CSIS रिपोर्ट ने बढ़ाई अमेरिका की चिंता?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच थिंक टैंक Center for Strategic and International Studies (CSIS) की एक नई रिपोर्ट ने अमेरिका की मिसाइल रक्षा तैयारियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लगातार मिसाइल इंटरसेप्शन अभियानों के कारण अमेरिका के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम Patriot और THAAD के इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा है।
हालांकि, अमेरिकी सरकार ने अभी तक इंटरसेप्टरों की कमी को लेकर किसी गंभीर संकट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
CSIS के अनुसार, यदि क्षेत्र में दोबारा बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सैन्य अड्डों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा संघर्षों के दौरान बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, जिससे उपलब्ध स्टॉक पर असर पड़ा है।
रिपोर्ट किसने तैयार की?
यह रिपोर्ट वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक CSIS के लिए रिटायर्ड मरीन कर्नल और वरिष्ठ सलाहकार मार्क कैंसियन के सहयोग से रिसर्च एसोसिएट Chris H. Park ने तैयार की है।
रिपोर्ट में दिए गए अनुमान अमेरिकी बजट दस्तावेजों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के विश्लेषण पर आधारित बताए गए हैं।
Patriot इंटरसेप्टर को लेकर क्या दावा है?
रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने से पहले अमेरिका के पास लगभग 2,330 Patriot इंटरसेप्टर थे।
इसके बाद अप्रैल में लागू युद्धविराम (सीजफायर) के समय यह संख्या घटकर लगभग 1,030 रह गई थी।
रिपोर्ट का अनुमान है कि हालिया सैन्य अभियानों के बाद Patriot इंटरसेप्टर का स्टॉक अब लगभग 759 से 827 के बीच हो सकता है, जो संघर्ष से पहले की तुलना में करीब 65 प्रतिशत कम है।
THAAD स्टॉक पर क्या अनुमान है?
CSIS के अनुसार, संघर्ष से पहले अमेरिका के पास लगभग 452 THAAD इंटरसेप्टर थे। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में यह संख्या घटकर 232 से 262 के बीच पहुंच गई थी। बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और स्टॉक 234 से 278 के बीच पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
इसके बावजूद रिपोर्ट का दावा है कि THAAD का मौजूदा स्टॉक अभी भी संघर्ष-पूर्व स्तर की तुलना में लगभग 38 प्रतिशत कम है।
Patriot और THAAD क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?
Patriot अमेरिका की उन्नत मोबाइल Surface-to-Air Missile Defense System है। यह कम और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों, ड्रोन और लड़ाकू विमानों को हवा में ही रोकने के लिए बनाई गई है।
वहीं, THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण (Terminal Phase) में इंटरसेप्ट करने के लिए विकसित किया गया है। दोनों प्रणालियां अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की मिसाइल रक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं।
क्या हर मिसाइल पर इंटरसेप्टर दागा जाता है?
रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि यदि किसी दुश्मन मिसाइल के आबादी या महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से दूर गिरने की आशंका हो, तो अमेरिकी सेना हर स्थिति में इंटरसेप्टर दागने का फैसला नहीं करती।
ऐसी परिस्थितियों में सैन्य कमांडर जोखिम का आकलन करके इंटरसेप्टर बचाने का निर्णय भी ले सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव अब भी बरकरार
ईरान, इज़राइल और पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसी बीच, कुछ रिपोर्टों में यह भी चर्चा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए सैन्य सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि, इस संबंध में किसी नए सैन्य गठबंधन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
आगे क्या हो सकता है?
CSIS की रिपोर्ट ने अमेरिका की मिसाइल रक्षा क्षमता और रक्षा तैयारियों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट में बताए गए अनुमान वास्तविक परिचालन स्टॉक से कितने मेल खाते हैं, क्योंकि अमेरिका अपने रक्षा भंडार के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता।
कुल मिलाकर, यदि क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो अमेरिका को अपने मिसाइल इंटरसेप्टर उत्पादन और रक्षा संसाधनों को और मजबूत करने की आवश्यकता पड़ सकती है। आने वाले समय में इस विषय पर अमेरिकी प्रशासन और रक्षा विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।


