डिंपल यादव बनेंगी यूपी की CM? अखिलेश यादव ने दिया गोलमोल जवाब

  • August 27, 2026
  • 0
  • 1 Views
डिंपल यादव और अखिलेश यादव की यूपी चुनाव रणनीति और CM फेस पर चर्चा

यूपी चुनाव से पहले महिलाओं पर बीजेपी और सपा का फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जाति और धर्म से इतर सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने अपना फोकस महिला वोटरों की तरफ बढ़ा दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ जहां 60 साल से ऊपर की महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा की घोषणा की तो साथ में 2022 के अपने चुनावी वादे के तहत छात्राओं को स्कूटी बांटने की भी घोषणा कर दी है। वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने बड़ा दांव खेलते हुए बुधवार को घोषणा की कि अगर उनकी सरकार बनी तो वह प्रदेश की तमाम महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देंगे।

इस घोषणा के लिए सपा अध्यक्ष ने अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव को चुना। महिलाओं और बेटियों को लुभाने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़े ऐलान किए हैं। इसी बीच सपा चीफ अखिलेश ने आगामी रणनीति और योजनाओं का खाका पेश किया। इस दौरान सपा मुखिया अखिलेश ने अपनी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव की भूमिका को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं।

डिंपल यादव को फ्रंटफुट पर लाने की सपा की रणनीति

दरअसल यूपी में सपा चुनावी साल में आधी आबादी महिलाओं पर फोकस कर रही है। इसके लिए अखिलेश यादव ने अपने पत्नी और सांसद डिंपल यादव समेत महिला सांसदों को फ्रंटफुट पर लाकर अपना दांव चल दिया है। इस बीच अखिलेश से डिंपल यादव को यूपी में सीएम फेस को लेकर सवाल भी किया गया, जिसका अखिलेश ने मुस्करा कर जवाब दिया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए रक्षाबंधन से पहले कई घोषणाएं और चुनावी वादे किए हैं। सपा ने सत्ता में आने पर ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत सालाना 40 हजार रुपये देने का वादा किया।

40 हजार रुपये की योजना का ऐलान डिंपल ने किया

इस चुनावी वादे कार्यक्रम में अखिलेश के साथ डिंपल यादव सबसे आगे बड़ी भूमिका में नजर आईं। महिलाओं को 40 हजार देने के वादे का ऐलान भी डिंपल ने ही किया। हालांकि डिंपल यादव के सीएम फेस के सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से कोई जवाब नहीं दिया और गोल-मोल जवाब देकर मुस्करा दिए। दरअसल संसद के मानसून सत्र से लेकर दिल्ली में जेन जी के प्रोटेस्ट में, हर जगह डिंपल मुखर होकर सपा का प्रतिनिधित्व करती हुई नजर आईं हैं। इसके बाद वह घायल छात्रों के साथ भी दिखीं थीं। डिंपल संसद में भी अखिलेश के साथ कंधे से कंधा मिलाती हुई नजर आ जाती हैं।

यह भी पढ़ें – यूपी चुनाव से पहले अखिलेश का सनातनी वाला मेगा प्लान क्या BJP को हरा पाएगी ?

यूं तो 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का फॉर्मूला लेकर आए थे। लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस पीडीए के अलग-अलग नाम दिए जा रहे हैं। सपा ने जब ब्राह्मण सम्मेलन किया तो अखिलेश यादव ने P का मतलब पंडित जी बताने लगे। अब जब आगामी चुनाव को लेकर डिंपल यादव महिलाओं के लिए तमाम घोषणाएं करने पहुंची तो उन्होंने पीडीए का एक अलग ही अर्थ बता दिया। डिंपल यादव ने कहा कि PDA में A का मतलब आधी आबादी है। सपा की नई सरकार बनी तो उसमें आधी आबादी का अलग ही प्रभाव दिखेगा।

महिलाओं के लिए फ्री बस और कामकाजी महिलाओं को छुट्टी का वादा

उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनी तो महिलाओं को पूरे प्रदेश में फ्री बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। बड़े शहरों में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को फ्री बस और फ्री मेट्रो यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा वर्किंग महिलाओं को महीने में 2 दिन का आकस्मिक अवकाश अनिवार्य रूप से मिलेगा। इन घोषणाओं के जरिए सपा सीधे तौर पर महिला वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश करती दिख रही है।

क्या डिंपल यादव सपा का ट्रंप कार्ड बनेंगी?

दरअसल समाजवादी पार्टी की अब तक की राजनीति पर गौर करें तो यह पार्टी पुरुष डोमिनेटेड नजर आती रही है। पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की कोर टीम की कोई भी ऐसी महिला साथी याद नहीं आती हैं जिन्हें राज्य स्तर पर पहचान मिली हो। पार्टी की जितनी भी महिलाएं सांसद और विधायक चुनी गईं, वह अपने क्षेत्र तक में ही सीमित रहीं। इसके अलावा रेप के आरोपियों को लेकर मुलायम सिंह यादव का वो बयान कि लड़कों से गलती हो जाया करती है को लेकर महिलाओं के बीच पार्टी की छवि बेहद खराब हुई थी।

यह भी पढ़ें – आरक्षण विवाद: जातिगत आरक्षण और महिला आरक्षण पर क्यों मचा बवाल?

