के लिए गर्मी के मौसम में ही भोजन का प्रबंध करना शुरू कर देता है। सर्दी के मौसम में इसे चारे की कमी न हो, इसके लिए यह गर्मियों में ही घास के गट्ठे बनाने शुरू कर देता है। सर्दियों के लिए भरपेट चारे का प्रबंध करने के लिए यह गर्मियों में पहले तो घास इकट्ठी करता है, फिर उसे सुखाता है और जब घास पूरी सूख जाती है, तब उसकी पूलियां बनाकर उन्हें चट्टानों के बीच छिपा देता है और फिर सर्दियों में बड़े मजे से भोजन का आनंद लेता है। दूसरे प्राणियों की तरह यह सर्दियों में शीतनिद्रा में नहीं सोता।
ग्रीन हेरोन का ब्रेड टूल
हरा बगुला यानी ग्रीन हेरोन उत्तरी अमेरिका के दलदली इलाकों में पाया जाता है। पानी में चलने वाले अन्य पक्षियों की अपेक्षा इसके पैर बहुत छोटे होते हैं। इसलिए वह अपने भोजन तलाशने में परेशान होता है। पर हेरोन एक इंटेलिजेंट पक्षी है, इसलिए शिकार को आकर्षित करने के लिए वह कोई खाने की चीज पानी में फेंकता है। जैसे ही शिकार उसके खाने पर आता है, हेरोन उसका शिकार कर लेता है। रिसर्चर्स का मानना है कि हेरोन ने यह तरीका धीरे-धीरे सीखा है, उसका यह हुनर जन्मजात नहीं है।
ओरंगुटान की फिशिंग रॉड
ओरंगुटान भी इंसानों की तरह समझदार और काफी बुद्धिमान होते हैं और तरह-तरह के टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। हर रात को ये डंडियों और पत्तों से अपने लिए शैय्या यानी बेड भी तैयार करते हैं। कठीले फलों को सेवन करने के लिए वे पत्तों से बने दस्ताने पहनते हैं। अपना शिकार पकड़ने में भी इनका सिस्टम नजर आता है। इंसानों की तरह वे मछलियां पकड़ने के लिए बांस का कांटा यानी फिशिंग रॉड बनाते हैं।
समुद्री ऊदबिलाव का हाथौड़ा छोटे-छोटे पत्थरों के बीच जब वह अपने शिकार को पकड़ता है, तब उसकी मदद करता है। जंगल गोरिल्ला पानी की गहराई का पता लगाकर ही नदी पार करता है। ऑक्टोपस कोकोनट शेल्स को कवच की तरह इस्तेमाल करता है। हाथी जानबूझकर पानी में पत्थर फेंकता है, ताकि दूसरे साथी उसे पानी पीने में डिस्टर्ब न करें।
प्रकृति में मौजूद इन उदाहरणों से साफ होता है कि एनिमल का सिक्स्थ सेंस केवल इंसानों की कल्पना नहीं है। अलग-अलग जीव अपनी जरूरत के मुताबिक प्राकृतिक संसाधनों और आसपास मौजूद चीजों का इस्तेमाल करते हैं। एनिमल का सिक्स्थ सेंस उनकी जीवनशैली और परिस्थितियों के मुताबिक विकसित होने वाली ऐसी क्षमताओं को दिखाता है। एनिमल का सिक्स्थ सेंस समझने के लिए वैज्ञानिक लगातार इन जीवों के व्यवहार का अध्ययन कर रहे हैं।


