कैंची धाम में चारधाम जैसी पंजीकरण व्यवस्था, श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के चलते फैसला

  • October 9, 2026
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कैंची धाम पंजीकरण व्यवस्था और बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़

बढ़ती भीड़ के कारण पंजीकरण व्यवस्था का प्रस्ताव

देहरादून, इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, नैनीताल जिला प्रशासन कैंची धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण प्रणाली शुरू करने जा रहा है। कैंची धाम पंजीकरण व्यवस्था को चारधाम तीर्थयात्रा में इस्तेमाल की जाने वाली पंजीकरण व्यवस्था के आधार पर शुरू करने का प्रस्ताव है।

इसका मुख्य कारण कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यातायात की भीड़भाड़ की समस्या है। प्रशासन का मानना है कि यदि पहले से यह जानकारी उपलब्ध हो कि किसी खास दिन तीर्थस्थल पर कितने श्रद्धालु आने की उम्मीद है, तो भीड़ बढ़ने पर आवागमन को नियंत्रित करना आसान होगा। प्रस्तावित व्यवस्था शुरू में सप्ताहांत पर लागू किए जाने की बात कही गई है, क्योंकि कुमाऊं के इस तीर्थस्थल में सप्ताहांत के दौरान आगंतुकों की संख्या तेजी से बढ़ती है। नैनीताल जिला प्रशासन की ओर से तैयार प्रस्ताव में चारधाम जैसी पंजीकरण व्यवस्था का इस्तेमाल करने की योजना है। इसके जरिए प्रशासन के पास तीर्थयात्रियों की संख्या का अनुमान पहले से रहेगा और संभावित भीड़ के हिसाब से व्यवस्था की जा सकेगी।

अभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण जरूरी नहीं

फिलहाल कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी तरह का पूर्व पंजीकरण जरूरी नहीं है। तीर्थयात्री बिना किसी पूर्व पंजीकरण के मंदिर में आकर दर्शन कर सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद यह स्थिति बदल सकती है। नैनीताल के जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रायल ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से तैयार संयुक्त रिपोर्ट राज्य सरकार के पर्यटन विभाग को भेजी जाएगी। इसमें कैंची धाम पंजीकरण व्यवस्था की सिफारिश की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की योजना इस प्रणाली को शुरुआत में सप्ताहांत तक सीमित रखने की है। बाद में जब नियमित सत्र शुरू होगा, तब संभावित भीड़ का आकलन किया जाएगा और अनुमानित उपस्थिति के अनुसार इसे लागू करने पर फैसला होगा। प्रशासन का मानना है कि पंजीकरण से यह पहले से पता चल सकेगा कि किसी विशेष दिन कितने श्रद्धालु कैंची धाम आने की उम्मीद है। इससे भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात और आवागमन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

डीएम और एसएसपी की संयुक्त रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी

कैंची धाम में प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर डीएम और एसएसपी की संयुक्त रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट को राज्य सरकार के पर्यटन विभाग को भेजा जाएगा। इसके बाद व्यवस्था को लागू करने को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रायल के मुताबिक, तीर्थस्थल पर सबसे अधिक भीड़ सप्ताहांत में होती है। इसलिए शुरुआत में व्यवस्था को सप्ताहांत तक सीमित रखने की योजना है। नियमित सत्र शुरू होने के बाद संभावित भीड़ का मूल्यांकन किया जाएगा।

यदि अनुमानित उपस्थिति अधिक रहती है तो पंजीकरण प्रणाली को उसी हिसाब से लागू किया जा सकता है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि प्रशासन को पहले से संभावित भीड़ की जानकारी उपलब्ध कराना और यातायात व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालना है। इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद कैंची धाम पंजीकरण के जरिए प्रशासन को तीर्थयात्रियों की संख्या का अनुमान पहले से मिल सकेगा। खबर में बताया गया है कि इस व्यवस्था पर अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।