बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के बीच बढ़ा सियासी घमासान
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान के साथ ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जन सुराज के कुछ कार्यकर्ताओं पर कथित फर्जी मतदान कराने की कोशिश का आरोप लगाया है। इसके साथ ही पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मतदान प्रक्रिया में सख्त सत्यापन सुनिश्चित करने की मांग की है।
बीजेपी ने चुनाव आयोग से क्या मांग की?
भाजपा के बिहार प्रदेश महामंत्री नितिन अभिषेक ने निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर प्रत्येक मतदाता की पहचान का कड़ाई से सत्यापन कराने की मांग की। पार्टी ने कहा कि मतदान से पहले EPIC (Electors Photo Identity Card) और मतदाता सूची में दर्ज नाम का अनिवार्य मिलान किया जाए।
इसके अलावा सभी पीठासीन अधिकारियों और मतदान कर्मियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया गया, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित हो सके।
जन सुराज ने आरोपों को बताया राजनीतिक रणनीति
वहीं, जन सुराज ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह चुनावी दबाव बनाने की कोशिश है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि भाजपा हार के डर से प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उनके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
कार्यकर्ताओं की हिरासत पर विवाद
जन सुराज का आरोप है कि मतदान से पहले पार्टी के 16 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, लेकिन बिना जानकारी दिए हिरासत में रखना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देर रात तक विभिन्न थानों में जानकारी लेने के बाद पता चला कि कुछ लोगों को दूसरे स्थान पर ले जाया गया।
पुलिस का पक्ष
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित उपद्रव को रोकने के लिए कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों को कथित तौर पर अफवाह फैलाने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने की आशंका के आधार पर हिरासत में लिया गया।
हालांकि, इन आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चुनाव से पहले भी बढ़ा था विवाद
बांकीपुर उपचुनाव पहले से ही हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। इससे पहले भी भाजपा और जन सुराज के बीच चुनावी खर्च, प्रचार के तरीकों और चुनाव आयोग में शिकायतों को लेकर कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। मतदान वाले दिन फर्जी वोटिंग के आरोप और हिरासत का मुद्दा सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक ओर भाजपा चुनाव आयोग से सख्त सत्यापन और कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर जन सुराज पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव का हिस्सा बता रही है।
कुल मिलाकर, फर्जी मतदान और हिरासत से जुड़े सभी आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण चुनाव आयोग और संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही होगा। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो आयोग अपने नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।


