अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई सड़क, भारत के लिए चिंताः लद्दाख के पास बढ़ेगा असर

  • October 7, 2026
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अफगानिस्तान से चीन तक बनी वाखान कॉरिडोर सड़क

अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई 121 किलोमीटर सड़क

अफगानिस्तान ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन के शिनजियांग तक 121 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से बनी इस सड़क का उद्घाटन भी हो गया है। यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच पहला सीधा जमीनी रास्ता बताई गई है। तालिबान सरकार इस रास्ते के जरिए अपने प्राकृतिक संसाधनों और सोने की खदानों को चीन के बाजार तक पहुंचाना चाहती है। इसके जरिए अफगानिस्तान को दूसरे देशों और विदेशी कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। अफगानिस्तान चीन सड़क के जरिए चीन को भी अफगानिस्तान के खनिज संसाधनों तक आसान पहुंच मिल सकती है। इसके अलावा यह रास्ता ईरान और मध्य पूर्व के बाजारों तक भी जमीनी संपर्क उपलब्ध कराने की संभावनाएं पैदा करता है। पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच इस रास्ते को रणनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन के लिए वाखान कॉरिडोर क्यों महत्वपूर्ण है

वाखान कॉरिडोर चीन के लिए सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। चीन ने इसी साल इस इलाके में नया प्रशासनिक कॉरिडोर भी बनाया है। इस रास्ते से चीन को अफगानिस्तान के सोने और दूसरे खनिजों तक आसान पहुंच मिल सकती है। साथ ही ईरान और मध्य पूर्व के बाजारों तक भी जमीन के रास्ते पहुंच बनने की संभावना है। वाखान कॉरिडोर भारत के दावे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के पास स्थित है और यह क्षेत्र लद्दाख से भी करीब है। ऐसे में इस इलाके में चीन की बढ़ती मौजूदगी को भारत के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञ एनसी बिपिंद्र के मुताबिक वाखान में चीन और मध्य एशिया के हित जुड़े हुए हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव तथा इस इलाके में चीन की बढ़ती मौजूदगी के कारण वाखान कॉरिडोर का रणनीतिक महत्व बढ़ गया है।

लद्दाख के पास चीन की मौजूदगी बढ़ने की चिंता

वाखान कॉरिडोर का इलाका लद्दाख के करीब है। इसी वजह से अफगानिस्तान चीन सड़क बनने के बाद भारत की सुरक्षा और निगरानी को लेकर चिंता बढ़ने की बात कही जा रही है। रक्षा विशेषज्ञ के मुताबिक भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों के साथ अपना संपर्क बढ़ाकर कूटनीतिक और राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करनी चाहिए। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी से मुलाकात के दौरान कहा था कि भारत की नजर वाखान में हो रही गतिविधियों पर है। इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी, पाकिस्तान के साथ तनाव और मध्य एशिया से संपर्क के लिहाज से सड़क की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अफगानिस्तान चीन सड़क के बनने से क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार के साथ-साथ रणनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।