भगवा पहन पुजारी बने पप्पू यादवराहुल गांधी ने चढ़वाया पैसा और फिर….

  • July 31, 2026
  • 0
  • 3 Views
संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान पुजारी के वेश में पप्पू यादव और दान पात्र में पैसे डालते राहुल गांधी।

संसद परिसर में विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन, पप्पू यादव बने पुजारी

संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्ष ने एक अलग अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने राजनीतिक संदेश के साथ-साथ प्रतीकात्मक राजनीति को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया।

दरअसल, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में संसद परिसर पहुंचे। उनके सामने एक प्रतीकात्मक दान पात्र रखा गया था, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पैसे डालते नजर आए।

विपक्ष का कहना था कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र, जवाबदेही और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद से कथित अनुपस्थिति समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर किया गया।

‘चंदा चोरी’ पर विपक्ष का लघु नाटक

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने ‘चंदा चोरी’ विषय पर एक लघु नाटक (शॉर्ट प्ले) प्रस्तुत किया।

इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में जमीन पर बैठे दिखाई दिए। उनके सामने दान पात्र रखा था, जबकि पीछे मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसद खड़े थे। कुछ सांसदों के हाथों में “अमित शाह संसद से गायब क्यों?” लिखे पोस्टर भी नजर आए।

राहुल गांधी ने सांकेतिक रूप से दान पात्र में पैसे डाले। इसके बाद नाटक के हिस्से के रूप में पप्पू यादव दान पात्र लेकर भागते दिखाई दिए। इसके बाद अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें पकड़ने का अभिनय किया और “चंदा चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाए।

अयोध्या चढ़ावा विवाद को लेकर दिया गया राजनीतिक संदेश

विपक्षी नेताओं के अनुसार यह प्रदर्शन अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को प्रतीकात्मक रूप से उठाने के लिए किया गया।

प्रदर्शन कुछ मिनट तक चला और इस दौरान संसद परिसर में मौजूद कई सांसदों तथा मीडिया कर्मियों का ध्यान भी इस ओर गया। इसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगीं।

सपा पहले से उठा रही है यह मुद्दा

विपक्ष का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे को लगातार उठा रहा है।

समाजवादी पार्टी के सांसद संसद परिसर में प्रतीकात्मक रूप से दान पात्र लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

एक दिन पहले डिंपल यादव भी दान पात्र लेकर संसद परिसर पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि चढ़ावे के मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस और सपा ने क्या कहा?

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” अभियान का उल्लेख किया।

वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पप्पू यादव पहले भी कर चुके हैं प्रतीकात्मक प्रदर्शन

यह पहली बार नहीं है जब पप्पू यादव ने संसद परिसर में अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराया हो। इससे पहले भी वह छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में घायल व्यक्ति का प्रतीकात्मक वेश धारण कर प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विभिन्न प्रतीकात्मक तरीकों से विरोध जताते रहे हैं।

संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी है टकराव

मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। एक ओर विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है और लोकतंत्र में सवाल पूछना उसकी जिम्मेदारी है।

वहीं दूसरी ओर, सत्ता पक्ष पहले भी इस तरह के प्रदर्शनों को राजनीतिक नौटंकी करार देता रहा है और विपक्ष पर गंभीर विषयों को नाटकीय रूप देने का आरोप लगाता रहा है।

कुल मिलाकर, संसद परिसर में हुआ यह सांकेतिक प्रदर्शन राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। हालांकि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों और राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित दावों पर अंतिम निष्कर्ष किसी राजनीतिक बयान से नहीं, बल्कि संबंधित जांच, आधिकारिक रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकरण की कार्रवाई के आधार पर ही तय होगा।