फ़ुटबॉल की दुनिया का स्वर्णिम अध्याय हुआ समाप्त
फ़ुटबॉल की दुनिया का एक स्वर्णिम अध्याय आज हमेशा के लिए समाप्त हो गया। अर्जेंटीना को अपनी कप्तानी में FIFA विश्व कप का ख़िताब दिलाने वाले और इतिहास के सबसे महान फ़ुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल से संन्यास लेने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। 39 साल की उम्र में मेसी का यह फ़ैसला दुनिया भर के अरबों फ़ुटबॉल प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक क्षण लेकर आया है।
मेसी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट साझा कर संन्यास की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि ‘अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहना एक ऐसा निर्णय है जो मेरी रूह को अंदर तक दुखाता है, लेकिन अब नए और युवाओं के लिए रास्ता छोड़ने का सही समय आ गया है’। मेसी ने बताया कि उन्होंने 2026 विश्व कप फ़ाइनल के दो दिन बाद ही यह संदेश लिख लिया था, लेकिन अगस्त 2026 में अपने पिता Jorge के निधन के बाद उन्होंने अपने इस फ़ैसले पर अंतिम मुहर लगाई।
जुलाई 2026 में अमेरिका में खेला गया फ़िफ़ा विश्व कप फ़ाइनल मेसी का नीली और सफ़ेद जर्सी में अंतिम मुकाबला साबित हुआ। यद्यपि अर्जेंटीना अतिरिक्त समय में स्पेन के हाथों 1-0 से हारकर उपविजेता रहा, लेकिन मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी कप्तानी और शानदार खेल से अर्जेंटीना को लगातार दूसरे विश्व कप फ़ाइनल में पहुँचाकर एक बार फिर इतिहास रचा।
मेसी का अंतरराष्ट्रीय करियर और शानदार रिकॉर्ड
मेसी का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज़ से भी बेमिसाल रहा है। उन्होंने अर्जेंटीना के लिए रिकॉर्ड 207 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और सबसे ज़्यादा 125 गोल दागे। इसके साथ ही वे फ़िफ़ा विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक असिस्ट प्रदान करने वाले और छह विश्व कप टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने वाले दुनिया के गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। इस 21 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय सफ़र की शुरुआत 17 अगस्त 2005 को हंगरी के ख़िलाफ़ एक Friendly मैच से हुई थी। तब महज़ 18 वर्ष के मेसी को विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा गया था, लेकिन केवल 2 मिनट के भीतर Red Card दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। उस कठिन शुरुआत के बावजूद मेसी ने हार नहीं मानी और आगे चलकर 2008 बीजिंग ओलंपिक में अर्जेंटीना को स्वर्ण पदक दिलाया।
शुरुआती दौर में मिलीं कई बड़ी हार
करियर के शुरुआती दशक में मेसी को राष्ट्रीय टीम के साथ लगातार दिल तोड़ने वाली हार का सामना करना पड़ा। 2014 के विश्व कप फ़ाइनल में जर्मनी के हाथों हार और फिर लगातार दो कोपा अमेरिका फ़ाइनल गंवाने के बाद, निराश होकर मेसी ने 2016 में संन्यास का पहला ऐलान कर दिया था। हालाँकि, पूरे देश और प्रशंसकों के पुरज़ोर आग्रह के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी का निर्णय लिया था। मेसी का यह यू-टर्न अर्जेंटीना के फ़ुटबॉल इतिहास का सबसे स्वर्णिम दौर साबित हुआ। मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2021 में ब्राज़ील को हराकर कोपा अमेरिका ख़िताब जीता और 28 साल के सूखे को ख़त्म किया। इसके बाद 2022 के कतर फ़िफ़ा विश्व कप में फ़्रान्स को ऐतिहासिक फ़ाइनल में हराकर अर्जेंटीना को 36 साल बाद विश्व विजेता बनाया और 2024 में दोबारा कोपा अमेरिका ख़िताब जीता।
लियोनेल मेसी संन्यास के बाद भी क्लब फुटबॉल खेलेंगे
लियोनेल मेसी भले ही अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल से दूर हो रहे हैं, लेकिन वे अमेरिकी क्लब इंटर मियामी के लिए क्लब फ़ुटबॉल खेलना जारी रखेंगे।मेसी ने अपने संदेश का समापन यह कहते हुए किया, “मैंने अपने देश के लिए अपना सब कुछ दे दिया, अब मैं एक प्रशंसक की तरह अपनी टीम को चीयर करूँगा”। अर्जेंटीना के इस जादूगर का योगदान फ़ुटबॉल इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगा, और फुटबॉल फैंस उनके इस योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद रखेंगे।
FAQ
मेसी ने अपने संदेश में कहा कि अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहना उनके लिए भावुक और मुश्किल निर्णय है, लेकिन अब नए और युवाओं के लिए रास्ता छोड़ने का सही समय आ गया है।
दिए गए कंटेंट के अनुसार, मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 125 अंतरराष्ट्रीय गोल किए।
मेसी के अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत 17 अगस्त 2005 को हंगरी के खिलाफ Friendly मैच से हुई थी।
हाँ, दिए गए कंटेंट के अनुसार मेसी अमेरिकी क्लब इंटर मियामी के लिए क्लब फुटबॉल खेलना जारी रखेंगे।


