एअर इंडिया पायलट अल्कोहल टेस्ट में फेल, टेकऑफ से पहले ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट से उतारा

  • September 26, 2026
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एअर इंडिया पायलट अल्कोहल टेस्ट में फेल होने के बाद सस्पेंड

टेकऑफ से पहले पायलट को फ्लाइट से उतारा

एअर इंडिया के एक पायलट को 25 सितंबर की ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट से उड़ान भरने से पहले अल्कोहल टेस्ट में फेल होने के बाद सस्पेंड कर दिया गया। टेकऑफ से कुछ समय पहले पायलट को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर विमान से उतार दिया गया था। इसके बाद उसे यात्री के तौर पर भारत भेजा गया।

अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने तक एअर इंडिया पायलट का निलंबन जारी रहेगा। एयर इंडिया ने कहा है कि वह सुरक्षा, नियमों और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करती। कंपनी ने यह भी कहा कि जांच में पुष्टि होने पर अपनी नीति और नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पायलट के अल्कोहल टेस्ट में फेल होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। विमान की उड़ान से पहले ही पायलट को ड्यूटी से हटाया गया, जिससे फ्लाइट संचालन से जुड़ी सुरक्षा प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।

अंतिम मेडिकल रिपोर्ट तक निलंबन जारी

जांच पूरी होने और अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आने तक एअर इंडिया पायलट का निलंबन जारी रहेगा। एयर इंडिया ने सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की है। कंपनी ने कहा कि वह सुरक्षा, नियमों और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करती। अगर जांच में पायलट के खिलाफ आरोप की पुष्टि होती है, तो कंपनी की नीति और लागू नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। एयरलाइन की ओर से सभी फ्लाइट क्रू को सुरक्षा, प्रोफेशनलिज्म और जवाबदेही के मानकों का पालन करने की याद भी दिलाई गई है। इसके साथ ही साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच को अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।

दूसरे पायलट के मारिजुआना टेस्ट का मामला भी आया था

यह मामला एयर इंडिया के एक अन्य पायलट के मारिजुआना टेस्ट में पॉजिटिव आने के कुछ दिन बाद सामने आया है। 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के कमांडर का ड्रग टेस्ट दो बार पॉजिटिव आया था। उस समय विमान उड़ान के दौरान करीब 300 फीट नीचे आ गया था। विमान में 145 लोग सवार थे, जिनमें 20 से ज्यादा यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे।सस्पेंड पायलट सुदीप वशिष्ठ ने बताया था कि निजी कारणों से उन्हें नींद की समस्या थी और वे डॉक्टर की बताई दवा ले रहे थे। उन्होंने लेओवर के दौरान सोने की कोशिश की, लेकिन नींद नहीं आई। इसके बाद मामले की जांच की गई। एयर इंडिया अब अपने सभी पायलटों के प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं के लिए अतिरिक्त जांच कर रही है। यह स्क्रीनिंग ट्रेनिंग और पोस्ट-फ्लाइट प्रक्रिया के बाद की जाती है।

उड़ान से पहले नशे की जांच के नियम

पायलटों के लिए अल्कोहल को लेकर नियम काफी सख्त हैं। एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 24 के तहत किसी भी पायलट या क्रू मेंबर को उड़ान से 12 घंटे पहले तक किसी भी तरह के मादक पदार्थ या अल्कोहल का सेवन करने की मनाही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी पायलटों और दूसरे कर्मचारियों से साइकोएक्टिव पदार्थों के इस्तेमाल या निर्भरता की जानकारी स्वेच्छा से देने की अपील की है। एयरलाइन के मुताबिक ऐसी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार मेडिकल, एचआर तथा फ्लाइट सेफ्टी अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी। पायलटों के लिए अल्कोहल को लेकर डीजीसीए के नियम भी सख्त हैं। उड़ान से पहले और बाद में होने वाली जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि क्रू मेंबर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें।