मायावती बोलीं- भतीजे आकाश को ससुर ने बिगाड़ाः शादी से पहले कभी पार्टी से नहीं निकालना पड़ा

  • October 7, 2026
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मायावती और आकाश आनंद से जुड़ी बसपा की राजनीतिक खबर

मायावती ने आकाश आनंद की वापसी पर दी सफाई

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करने के फैसले पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को शादी से पहले कभी पार्टी से नहीं निकालना पड़ा था। मायावती के मुताबिक शादी से पहले आकाश पार्टी में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि शादी के बाद आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने उन्हें बरगलाया और उनके राजनीतिक प्रभाव को खराब करने की कोशिश की। मायावती ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में आकाश को सुधारने के लिए उन्हें कई बार पार्टी से अलग करना पड़ा।

बाद में गलती का एहसास होने पर उन्हें वापस लिया गया। आकाश आनंद मायावती से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम में मायावती ने यह भी कहा कि अब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए जिससे आकाश को फिर पार्टी से अलग करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश अब राजनीति में आगे बढ़ेंगे।

मायावती ने कहा- आकाश को चार बार पद से हटाया

मायावती ने बताया कि आकाश आनंद को अब तक चार बार पद से हटाया जा चुका है और हर बार बाद में उन्हें वापस जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि मीडिया में इस बात को बढ़ा-चढ़ाकर लिखा जा रहा है कि आकाश को चार बार पार्टी से निकाला गया और फिर राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। मायावती के अनुसार शादी से पहले आकाश को पार्टी से निकालने की जरूरत नहीं पड़ी थी। उन्होंने कहा कि उस समय आकाश पार्टी में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

शादी के बाद उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की भूमिका को लेकर मायावती ने आरोप लगाया कि उन्होंने आकाश को अपने हित में प्रभावित किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। इसी वजह से आकाश को कई बार पार्टी से अलग करना पड़ा। बाद में मायावती ने उन्हें माफ कर पार्टी में वापस लिया। आकाश आनंद मायावती के इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर मायावती ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

बसपा में वापसी के बाद फिर मिली जिम्मेदारी

मायावती ने सोमवार को आकाश आनंद को पार्टी में वापस लेने के साथ उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी भी सौंप दी थी। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें पद से हटाया गया था। आकाश आनंद ने 2 अक्टूबर को मायावती के नाम एक पोस्ट में उन्हें अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ बताया था। उन्होंने लिखा था कि बसपा ही उनका परिवार है और वह किसी अन्य दल में नहीं जाएंगे। आकाश ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले का भी समर्थन किया था।

इसके बाद मायावती ने उन्हें पार्टी में वापस लिया और पुरानी जिम्मेदारी सौंप दी। आकाश आनंद मायावती के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर इससे पहले भी कई बार बदलाव देखने को मिले हैं। मायावती ने कहा कि अब ऐसी परिस्थितियां पैदा नहीं होनी चाहिए जिनके कारण उन्हें आकाश को फिर पार्टी से अलग करना पड़े।