AC फर्स्ट क्लास में सफर, सूटकेस में शराब की खेप
कहानी ‘फर्स्ट क्लास’ की है, लेकिन काम ‘थर्ड क्लास’ वाला निकला… चेहरा खूबसूरत, कपड़े मॉडर्न, अंदाज ऐसा कि कोई देखे तो कहे किसी बड़े घर की लड़की है. ट्रैन दिल्ली से दरभंगा जा रही थी, टिकट था सबसे महंगे AC फर्स्ट क्लास का. साथ में आठ चमचमाते ब्रीफकेस और दो बड़े बैग थे. लेकिन समस्तीपुर स्टेशन पर जैसे ही RPF और GRP ने उन ब्रीफकेस को खोला, पूरी शाही सवारी की असलियत सामने आ गई. अंदर से जो निकला उसने सबको हैरान कर दिया क्योंकि ‘डर्टी गेम’ का खुलासा हो चुका था. खास बात यह कि कहानी सिर्फ एक लड़की के पकड़े जाने की नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के ‘डर्टी माइंड’ की है।
सूटकेस खुले तो एक के बाद एक ब्रांडेड शराब की बोतलें निकलने लगीं. जांच टीम के सामने बैठी युवती जिसका नाम नेहा झा है उसका आत्मविश्वास भी पुलिस के लिए चर्चा का विषय बन गया. वह लगातार टीम से सवाल-जवाब करती रही. कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई. तलाशी पूरी हुई तो करीब 75 लीटर शराब बरामद होने की बात सामने आई. लेकिन इस कहानी का असली ट्विस्ट सिर्फ इतनी शराब की बरामदगी नहीं है, बल्कि युवती के परिवार के ‘डर्टी गेम’ की परतें खुलने की है।
नेहा झा के परिवार का शराब तस्करी से पुराना कनेक्शन
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. पूछताछ आगे बढ़ी तो युवती के परिवार का शराब तस्करी से पुराना कनेक्शन भी सामने आया. जांच में पता चला कि उसकी बड़ी बहन और पिता पहले ही शराब तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं. अब पुलिस इस पूरे मामले को केवल ट्रेन में शराब बरामदगी तक सीमित नहीं मान रही. मोबाइल डिटेल खंगाली जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि शराब की यह खेप बिहार में किसके लिए लाई जा रही थी।
दरअसल बिहार के समस्तीपुर में शराब की तस्करी करने वाली एक मॉडल जैसी दिखने वाली युवती को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. युवती के साथ एक अन्य युवक को भी गिरफ्तार किया गया था. दोनों स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच में सफर कर रहे थे और सीट के नीचे लग्जरी बैग में महंगी शराब की बोतलें छिपाकर रखे थे.
गिरफ्तारी के वक्त नेहा झा का कॉन्फिडेंस बना चर्चा का विषय
RPF और GRP की टीम ने जब युवती को गिरफ्तार किया तो उसका कॉन्फिडेंस देखकर वे भी हैरान रह गए. क्योंकि जिस वक्त गिरफ्तारी की गई, उसे देखकर लग ही नहीं रहा था उसने जुर्म किया है. बल्कि वह एकदम रिलैक्स थी, शायद उसे यह कॉन्फिडेंस था कि वह बच जाएगी. दावा यह भी किया जा रहा है कि नेहा द्वारा शराब अमीर लोगों और बडे डॉक्टरों को भी सप्लाई किया जाना था।
समस्तीपुर स्टेशन पर RPF और CIB ने की कार्रवाई
दरअसल घटना नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की है. ट्रेन जब समस्तीपुर स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एसी फर्स्ट क्लास के एच-1 कोच में कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि वाराणसी स्टेशन से टीम को सूचना मिली थी कि एक युवती एसी फर्स्ट क्लास में शराब की खेप लेकर सफर कर रही है. सूचना मिलने के बाद टीम ने एच-1 कोच के कूप संख्या सात को चिन्हित किया. कूप का दरवाजा अंदर से बंद था. टीम ने आवाज देकर दरवाजा खुलवाया. अंदर युवती के साथ उसका जीजा भी मौजूद था. इसके बाद दोनों से पूछताछ शुरू हुई और सामान की तलाशी ली गई।
दो सूटकेस से मिलीं ब्रांडेड शराब की बोतलें
तलाशी के दौरान आरपीएफ की टीम ने जब दो सूटकेस खोले तो उसमें ब्रांडेड शराब की बोतलें मिलीं. पुलिस के मुताबिक, कुल करीब 75 लीटर शराब बरामद हुई है. तलाशी की कार्रवाई के दौरान युवती का व्यवहार भी पुलिस के लिए असामान्य था. वह टीम से बहस करती रही और काफी आत्मविश्वास के साथ अपने पक्ष में बातें रखती रही.
