नया निवेश खाका जल्द मिल सकता है मंजूरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधियों के लिए नया खाका तैयार है और इसे निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से तैयार किए जा रहे नए खाके का उद्देश्य 2016 में मंजूर किए गए खाके की खामियों को दूर करना और दोनों देशों के निवेशकों को अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रदान करना है।
सीतारमण ने यहां म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि नए खाके को अंतिम रूप दिए जाने के बीच भी भारत ने निवेश संरक्षण समझौतों पर बातचीत जारी रखी है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के साथ हुआ नवीनतम समझौता 2016 के ढांचे से आगे जाता है और इसमें दोनों देशों के निवेशकों के हितों की सुरक्षा पर अधिक स्पष्ट रूप से केंद्रित प्रावधान शामिल हैं। नए प्रावधानों में निवेशकों की सुरक्षा और निवेश के लिए बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य पुराने ढांचे में मौजूद कमियों को दूर करते हुए निवेशकों के लिए व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाना है।
कई देशों के साथ निवेश समझौतों पर बातचीत जारी
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की कनाडा और रूस समेत कई देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौतों पर बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और कुछ मध्य एशियाई देशों के साथ भी इसी तरह के समझौते किए हैं। सीतारमण ने कहा कि नया खाका तैयार है और उसे जल्द ही मंजूरी मिल सकती है। उन्होंने कहा, “अगर चीजें अच्छी तरह आगे बढ़ती हैं, तो दिसंबर तक हमें कम से कम तीन और देशों के साथ समझौते कर लेने चाहिए।” उनके अनुसार, नए खाके में कई और प्रावधानों को शामिल किया जा रहा है।
द्विपक्षीय निवेश संधि दो देशों के बीच ऐसा समझौता होती है, जिसका उद्देश्य एक-दूसरे के क्षेत्र में उनके निवेशकों द्वारा किए गए निवेश को बढ़ावा देना और उसकी सुरक्षा करना है। सरकार नए ढांचे के माध्यम से निवेशकों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर काम कर रही है। सीतारमण ने कहा कि अगर बातचीत उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ती है तो कनाडा के साथ वार्ता दिसंबर या अगले साल की शुरुआत तक पूरी हो सकती है। भारत कई देशों के साथ इसी तरह की बातचीत आगे बढ़ा रहा है।
निवेशकों की सुरक्षा पर नए प्रावधानों पर जोर
सीतारमण के अनुसार, सऊदी अरब के साथ हुआ नवीनतम समझौता 2016 के ढांचे से आगे जाता है और इसमें दोनों देशों के निवेशकों के हितों की सुरक्षा पर अधिक स्पष्ट रूप से केंद्रित प्रावधान शामिल हैं। इसी तरह भारत यूएई, ओमान और कुछ मध्य एशियाई देशों के साथ भी समझौते कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत के पास नया खाका है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। हालांकि, इसके बीच प्रक्रिया को रोका नहीं गया है और देशों के साथ बातचीत जारी है। नए खाके में कई प्रावधानों को शामिल किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यदि चीजें अच्छी तरह आगे बढ़ती हैं तो दिसंबर तक कम से कम तीन और देशों के साथ समझौते किए जाने चाहिए। वहीं कनाडा के साथ बातचीत दिसंबर या अगले साल की शुरुआत तक पूरी होने की संभावना जताई गई है।


