भारतीय एजेंसियों को जानकारी देने पर सहमति
नई दिल्ली, टेक कंपनी Meta ने बच्चों के यौन शोषण और उनकी सुरक्षा से जुड़े दूसरे मामलों की जानकारी देने पर सहमति जताई है। यह जानकारी संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दी जाएगी। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह सहमति केंद्र सरकार और Meta की ऑनलाइन बच्चों की सुरक्षा के लिए हानिकारक कंटेंट पर रोक लगाने को लेकर जारी बातचीत में बनी है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत में काम करने वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जरूरी है। इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की भी बात
सरकार दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत जारी रखे हुए है। सरकार ने कहा है कि प्लेटफॉर्म्स से बच्चों से जुड़े हानिकारक कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा जा रहा है। 9 सितंबर को Meta India के प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग कार्यालय पहुंचे थे। आयोग ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और Meta India के प्रमुख को चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन एंड एब्यूज मटेरियल (CSEAM) से जुड़े कथित विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में तलब किया था।
NCPCR ने 3 जुलाई 2026 को BBC की एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया था। रिपोर्ट में Meta के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म्स पर CSEAM से जुड़े कथित विज्ञापनों का जिक्र था। इसके बाद आयोग ने Meta Platforms, Inc. को नोटिस जारी कर इन आरोपों पर जवाब मांगा था। Meta ने नोटिस के एक सप्ताह बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को अपना जवाब सौंप दिया था।


