अनंत सिंह क्या नीतीश से होंगे अलग? MLC चुनाव से पहले बड़ा ऐलान

  • September 4, 2026
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अनंत सिंह ने MLC चुनाव में डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान किया

अनंत सिंह JDU से हो रहे हैं बागी?

नाराज़ हो गए है मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह? अनंत सिंह JDU से बागी हो रहे? छोटे सरकार को जनता दल यूनाइटेड से मोह भंग हो गया है? क्या अनंत सिंह एक बार फिर JDU को झटका देने वाले है? क्या ये JDU के खिलाफ बगावत की शुरुआत है?

ये तमाम सवाल इसलिए उठ रहे है क्यूंकि बिहार में आगामी विधान परिषद यानी (एमएलसी) चुनावों की सरगर्मी के बीच जेडीयू के भीतर से बड़े बागी तेवर देखने को मिल रहे हैं. मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह यानी (छोटे सरकार) ने अपनी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने ऐलान किया है कि वह आगामी एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे, बल्कि उनके खिलाफ मैदान में उतर रहे डॉ. अनुज सिंह का पूरा साथ देंगे और उन्हें चुनाव जिताने का काम करेंगे।

अनंत सिंह ने अनुज सिंह को समर्थन देने का किया ऐलान

दरसल मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह ने आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर बड़ा सियासी दांव चल दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह एमएलसी चुनाव में अनुज सिंह के साथ खड़े होंगे। वे मौजूदा जदयू एमएलसी नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे।

अनंत सिंह के इस खुले ऐलान के बाद बाढ़ से लेकर मोकामा तक स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बेढ़ना में समर्थकों के बीच मिडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने अपने अंदाज में कहा, ‘जो मेरे साथ रहेगा, हम उसका साथ देंगे।’ उन्होंने अनुज सिंह को हर स्तर पर समर्थन देने की बात कही। साथ ही दावा किया कि 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक अनुज सिंह के साथ रहेंगे। JDU के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को लेकर भी अनंत सिंह ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जो हमारा साथ नहीं देते हैं, हम उनका साथ क्यों देंगे?’ अनंत सिंह के इस बयान को नीरज कुमार के खिलाफ सीधे राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

26 विधानसभा क्षेत्रों में समर्थकों के साथ रहने का दावा

दरसल बिहार की राजनीति में अनंत सिंह का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं…मोकामा की राजनीति में लंबे वक्त से प्रभाव रखने वाले अनंत सिंह अब JDU के साथ हैं… लेकिन विधान परिषद चुनाव को लेकर उनका ताजा ऐलान पार्टी के लिए असहज करने वाला जरूर है। अनंत सिंह ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह JDU के मौजूदा MLC नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे… बल्कि डॉ. अनुज सिंह के साथ खड़े रहेंगे। इतना ही नहीं… अनंत सिंह ने दावा किया है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक अनुज सिंह के पक्ष में काम करेंगे।

यानी संदेश साफ है…मुकाबला सिर्फ अनुज बनाम नीरज का नहीं रह गया है… अब इसमें अनंत सिंह का प्रभाव भी एक फैक्टर बन गया है। अनंत सिंह का यह दावा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद चुनाव में उनका प्रभाव केवल मोकामा तक सीमित रहने के बजाय आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में भी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। 26 विधानसभा क्षेत्रों में समर्थकों के अनुज सिंह के साथ रहने का उनका दावा अगर जमीन पर उतरता है तो इसका असर चुनावी मुकाबले पर पड़ सकता है। हालांकि, इस दावे की वास्तविक चुनावी ताकत का आकलन मतदान के दौरान ही होगा।

नीरज कुमार के खिलाफ खुला मोर्चा, JDU की बढ़ी मुश्किलें

गौरतलब है की JDU एमएलसी नीरज कुमार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माना जाता हैं. इसके अलावा वह कुर्मी समुदाय से आते हैं. इसके बावजूद अनंत सिंह ने साफ तौर पर नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है।

इस लिहाज़ से अनंत सिंह का ये बयान नीरज कुमार के लिए बड़ा राजनितिक झटका माना जा रहा है। बता दे की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू नेता नीरज कुमार लगातार तीन बार एमएलसी चुने जा चुके हैं और इस बार ‘जीत का चौका’ लगाने की तैयारी में हैं। हालांकि, जेडीयू के भीतर से ही अनंत सिंह के इस बागी रुख ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. नीरज कुमार के लिए इस बार पटना सीट से एमएलसी का चुनाव जीतना आसान नहीं दिख रहा है।

दरअसल अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय से चर्चा में रहे हैं, लेकिन विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले इस तरह का खुला ऐलान पार्टी के भीतर बड़ी खींचतान की ओर इशारा कर रहा है. मोकामा, बाढ़ और आसपास के इलाकों में अनंत सिंह की मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है. उनके इस कदम से जेडीयू के वोट बैंक में सेंध लगने का खतरा है। दूसरी तरफ डॉ. अनुज सिंह के लिए अनंत सिंह का समर्थन निश्चित तौर पर बड़ा राजनीतिक संदेश है। क्योंकि नीरज कुमार लगातार तीन बार इस सीट से जीत चुके हैं और चौथी जीत की तैयारी में हैं। लेकिन इस बार मुकाबले की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है।

नीतीश कुमार से नाराजगी की चर्चा क्यों?

दरअसल बिहार में जब से नई सरकार की गठन हुई और नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजयसभा के सदस्य तब से बताया जा रहा है की अनंत सिंह खुस नहीं है और उन्होंने कई बार ये बात मीडिया के सामने कहा भी है।

अब इन्ही सब घटनाक्रम के बाद ये सवाल उठने लगा है की क्या अनंत सिंह JDU से बागी हो रहे?वही अनंत सिंह के इस ऐलान को JDU के विधान परिषद सदस्य और पार्टी के सीनियर नेता नीरज कुमार के खिलाफ बड़ी राजनीतिक गोलबंदी के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में आगामी विधान परिषद चुनाव के लिहाज से यह बयान काफी अहम है। अब देखना होगा कि अनंत सिंह के ऐलान के बाद उनके समर्थक किस तरह अनुज सिंह के पक्ष में सक्रिय होते हैं और इसका MLC चुनाव में JDU उम्मीदवार नीरज कुमार के मुकाबले पर क्या असर पड़ता है?

अनुज सिंह के हौसले बुलंद, जीत का किया दावा

इधर अनंत सिंह के खुले समर्थन के बाद डॉ. अनुज सिंह के हौसले भी बुलंद हो गए हैं. उन्होंने कहा कि जब उन्हें ‘छोटे सरकार’ का साथ मिल गया है, तो जीत तय है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि डॉ. अनुज सिंह किस चुनाव चिन्ह पर या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरते हैं। फिलहाल चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही जेडीयू से जुड़े दो कद्दावर चेहरों का आमने-सामने आना यह साफ करता है कि इस बार पटना स्नातक सीट का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अनंत सिंह का यह दांव एमएलसी चुनाव के समीकरण बदल पाएगा? और उनके 26 विधानसभा क्षेत्रों में समर्थकों को साथ लाने के दावा नीरज कुमार के लिए कितना बड़ा झटका होगा।