हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से भारत बाहर
भारतीय पुरुष और महिला टीम बेल्जियम में हो रहे हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी हैं और पूर्व भारतीय खिलाड़ी पी. आर. श्रीजेश ने भी अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी है। भारतीय पुरुष टीम 24 अगस्त को अर्जेंटीना से हारकर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई। अब टीम इंडिया सातवें स्थान के लिए 28 अगस्त को बेल्जियम के खिलाफ खेलेगी। वहीं, महिला टीम के लिए भी 23 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए ड्रॉ मुकाबले के बाद यह वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो चुका है।
दोनों टीमों के प्रदर्शन पर श्रीजेश ने जताई नाराजगी
दोनों कैटेगरी में टीम इंडिया के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद श्रीजेश ने एक्स पर लिखा, “चिंता मत कीजिए, वर्ल्ड कप कोई मायने नहीं रखता। एशियन गेम्स नज़दीक हैं, वहां एक मेडल जीत लीजिए और फिर 2028 में होने वाले ओलंपिक गेम्स के सपने देखना शुरू कर दीजिए। शायद वर्ल्ड कप की हार को भुलाने के लिए इतना काफी होगा। श्रीजेश ने महिला टीम की तैयारियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले भारतीय महिला टीम के चीफ कोच छुट्टी पर थे। लेकिन इतना सब होने के बाद भी हमारे खिलाड़ियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई टीम तैयारियों के आखिरी चरण में चीफ कोच की अनुपस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या हम सिर्फ अच्छी हॉकी खेल रहे हैं या दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को हराने का सामर्थ्य भी रखते हैं?
पुरुष टीम के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल
श्रीजेश ने पुरुष टीम के प्रदर्शन को लेकर भी अपनी राय साफ कर दी। उनके मुताबिक, अगर हम किसी बड़ी टीम से हारते हैं, तो उसे “लर्निंग एक्सपीरियंस”, यानी सीखने का अनुभव बताया जाता है। किसी एशियाई टीम को हरा दें, तो उसे एक बड़ी जीत करार दिया जाता है। और अगर अच्छा खेलते हैं, तो कहा जाता है कि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन श्रीजेश की सबसे बड़ी चिंता यही है कि आखिर भारतीय हॉकी किस दिशा में जा रही है?
उन्होंने भारतीय टीम की कोचिंग क्वालिटी और सिस्टम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं है। यह एक ऐसी प्रतियोगिता है, जिसका हर टीम बेसब्री से इंतज़ार करती है। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के प्रदर्शन के बाद श्रीजेश की ये टिप्पणियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उन्होंने सिर्फ एक मैच या नतीजे पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि पूरी तैयारी और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
भारतीय हॉकी में बदलाव की जरूरत?
श्रीजेश के इस बयान के बाद यह बात तो तय है कि भारतीय हॉकी में अब भी बहुत से बदलाव होने बाकी हैं। दुनिया की टॉप टीमों को हराने के लिए कोचिंग से लेकर टीम मैनेजमेंट तक, हर क्षेत्र में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम के लिए हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का अभियान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन अब आने वाली प्रतियोगिताओं पर नजर होगी। टीम को अपनी कमियों की पहचान करनी होगी और बड़े मुकाबलों के लिए बेहतर तैयारी करनी होगी।
और हम आशा करते हैं कि टीम इंडिया इस हार से सीख लेकर आने वाली प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करेगी। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 ने भारतीय टीम के सामने कई सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन इन्हीं सवालों के जवाब तलाशकर टीम भविष्य में मजबूत वापसी कर सकती है।अब सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि भारतीय पुरुष और महिला टीम अपनी तैयारियों, कोचिंग और प्रदर्शन में कितना सुधार करती हैं। अगले बड़े टूर्नामेंट में टीम इंडिया क्या बेहतर तस्वीर पेश करती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
FAQ
भारतीय पुरुष टीम 24 अगस्त को अर्जेंटीना से हारकर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई।
टीम इंडिया अब सातवें स्थान के लिए 28 अगस्त को बेल्जियम के खिलाफ खेलेगी।
उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि भारतीय हॉकी किस दिशा में जा रही है और क्या टीम सिर्फ अच्छी हॉकी खेल रही है या वास्तव में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को हराने की क्षमता भी रखती है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई टीम तैयारियों के आखिरी चरण में चीफ कोच की अनुपस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती है।


