AI इंसानों के लिए खतरा: Google रिसर्चर बोले- इंसानी नस्ल खत्म कर सकता है AI, खतरा टालने के लिए बहुत कम समय

  • September 16, 2026
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AI इंसानों के लिए खतरा और मानव जाति पर इसके संभावित असर को लेकर Google DeepMind के पूर्व वैज्ञानिक की चेतावनी

AI के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी

नई दिल्ली, गूगल डीपमाइंड के एक पूर्व वैज्ञानिक बिलाल चुगताई ने चेतावनी दी है कि AI इंसानों के लिए खतरा बन सकता है और पूरी मानव जाति को खत्म कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि इसे रोकने के लिए समय बहुत कम बचा है। उन्होंने इस्तीफा देने के बाद दुनिया को AI के इस छिपे खतरे से आगाह किया है।

इससे पहले एंथ्रोपिक के रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर AI इंसानों के लिए खतरा होने की बात को लेकर कहा था कि AI बनाने वाले डेवलपर्स खुद मानते हैं कि 2030 तक यह तकनीक इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

कंट्रोल खोने का डर

अभी तक हम मशीनों को जैसा आदेश देते हैं, वे वैसा ही काम करती हैं। लेकिन आने वाले समय में ऐसी मशीनें बन जाएंगी जो इंसान के दिमाग से भी ज्यादा चालाक और समझदार होंगी। इसे AGI कहते हैं। जब मशीन इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान हो जाएगी, तो वह हमारे आदेश मानना बंद कर सकती है। स्वायत्त हथियार: ये ऐसे डिजिटल हथियार या ड्रोन होंगे जिन्हें चलाने के लिए किसी इंसान की जरूरत नहीं होगी। ये मशीनें खुद तय करेंगी कि किस पर हमला करना है या मारना है। कंपनियां जल्द ही इंसानों से भी ज्यादा समझदार AI बना लेंगी। एक वक्त ऐसा आएगा जब इंसानों का इन पर से पूरा कंट्रोल खत्म हो जाएगा।

बिलाल बोले- खतरे को टालने के लिए कम समय

बिलाल चुगताई गूगल डीपमाइंड में उस टीम का हिस्सा थे, जिसका काम यह देखना था कि AI इंसानों के फायदे के लिए ही काम करे, नुकसान न पहुंचाए। उन्होंने कहा, गूगल में काम करते हुए मैंने AI को बनते और बदलते हुए बहुत करीब से देखा है। यह तकनीक जिस रास्ते पर जा रही है, वह डरावना है। AI इंसानों के लिए खतरा है और इस खतरे को टालने के लिए समय बहुत कम है।

हाल ही में AI बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने दावा किया कि उनके AI सिस्टम ने गणित की 90 साल पुरानी एक बहुत मुश्किल गुत्थी नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम सुलझा ली है। वहीं, दूसरा डरावना मामला तब आया जब बिना किसी इंसान के कहे, ओपनएआई के ही करीब 700 AI एजेंट ने ‘हगिंग फेस’ नाम की कंपनी के सिस्टम को हैक करने की कोशिश की।

एआई कंपनियों की होड़ रोकने की मांग: बिलाल का कहना है कि AI को सुरक्षित तरीके से विकसित करना अभी भी संभव है, लेकिन इसके लिए कंपनियों के बीच आपसी तालमेल जरूरी है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने भी एक लेख में AI बनाने की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इससे AI से जुड़े खतरों को समझने और निपटने का समय मिल जाएगा।