चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही: 135 किमी की रफ्तार से चली हवाएं, 6000 बिजली खंभे उखड़े

  • October 29, 2026
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चक्रवात अर्नब तबाही के बाद कोनासीमा में गिरे हुए पेड़ और राहत कार्य में जुटी टीमें

135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तटीय आंध्र पर हमला

भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने बुधवार को भारत के पूर्वी राज्य आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अपनी जोरदार दस्तक दे दी है। इस चक्रवात के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई और कई इलाकों में भारी बुनियादी नुकसान दर्ज किया गया। तूफान के खतरे को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने हजारों लोगों को पहले ही संवेदनशील व निचले इलाकों से निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचा दिया था

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख प्रखर जैन ने जानकारी दी कि चक्रवात लैंडफॉल करने से ठीक पहले कुछ हद तक कमजोर जरूर पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद तटीय जिलों में अत्यंत भारी वर्षा हुई, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारियों के मुताबिक हवा की अधिकतम गति 135 किमी प्रति घंटा (84 मील प्रति घंटा) तक दर्ज की गई। हालांकि किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन चक्रवात अर्नब तबाही का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

कोनासीमा जिले में भयंकर नुकसान, बागान उजड़े

चक्रवाती तूफान का सबसे भयानक और भीषण असर राज्य के उपजाऊ कोनासीमा जिले में देखने को मिला है, जिसे अधिकारियों ने अब तक का सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है। तेज आंधी और लगातार बारिश के कारण जिले में केले और नारियल के विशाल बागानों को अपूरणीय क्षति पहुंची है। हवा के भीषण दबाव से हजारों की संख्या में विशाल पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए, जिसके चलते पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि अकेले कोनासीमा क्षेत्र में ही करीब 6,000 बिजली के खंभे टूटकर धराशायी हो गए हैं। सड़कों पर पेड़ों के गिरने से दर्जनों संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए, जिन्हें युद्धस्तर पर बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक अमला लगातार जुटा हुआ है। इस प्रकार तटीय कृषि क्षेत्र में चक्रवात अर्नब तबाही ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

विशाखापत्तनम में जलभराव, ओडिशा के लिए चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि चक्रवात के टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जैसे-जैसे यह मौसमी तंत्र आंध्र प्रदेश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ेगा, इसके धीरे-धीरे और कमजोर होने की संभावना है तथा हवा की गति भी मंद पड़ेगी। हालांकि, इसके व्यापक असर से आंध्र प्रदेश के समस्त तटीय जिलों तथा पड़ोसी दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में लगातार भारी वर्षा और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।

मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम के कई निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया है और सड़कें पानी में डूब गई हैं। ओडिशा सरकार ने भी अपने दक्षिणी जिलों में हाई अलर्ट जारी करते हुए जिलाधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के चलते चक्रवात अर्नब तबाही ने तटीय संरचनाओं को बड़े पैमाने पर झकझोर दिया है।