पंजाब में बिजली उत्पादन घटने की वजह कोयले की कमी नहीं, केंद्र ने दावे को नकारा

  • September 15, 2026
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पंजाब बिजली उत्पादन में कमी और थर्मल पावर प्लांटों में उपलब्ध कोयले के भंडार पर केंद्र की जानकारी

कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पंजाब के बिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन कम होने की वजह कोयले की कमी नहीं थी। 17 सितंबर तक पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के बिजली संयंत्रों में सामान्य जरूरत के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत कोयले का भंडार था।

तीन थर्मल प्लांटों की स्थिति

पंजाब बिजली उत्पादन के लिए पीएसपीसीएल गुरु हरगोबिंद टीपीएस, गोइंदवाल साहिब टीपीपी और तलवंडी साबो टीपीएस तीन थर्मल पावर प्लांट चलाता है। इन तीनों की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2,300 मेगावॉट है। मंत्रालय ने कहा कि कोयले का पर्याप्त भंडार होने के बावजूद सितंबर 2026 में पीएसपीसीएल के बिजली संयंत्रों का अनुमानित प्लांट लोड फैक्टर करीब 59 प्रतिशत रहा।

केंद्र ने अतिरिक्त कोयले की व्यवस्था की

केंद्र सरकार ने पंजाब के बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के कई कदम उठाए हैं। पीएसपीसीएल की कैप्टिव कोयला खदान से स्वतंत्र बिजली संयंत्रों को कोयला देने की व्यवस्था की गई है। कोल इंडिया लिमिटेड ने भी पंजाब समेत देशभर में बिजली उत्पादन के लिए अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराया। करीब 4.1 लाख टन कोयला बुक कराया गया और 3.2 लाख टन उठाया गया।

मीडिया रिपोर्टों में बिजली उत्पादन कम होने की वजह कोयले की कमी और संयंत्रों के बंद होने को बताया गया था। कोयला मंत्रालय ने कोयले की कमी को बिजली उत्पादन कम होने की वजह मानने से इनकार किया। केंद्र के मुताबिक पंजाब बिजली उत्पादन में कमी को समझने के लिए संयंत्रों के संचालन और अन्य कारणों को भी देखना जरूरी है।