मध्यप्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी पूरी व्यवस्था को अब डिजिटल किया जा रहा है। प्रदेश में करीब 3 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को ROMS पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके जरिए आउटसोर्स एजेंसियों के पंजीयन और सत्यापन से लेकर कर्मचारियों की जानकारी दर्ज करने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी होगी ऑनलाइन
ROMS पोर्टल पर आउटसोर्स एजेंसी का पंजीयन और सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारियों की आधार ई-केवाईसी और ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया भी पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। कर्मचारियों की मासिक उपस्थिति दर्ज करने के साथ ही एजेंसी के बिल भी ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति और एजेंसी की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बिल की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा सकेगा।
कर्मचारी संगठनों ने की लॉगिन देने की मांग
हालांकि कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को भी पोर्टल पर कर्मचारी लॉगिन उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति, वेतन और पीएफ कटौती जैसी जानकारी स्वयं देखने की सुविधा मिलनी चाहिए। संगठनों की मांग है कि जिस तरह पोर्टल पर एजेंसियों और विभागों के लिए व्यवस्था की जा रही है, उसी तरह कर्मचारियों के लिए भी लॉगिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे कर्मचारी अपनी जानकारी की जांच कर सकेंगे और किसी तरह की गड़बड़ी होने पर उसे सामने ला सकेंगे।
15 अक्टूबर तक लंबित प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी
आउटसोर्स व्यवस्था से जुड़े लंबित अनुबंध, आदेश और प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए 15 अक्टूबर 2026 की समयसीमा तय की गई है। इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया में भी पोर्टल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अक्टूबर 2026 से भुगतान के लिए ROMS पोर्टल से तैयार बिल को अनिवार्य किए जाने की व्यवस्था है। यानी एजेंसी के बिल और भुगतान की प्रक्रिया को पोर्टल से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
डिजिटल व्यवस्था से बदलेगी पूरी प्रक्रिया
नई व्यवस्था में एजेंसी का पंजीयन, सत्यापन, कर्मचारी की आधार ई-केवाईसी, ऑनबोर्डिंग, मासिक उपस्थिति और एजेंसी के बिल जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में रखा जा सकेगा। कर्मचारी संगठनों की ओर से कर्मचारी लॉगिन की मांग के बाद अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कर्मचारियों को उनके वेतन, उपस्थिति और पीएफ कटौती जैसी जानकारी सीधे देखने की सुविधा मिलती है या नहीं। इस तरह ROMS पोर्टल के जरिए प्रदेश के करीब 3 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की जा रही है।


