वाराणसी एयर शो 2026: पीएम मोदी ने देखा राफेल-सुखोई का दम, गंगा के ऊपर तेजस और हेलीकॉप्टरों ने दिखाए करतब

  • October 26, 2026
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वाराणसी एयर शो 2026 में राफेल और सुखोई के प्रदर्शन को देखते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

वाराणसी, 26 अक्टूबर 2026: वाराणसी एयर शो 2026 में भारतीय वायुसेना ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नमो घाट पर एयरशो देखा। इस दौरान राफेल, सुखोई-30MKI और तेजस जैसे लड़ाकू विमान आसमान में गरजे।

वहीं, सूर्य किरण और सारंग टीमों ने रोमांचक हवाई करतब दिखाए। गंगा के घाटों पर बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंचे।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने वाराणसी में रोडशो किया। उन्होंने मिर्जामुराद में नई परिधान निर्माण इकाई का भी उद्घाटन किया।

वाराणसी एयर शो 2026 में क्या हुआ?

भारतीय वायुसेना ने 25 अक्टूबर को वाराणसी के नमो घाट पर विशेष एयरशो प्रस्तुत किया।

यह आयोजन वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ।

इस कार्यक्रम की थीम ‘Wings Over Ganges’ थी।

दरअसल, वायुसेना ने गंगा के ऊपर अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन किया।

इसमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हुए।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।

इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

राफेल और सुखोई ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

वाराणसी के आसमान में राफेल और सुखोई-30MKI आकर्षण का केंद्र रहे।

इन लड़ाकू विमानों ने तेज गति और सटीक नियंत्रण का प्रदर्शन किया।

इसके अलावा, स्वदेशी तेजस विमान ने भी उड़ान भरी।

वहीं, मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 जैसे विमानों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

इनके अलावा, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों ने वायुसेना की अलग-अलग क्षमताएं दिखाईं।

इस प्रकार दर्शकों को भारतीय वायुसेना की विविध ताकत देखने को मिली।

सूर्य किरण टीम ने आसमान में दिखाया कौशल

वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

टीम के विमानों ने एक साथ उड़ान भरकर आकर्षक संरचनाएं बनाईं।

दरअसल, ऐसी उड़ानों में पायलटों के बीच बेहतरीन तालमेल जरूरी होता है।

वहीं, विमानों ने एक-दूसरे के करीब रहते हुए सटीक करतब दिखाए।

इसके अलावा, तीन किरण विमानों ने वी आकार में उड़ान भरी।

इससे कार्यक्रम देखने आए लोगों में उत्साह बढ़ गया।

सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने भी किया प्रदर्शन

वाराणसी एयरशो में सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी शामिल हुई।

इस टीम ने हेलीकॉप्टरों की समन्वित उड़ान क्षमता दिखाई।

इसके अलावा, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड का प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा था।

वहीं, एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ विशेष उड़ान भरी।

एयरशो में विभिन्न हवाई संरचनाओं के माध्यम से भारतीय वायुसेना की क्षमता प्रस्तुत की गई।

नमो घाट पर पीएम मोदी ने देखा एयरशो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो घाट पर बैठकर हवाई प्रदर्शन देखा।

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनके साथ मौजूद थे।

वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसके अलावा, वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की सराहना की।

बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एयरशो की झलकियां भी साझा कीं।

वाराणसी में पीएम मोदी का रोडशो

एयरशो से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में रोडशो किया।

इस दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ दिखाई दी।

वहीं, कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने वाहन से और कुछ स्थानों पर बाहर आकर लोगों का अभिवादन किया।

इसके अलावा, उन्होंने लोगों से मिले स्नेह के लिए आभार जताया।

रिपोर्टों के अनुसार, उनका मार्ग लगभग आठ किलोमीटर लंबा था।

मिर्जामुराद में नई गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र का भी दौरा किया।

यहां उन्होंने अरविंद लिमिटेड की नई परिधान निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।

करीब ₹150 करोड़ की लागत से यह इकाई स्थापित की गई है।

इसके अलावा, फैक्ट्री में आधुनिक वस्त्र निर्माण सुविधाएं विकसित की गई हैं।

वहीं, इस इकाई से लगभग 1,000 महिलाओं के लिए रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

