दिल्ली में SIR और ज्ञानेश कुमार के विरोध में INDIA ब्लॉक का मार्च
देश की राजधानी दिल्ली में आज SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में इंडिया गठबंधन का मार्च चल रहा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत 19 दल आज संसद से चुनाव आयोग तक घेराव करने के लिए निकले हुए हैं। लेकिन सांसदों को दिल्ली पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया है। जिसके बाद विपक्षी सांसद धरने पर बैठ गए हैं। इंडिया गठबंधन ने इसे ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ नाम दिया है। जहां राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, समेत करीब 150 विपक्षी सांसद पार्लियामेंट से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पैदल मार्च कर रहे हैं।
करीब 3 किलोमीटर का यह मार्च होगा। इसके साथ ही विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के घेराव की बात कही है। दरअसल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर लगातार तीन दिन प्रदर्शन हुए। दो अक्तूबर यानी गांधी जयंती के दिन शुरू हुआ प्रदर्शन शनिवार और रविवार को भी देखने को मिला। लेकिन आज दिल्ली में इस बार पुलिस ज़्यादा मुस्तैद दिखी। किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर तक पहुंचने नहीं दिया गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोका
मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विपक्ष के इस विरोध मार्च में कई पार्टियों के नेता और सांसद शामिल हुए हैं। निर्वाचन सदन के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर INDIA ब्लॉक के नेताओं को रोक दिया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और पार्टी के कुछ अन्य युवा सांसद पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर चढ़ गए।
वहीं, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, डी. राजा और INDIA ब्लॉक के दूसरे वरिष्ठ नेता आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम लोकतंत्र फिर से बहाल करने के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारे लोग देश के लिए जान दे सकते हैं तो हम जेल क्यों नहीं जा सकते। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए हम लड़ते रहेंगे।
PDA वोटरों के नाम हटाने का आरोप
वहीं समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि PDA वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने EC की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए 15,000 वोटर रिकॉर्ड पेश किए थे, लेकिन उन्हें न तो कमीशन और न ही सरकार की ओर से कोई जवाब मिला। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के दूसरे सांसद चुनाव आयोग से लगभग 200 मीटर दूर, नीति आयोग के पास धरने पर बैठे हुए हैं। विपक्षी सांसद CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट चोर’ के नारे लगा रहे हैं। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में आम जनता को भरोसा है कि हमें चुनाव आयोग न्याय देगा और निष्पक्ष होगा। लेकिन यहां देखने को मिला है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष होकर काम नहीं कर रहा है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद के नकली दस्तखत करके वोट डाला जा रहा था और फॉर्म 7 भरवाया जा रहा था। बीजेपी पर आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि इन लोगों ने पूरे बंगाल का चुनाव लूट लिया। ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग और बीजेपी दफ्तर एक ही तरह से काम कर रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए के लोग मिलकर संविधान को बचाएंगे।
इधर प्रदर्शन को देखते हुए निर्वाचन सदन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भारी संख्या में मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस अब हर प्रोटेस्ट में बॉडी कैमरा लगा कर ड्यूटी कर रही है। नई दिल्ली ज़िले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुरुषों की 27 कंपनियां और महिलाओं की 4 कंपनियां तैनात की गई हैं।
संजय राऊत ने पुलिसबल को लेकर उठाया सवाल
वहीं INDIA ब्लॉक के मार्च में शामिल होने के लिए शिवसेना-UBT सांसद संजय राऊत भी दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान संजय राऊत ने सवाल किया है कि इतने पुलिसबल की क्या जरूरत थी? उनका कहना है कि वे बस चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने के लिए कहना चाहते हैं, इसके लिए इतने पुलिस बल की जरूरत नहीं थी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को देश का दुश्मन बताया है। उन्होंने कहा, ‘हम पैदल मार्च करना चाहते हैं; हमारे पास कोई हथियार नहीं है। हम बस चुनाव आयोग के दफ़्तर जाकर ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा देने के लिए कहना चाहते हैं, और वे देश के दुश्मन हैं।’
आपको बता दें कि इंडिया गठबंधन मार्च से पहले बीजेपी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ज्ञानेश कुमार को गणेशजी कहा है। इस पर समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने कहा, गणेशजी बुरी चीजों की मदद नहीं करते हैं। अभी मैंने उनसे ये ही कहा कि जब हम प्रार्थना करते हैं तो सबसे पहले गणेशजी की प्रार्थना करते हैं। शुभारंभ उन्हीं से करते हैं। तो गणेशजी हमें प्रोटेक्ट करेंगे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद इस्तीफे की मांग तेज
दरअसल अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में ख़बर छपी कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कदमों को लेकर ’10 महीने में 14 बार आपत्ति’ दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी एसआईआर अभियान के दौरान चुनाव आयुक्तों को कई फ़ैसलों की जानकारी नहीं दी गई थी और दोनों चुनाव आयुक्तों ने इन फ़ैसलों पर बार-बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, “ये आपत्तियां चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने, ख़ुद को अंधेरे में रखने से लेकर नए मतदाताओं को जोड़ने और नाम हटाने को लेकर दर्ज कराईं और ‘अनधिकृत, गैरकानूनी’ कदमों पर सवाल उठाए।” इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल और कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।
30 सितंबर की बैठक में मार्च का फैसला
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन ने 30 सितंबर को बैठक की थी। जिसके बाद 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का फैसला किया था। विपक्ष का कहना है कि ये मार्च चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उनकी चिंताओं को चुनाव आयोग के सामने रखने के लिए किया जा रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस मार्च से दूरी बना ली है। आम आदमी पार्टी ने साफ कहा कि वह लड़ाई खुद लड़ रही है इसलिए वह SIR को लेकर हो रहे INDIA गठबंधन के मार्च में शामिल नहीं होगी।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों का प्रदर्शन जारी है। विपक्षी दलों की ओर से SIR, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी जा रही हैं। वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों का यह मार्च चुनाव आयोग तक पहुंचने से पहले ही पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद धरने में बदल गया है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं और सांसदों के धरने पर बैठने के बाद प्रदर्शन का मुद्दा और प्रमुख हो गया है। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग से संबंधित अपनी शिकायतों और आरोपों को लेकर लगातार बयान दिए जा रहे हैं। फिलहाल दिल्ली में निर्वाचन सदन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तथा रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात हैं।


