जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर प्रयागराज में केस, ब्राह्मण समाज पर दिए बयान के खिलाफ याचिका

  • October 2, 2026
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ प्रयागराज कोर्ट में दाखिल याचिका

प्रयागराज। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के एक बयान के खिलाफ प्रयागराज कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, यह बयान 3 फरवरी 2024 को वृंदावन में भागवत कथा के दौरान दिया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बयान में उपाध्याय समाज समेत कुछ ब्राह्मण उपजातियों के बारे में टिप्पणी की गई थी।

याचिकाकर्ता के अनुसार बयान के बाद उपाध्याय समाज के लोगों को लेकर लोगों की धारणा प्रभावित हुई और लड़के-लड़कियों की शादी में भी रुकावट आने लगी। याचिका में कहा गया कि रामभद्राचार्य की लोग पूजा करते हैं, इसलिए उनके बयान का समाज पर प्रभाव पड़ा। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने कार्रवाई की मांग की है।

किस बयान को लेकर दाखिल हुई याचिका

याचिका के मुताबिक वृंदावन में भागवत कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने उपाध्याय समाज को लेकर टिप्पणी की थी। इसमें उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठक समाज का उल्लेख किया गया था।याचिका में उनके बयान के उस हिस्से का भी उल्लेख किया गया जिसमें इन समुदायों को लेकर विवाह संबंधी बात कही गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस टिप्पणी के बाद उपाध्याय समाज को लोग बुरी नजर से देखने लगे। इसी वजह से लड़के-लड़कियों की शादी में रुकावट आने की बात भी याचिका में कही गई है।

याचिकाकर्ता ने कार्रवाई की मांग की

याचिकाकर्ता ने कहा कि रामभद्राचार्य की बड़ी संख्या में लोग पूजा करते हैं और उनके कथन का प्रभाव समाज पर पड़ सकता है। इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई गई।याचिका में यह भी कहा गया कि जिन समुदायों का उल्लेख किया गया, उनके बारे में कही गई बातों से सामाजिक धारणा प्रभावित हुई। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले को अदालत के सामने रखा और कार्रवाई की मांग की।

प्रयागराज जिला अदालत ने गुरुवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य को नोटिस जारी किया। अदालत ने उन्हें 12 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है।इससे मामले की अगली प्रक्रिया अब अदालत में होगी। याचिका में जिस बयान का उल्लेख किया गया है, वह 3 फरवरी 2024 को वृंदावन में भागवत कथा के दौरान दिए जाने की बात कही गई है। कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिका में लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों की बात सामने आएगी।

बयान में किन समुदायों का उल्लेख

याचिका में उद्धृत बयान के मुताबिक उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठक समुदायों का उल्लेख किया गया था। बयान में इन समुदायों को लेकर विवाह और शिक्षा से जुड़ी टिप्पणियां भी थीं। याचिकाकर्ता ने इन टिप्पणियों को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बयान के बाद संबंधित समाज के लोगों को सामाजिक स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ा और विवाह संबंधी मामलों में भी असर देखने को मिला।

अब 12 अक्टूबर को होगी पेशी

जिला अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अगली महत्वपूर्ण तारीख 12 अक्टूबर रखी गई है। रामभद्राचार्य को उस दिन कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी। फिलहाल याचिका में लगाए गए आरोप और संबंधित बयान ही मामले का आधार हैं। रामभद्राचार्य केस में अब 12 अक्टूबर की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी, जहां अदालत के सामने मामले की आगे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस तरह रामभद्राचार्य केस को लेकर प्रयागराज जिला अदालत ने नोटिस जारी किया है। मामला उनके एक पुराने बयान के खिलाफ दाखिल याचिका से जुड़ा है और अदालत ने उन्हें 12 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा है।