हालांकि, ये अनुमानित अवसर हैं। सभी पदों पर नियुक्तियां पूरी होने की पुष्टि नहीं हुई है।

महिला सशक्तिकरण पर पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने नई फैक्ट्री में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे सकती है।

दरअसल, परिधान उद्योग में महिलाओं के लिए कई प्रकार के कार्य उपलब्ध हैं।

इनमें उत्पादन, गुणवत्ता जांच और अन्य तकनीकी काम शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा, फैक्ट्री स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।

वहीं, प्रधानमंत्री ने वाराणसी में बने उत्पादों के वैश्विक बाजार तक पहुंचने की संभावना जताई।

क्या वाराणसी एयरशो में 100 से ज्यादा विमान शामिल हुए?

कार्यक्रम से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों में 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों का उल्लेख हुआ है।

हालांकि, सभी विमानों ने एक ही समय पर उड़ान नहीं भरी।

अलग-अलग दलों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन किया।

इसमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल थे।

इसके अलावा, भारतीय सेना और नौसेना से जुड़े विमानों की भागीदारी की भी जानकारी दी गई थी।

इस प्रकार आयोजन में कई सैन्य इकाइयों की क्षमताएं प्रदर्शित की गईं।

वाराणसी एयरशो में स्वदेशी तेजस का महत्व

तेजस भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान है।

इसे भारतीय वायुसेना की आधुनिक क्षमताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

वाराणसी एयरशो में तेजस ने भी उड़ान प्रदर्शन किया।

वहीं, स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड ने भी भाग लिया।

इससे रक्षा क्षेत्र में घरेलू तकनीक के उपयोग को प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

हालांकि, किसी विमान का एयरशो प्रदर्शन उसकी पूरी युद्ध क्षमता का परीक्षण नहीं होता।

पीएम मोदी के दौरे में रोपवे की क्या स्थिति रही?

वाराणसी में कैंट से गोदौलिया के बीच यात्री रोपवे परियोजना पर काम जारी है।

इस परियोजना का उद्देश्य शहर के प्रमुख क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन सुविधा विकसित करना है।

वहीं, अक्टूबर में रोपवे के अलग-अलग हिस्सों में तकनीकी परीक्षण जारी होने की खबरें सामने आई थीं।

हालांकि, 25 अक्टूबर के प्रधानमंत्री दौरे के आधिकारिक कार्यक्रम में रोपवे उद्घाटन की घोषणा शामिल नहीं थी।

इसलिए रोपवे का उद्घाटन हो जाने या यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने का दावा करना सही नहीं होगा।

वाराणसी एयर शो 2026 का क्या महत्व है?

वाराणसी एयर शो 2026 ने भारतीय वायुसेना की आधुनिक क्षमता दिखाई।

एक ओर राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी।

दूसरी ओर, सूर्य किरण और सारंग टीमों ने सटीक हवाई करतब प्रस्तुत किए।

इसके अलावा, तेजस और प्रचंड जैसे स्वदेशी विमानों ने भी भाग लिया।

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।

इस प्रकार गंगा के ऊपर आयोजित एयरशो ने तकनीक और विमानन कौशल को लोगों के सामने प्रस्तुत किया।

निष्कर्ष

वाराणसी में 25 अक्टूबर को आयोजित एयरशो भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ का प्रमुख आकर्षण रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो घाट पर राफेल, सुखोई और तेजस के प्रदर्शन देखे।

इसके अलावा, सूर्य किरण और सारंग टीमों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

वहीं, प्रधानमंत्री ने रोडशो और नई परिधान निर्माण इकाई के उद्घाटन में भी हिस्सा लिया।

आपकी क्या राय है? क्या देश के दूसरे शहरों में भी भारतीय वायुसेना के ऐसे सार्वजनिक एयरशो आयोजित किए जाने चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

संपादकीय नोट: यह लेख 25 अक्टूबर 2026 को संपन्न कार्यक्रम पर आधारित है। रोपवे परियोजना को इस दौरे में उद्घाटित परियोजना के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।