लेकिन अखिलेश यादव जिस तरह से पत्नी डिंपल यादव को आगे करते दिख रहे हैं, उसे देखते हुए सोशल मीडिया पर बातें शुरू हो गई हैं कि क्या वह 2027 में समाजवादी पार्टी की ट्रंप कार्ड बनेंगी। अखिलेश यादव पूरी कोशिश में दिख रहे हैं कि डिंपल यादव की उनसे अलग पहचान बने। खासकर युवा वोटरों जिसमें ZEN-G के बीच डिंपल लोकप्रिय हों। इसके अलावा इस मकसद से देख रहे हैं कि राज्य की महिलाएं डिंपल यादव में अपना नेतृत्व तलाशें।

दरअसल, मुलायम सिंह यादव के देहांत के बाद से समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव इकलौता बड़ा चेहरा बचे हैं। पिछले तमाम चुनावों में प्रचार का पूरा भार अखिलेश यादव के कंधों पर ही दिखता रहा है। अगर डिंपल यादव को इसी तरह से प्रमोट किया जाता है तो वह अखिलेश यादव का भार कम करने के साथ ही महिलाओं का बड़ा वोटबैंक अपने साथ खींच सकती हैं।

क्या डिंपल यादव को बनाया जा सकता है CM Face?

गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जिस तरीके से डिंपल यादव को प्रमोट कर रहे हैं, उसके बाद से सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उन्हें आखिरी वक्त में मुख्यमंत्री भी घोषित किया जा सकता है। लोग बातें कर रहे हैं कि राज्य में महिलाओं का एक बड़ा तबका मायावती को बतौर सीएम देखकर वोट करता रहा है। उस वोट बैंक को सपा के साथ जोड़ने के लिए क्या डिंपल यादव के चेहरे पर दांव लगाया जा सकता है?

दरअसल, बुधवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से पूछा कि जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान लोगों ने डिंपल यादव को ममता की मूरत के रूप में देखा तो क्या समाजवादी पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएगी। इस सवाल को अखिलेश यादव ने टालते हुए कहा- ‘बहुत अच्छा सवाल पूछे हैं, लेकिन जरा डबल इंजन की सरकार की तरफ देखिए।’

क्या 2027 में डिंपल यादव होंगी बड़ा सियासी चेहरा?

एक तरफ सपा महिला वोटरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में बड़ी घोषणाएं कर रही है, तो दूसरी तरफ डिंपल यादव को लगातार प्रमुख राजनीतिक कार्यक्रमों में आगे किया जा रहा है। डिंपल यादव यूपी की CM बनेंगी या नहीं, इसका फैसला फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल इतना जरूर है कि यूपी की राजनीति में डिंपल यादव की भूमिका पहले के मुकाबले ज्यादा बड़ी होती दिखाई दे रही है। आने वाले चुनाव में डिंपल यादव यूपी की CM का चेहरा बनती हैं या अखिलेश यादव खुद नेतृत्व करते हैं, यह सपा की आगे की रणनीति पर निर्भर करेगा।

डिंपल के CM बनने की चर्चा अभी सिर्फ अटकलें

फिलहाल डिंपल यादव यूपी की CM बनाए जाने की चर्चा अब तक पूरी तरह से संभावनाओं और अटकलों पर आधारित है। अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन डिंपल के इस बदले नए राजनीतिक रूप को देखकर सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अखिलेश यूपी में बीजेपी के आधी आबादी वाले दांव के लिए पत्नी डिंपल यादव को आगे कर सकते हैं। हालांकि अखिलेश की मुस्कराहट के पीछे अभी बहुत राज छिपे हुए हैं, जिसके लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

FAQ

क्या डिंपल यादव यूपी की मुख्यमंत्री बनेंगी?

फिलहाल डिंपल यादव को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा संभावनाओं और राजनीतिक अटकलों तक सीमित है। समाजवादी पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित नहीं किया है।

अखिलेश यादव से डिंपल यादव के CM Face को लेकर क्या पूछा गया?

एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से पूछा था कि क्या डिंपल यादव को समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएगी। अखिलेश यादव ने सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया और इसे टाल दिया।

डिंपल यादव ने महिलाओं के लिए क्या घोषणा की?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, सपा ने सरकार बनने पर महिलाओं को ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत सालाना 40 हजार रुपये देने का वादा किया। इसके अलावा फ्री बस यात्रा और वर्किंग महिलाओं के लिए महीने में दो दिन आकस्मिक अवकाश जैसे वादे भी किए गए।

डिंपल यादव को आगे करने से सपा को क्या फायदा हो सकता है?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, डिंपल यादव को आगे करने से पार्टी को महिला वोटरों और युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है। इससे अखिलेश यादव के प्रचार का भार भी कम हो सकता है।