आरपीएफ की टीम ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई. शराब बरामद होने के बाद युवती और उसके साथ मौजूद जीजा को हिरासत में लिया गया. पूछताछ और जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया गया. गिरफ्तार युवती की पहचान नेहा झा के रूप में हुई है. बतया जा रहा की वह समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव के वार्ड-12 की रहने वाली है।
डॉक्टरों और रसूखदार लोगों तक शराब पहुंचाने का दावा
जांच के दौरान नेहा को लेकर एक और गंभीर जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है. पुलिस के मुताबिक, नेहा मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के तौर पर काम करने की आड़ में दरभंगा में कुछ डॉक्टरों और रसूखदार लोगों तक ब्रांडेड शराब पहुंचाती थी. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. अगर यह आरोप जांच में सही साबित होता है तो मामला ट्रेन में शराब बरामदगी से कहीं बड़ा हो सकता है. यही वजह है कि जीआरपी और आरपीएफ इस मामले में संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
पिता और बहन भी शराब मामले में जेल जा चुके हैं
वही जांच में नेहा के परिवार का शराब से जुड़ा पुराना कनेक्शन भी सामने आया है. नेहा के पिता संजय झा पहले खेती-बाड़ी का काम करते थे. पुलिस के मुताबिक, उन्हें भी शराब तस्करी के मामले में सिंघिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसके बाद परिवार की बड़ी बेटी पर भी शराब तस्करी से जुड़ने का आरोप लगा. नेहा की बड़ी बहन निशु झा को दरभंगा उत्पाद विभाग की टीम ने 30 नवंबर 2025 को 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया था. वह भी इस मामले में जेल जा चुकी है. अब नेहा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस परिवार से जुड़े पुराने मामलों को भी खंगाल रही है।
नेहा झा के परिवार में कौन-कौन हैं?
दरअसल नेहा चार बहनों में सबसे छोटी बताई जा रही है. उसकी बड़ी बहन अंशु झा की शादी हरियाणा निवासी ईशान कुमार से हुई है. यही ईशान इस मामले में नेहा के साथ ट्रेन में मौजूद था. दूसरी बहन निशु झा शराब के मामले में जेल जा चुकी है. तीसरी बहन अंजू झा दरभंगा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करती है. परिवार में दो भाई भी हैं. छोटा भाई गांव में रहकर मैट्रिक की पढ़ाई कर रहा है. वहीं बड़ा भाई इंटर पास करने के बाद नीट की तैयारी कर रहा था. नीट में सफलता नहीं मिलने के बाद उसके नशे की गिरफ्त में आने और नशामुक्ति केंद्र में इलाज चलने की बात सामने आई है. वही नेहा ने दरभंगा के केएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।
25 साल की उम्र में दोनों बहनों की गिरफ्तारी का संयोग
इस मामले में परिवार से जुड़ा एक संयोग भी अब चर्चा का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि जब नेहा की बड़ी बहन निशु झा 25 वर्ष की थीं, तब 30 नवंबर 2025 को उन्हें 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. अब नेहा के 25 वर्ष की उम्र में करीब 75 लीटर शराब के साथ पकड़े जाने की बात सामने आई है. यानी दोनों बहनों की गिरफ्तारी के मामले में 25 साल की उम्र का संयोग सामने आया है. सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
बिहार में शराबबंदी के बीच उठे कई बड़े सवाल
गौरतलब है की बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराब की तस्करी पुलिस और उत्पाद विभाग के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है. दूसरे राज्यों से शराब लाकर बिहार में सप्लाई करने के मामले सामने आते रहे हैं. इस मामले में खास बात यह है कि शराब की खेप सामान्य ट्रेन के किसी साधारण कोच से नहीं, बल्कि AC फर्स्ट क्लास से ले जाई जा रही थी.
बहरहाल, समस्तीपुर में पुलिस ने शराब की खेप पकड़ ली और नेहा झा और ईशान कुमार गिरफ्तार हो गए. लेकिन इस केस के सबसे बड़े सवाल अभी बाकी हैं. फर्स्ट क्लास में बैठकर शराब की यह खेप आखिर किसके लिए लाई जा रही थी? दिल्ली में सप्लायर कौन है? दरभंगा में रिसीवर कौन है? क्या पहले भी ऐसी खेप पहुंच चुकी है? परिवार के पुराने शराब मामलों का इस नेटवर्क से क्या संबंध है? और डॉक्टरों या बड़े लोगों तक शराब पहुंचाने का दावा कितना सच है?


