एशियन गेम्स 2026 में टीम इंडिया के साथ नहीं होंगे गौतम गंभीर
एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के नियमित मुख्य कोच गौतम गंभीर एशियन गेम्स में टीम इंडिया के साथ नजर नहीं आएंगे। उनकी जगह पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हालांकि यहां सबसे अहम बात ये है कि गंभीर को उनके पद से हटाया नहीं गया है, बल्कि व्यस्त क्रिकेट कार्यक्रम के चलते एशियन गेम्स के लिए कोचिंग की जिम्मेदारी लक्ष्मण को दी गई है। एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होगा। इस बड़े बहु-खेल आयोजन में भारतीय क्रिकेट टीम भी हिस्सा लेगी। पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर से शुरू होगी और भारत की टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल चरण में प्रवेश मिलेगा। ऐसे में टीम इंडिया के अभियान की शुरुआत महत्वपूर्ण मुकाबले से होगी और उस समय ड्रेसिंग रूम में मुख्य कोच के तौर पर वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।
व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के चलते बदली कोचिंग व्यवस्था
गौतम गंभीर के एशियन गेम्स में उपलब्ध नहीं रहने की वजह भारतीय टीम का व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। गंभीर वरिष्ठ भारतीय टीम के साथ अपनी जिम्मेदारियां जारी रखेंगे, जबकि एशियन गेम्स के लिए अलग कोचिंग व्यवस्था तैयार की गई है। बीसीसीआई ने इस तरह की व्यवस्था पहले भी इस्तेमाल की है, जब एक ही समय पर भारतीय टीम के अलग-अलग प्रारूपों में मुकाबले होते हैं। इस बार भी लक्ष्मण को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वीवीएस लक्ष्मण के लिए यह जिम्मेदारी नई नहीं है। वह इससे पहले भी भारतीय टीम के अंतरिम मुख्य कोच के रूप में काम कर चुके हैं और 2023 के एशियन गेम्स में भी भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभा चुके हैं। उस अभियान में भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसलिए एशियन गेम्स के मंच और इस प्रतियोगिता के दबाव से लक्ष्मण अच्छी तरह परिचित हैं। अब 2026 में लक्ष्मण के सामने उस सफलता को दोहराने की चुनौती होगी।
2023 की सफलता के बाद खिताब बचाने उतरेगा भारत
भारत एशियन गेम्स में अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से उतरेगा। पिछली बार युवा भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था और अब एक बार फिर भारतीय क्रिकेट की नजर सोने के तमगे पर होगी।ऐसे में लक्ष्मण को युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच सही संतुलन बनाना होगा। भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी इस बार श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है।
यानी टीम की कमान और कोचिंग की जिम्मेदारी ऐसे खिलाड़ियों और कोचिंग टीम के हाथ में होगी, जिन्हें भारतीय क्रिकेट के मौजूदा ढांचे की अच्छी समझ है। लक्ष्मण का काम सिर्फ मैदान पर रणनीति बनाना नहीं होगा, बल्कि युवा खिलाड़ियों को बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करना भी होगा। लक्ष्मण के साथ कोचिंग दल में सुनील जोशी और ऋषिकेश कानिटकर भी शामिल होंगे। यानी एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम के पास अनुभव और युवा प्रतिभाओं को तैयार करने वाली एक अलग कोचिंग संरचना होगी।
VVS लक्ष्मण के पास एशियन गेम्स का पुराना अनुभव
लक्ष्मण के पास भारतीय क्रिकेट व्यवस्था का लंबा अनुभव है और वह बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख के तौर पर भी काम कर रहे हैं। गौतम गंभीर के प्रशंसकों और भारतीय क्रिकेट को करीब से देखने वालों के लिए यह सवाल स्वाभाविक है कि आखिर गंभीर एशियन गेम्स में टीम के साथ क्यों नहीं जा रहे हैं। इसका जवाब सीधे तौर पर उनके पद से जुड़ा नहीं है।
गंभीर भारतीय पुरुष टीम के नियमित मुख्य कोच बने हुए हैं। एशियन गेम्स के लिए लक्ष्मण की नियुक्ति एक अस्थायी और प्रतियोगिता-विशेष जिम्मेदारी है, इसलिए इसे गंभीर की जगह स्थायी बदलाव के तौर पर देखना सही नहीं होगा। तो एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट में तस्वीर साफ है। गौतम गंभीर भारतीय पुरुष टीम के नियमित मुख्य कोच बने हुए हैं, लेकिन एशियन गेम्स के अभियान के दौरान उनकी जगह वीवीएस लक्ष्मण टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाएंगे।
24 सितंबर से शुरू होगा भारत का अभियान
लक्ष्मण के पास इस प्रतियोगिता का पुराना अनुभव भी है और 2023 में स्वर्ण पदक जीतने की सफलता भी। अब नजर इस बात पर होगी कि क्या वह 2026 में भी भारत को पोडियम के सबसे ऊपर पहुंचा पाते हैं। कुल मिलाकर एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए कोच भले ही बदल जाएगा, लेकिन लक्ष्य वही रहेगा—स्वर्ण पदक। गौतम गंभीर अपनी नियमित जिम्मेदारियों में बने रहेंगे और वीवीएस लक्ष्मण एशियन गेम्स के लिए टीम इंडिया की कमान संभालेंगे। 2023 की सफलता के बाद लक्ष्मण के पास एक बार फिर इतिहास दोहराने का मौका है। अब इंतजार 24 सितंबर का है, जब भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ अपने स्वर्ण पदक बचाओ अभियान की शुरुआत करेगी।


