थोक महंगाई अगस्त में 9.92% पर पहुंची, 8 महीने का सबसे ऊंचा स्तर

  • September 15, 2026
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अगस्त 2026 में थोक महंगाई 9.92 प्रतिशत पहुंचने और खाद्य पदार्थों व ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से जुड़ी खबर

अगस्त में थोक महंगाई बढ़कर 9.92% हो गई। जुलाई में यह 9.78% थी। यानी एक महीने में थोक महंगाई दर बढ़ी है। थोक महंगाई दर 9.92% होने का मतलब यह है कि जो सामान पिछले साल इस समय थोक बाजार में 100 रुपये का मिल रहा था, वह आज लगभग 109.92 रुपये का है।

खाने-पीने की चीजें, ईंधन, बिजली और विनिर्मित उत्पाद महंगे होने की वजह से यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकार ने आज ये आंकड़े जारी किए। थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से उत्पादक क्षेत्र पर इसका असर पड़ता है। अगर थोक महंगाई लंबे समय तक बढ़ी रहे तो उत्पादक इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाल देते हैं।

खाद्य पदार्थों का भी असर

थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य सूचकांक की हिस्सेदारी 24.99% होती है। अगस्त 2026 में खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई 7.05% पर पहुंच गई, जो जुलाई में 6.65% थी। खाद्य वस्तुओं में अनाज, सब्जियां और अन्य वस्तुएं शामिल होती हैं।

सरकार करों के जरिए कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर सकती है। जैसे कच्चे तेल के मामले में सरकार ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती की थी। हालांकि सरकार कर कटौती एक सीमा तक ही कर सकती है। लंबे समय तक महंगाई की स्थिति में आम आदमी पर असर पड़ सकता है। आम आदमी की रसोई से जुड़े खाद्य उत्पादों की कीमतों में भी तेजी आती है। इस तरह थोक महंगाई 9.92% तक पहुंचना अर्थव्यवस्था और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण आंकड़ा है।