Bankipur Assembly By-Election: बांकीपुर उपचुनाव में कम मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल, बीजेपी, जन सुराज और RJD की परीक्षा
बांकीपुर उपचुनाव में कम मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मतदान समाप्त हो चुका है। शाम 6 बजे तक 34.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में काफी कम रहा।
दरअसल, इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा था। हालांकि मतदान प्रतिशत अपेक्षा से कम रहने के कारण चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कम मतदान से किसे फायदा और किसे नुकसान?
कम मतदान को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि यदि मतदान प्रतिशत बढ़ेगा, तभी राजनीतिक बदलाव संभव होगा। ऐसे में कम मतदान को उनकी उम्मीदों के लिए झटका माना जा रहा है।
हालांकि, कम मतदान को बीजेपी के लिए भी पूरी तरह सकारात्मक संकेत नहीं माना जा रहा, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
नीट आंदोलन के बाद युवाओं से थी ज्यादा उम्मीद
नीट आंदोलन के बाद इस उपचुनाव को बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा था। ऐसी उम्मीद थी कि आंदोलन से जुड़े मुद्दों के कारण युवा मतदाता बड़ी संख्या में मतदान करेंगे, लेकिन मतदान केंद्रों पर सुबह से ही अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि एक वर्ष से कम समय में दोबारा चुनाव होने और सरकार की स्थिर स्थिति के कारण मतदाताओं में उत्साह कम रहा।
बीजेपी के लिए क्यों अहम है बांकीपुर सीट?
बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का विषय मानी जा रही है। यह सीट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बीजेपी ने यहां नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर और RJD की ओर से रेखा गुप्ता चुनाव मैदान में हैं।
बांकीपुर को लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने यहां बड़ी जीत दर्ज की थी।
RJD और जन सुराज की रणनीति पर भी नजर
चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष की रणनीति भी चर्चा में रही। राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना रहा कि प्रचार अभियान के बावजूद चुनावी मुकाबले में उन्हें अपेक्षित बढ़त नहीं मिल सकी।
वहीं, कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का यह भी आकलन रहा कि भाजपा विरोधी कुछ मतदाता प्रशांत किशोर को मजबूत चुनौती देने वाले उम्मीदवार के रूप में देख रहे थे। हालांकि इसका वास्तविक असर मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
बांकीपुर सीट पर मतदान का पुराना रिकॉर्ड
बांकीपुर विधानसभा सीट पर पारंपरिक रूप से मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा है।
- 2010 विधानसभा चुनाव: 37%
- 2015 विधानसभा चुनाव: 40.3%
- 2020 विधानसभा चुनाव: 36.9%
- 2025 विधानसभा चुनाव: 41.35%
- 2026 उपचुनाव: 34.31%
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मतदान में उतार-चढ़ाव के बावजूद पिछले कई चुनावों में बीजेपी इस सीट पर जीत दर्ज करती रही है।
मतदान प्रतिशत का पूरा आंकड़ा
निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान का प्रतिशत दिनभर इस प्रकार बढ़ा—
- सुबह 9 बजे: 4.61%
- सुबह 11 बजे: 11.50%
- दोपहर 1 बजे: 20.01%
- दोपहर 3 बजे: 27.90%
- शाम 5 बजे: 33.57%
- शाम 6 बजे: 34.31%
कुल 422 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया और मतदान समाप्त होने के बाद सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया।
अब तीन अगस्त को आएगा फैसला
बांकीपुर उपचुनाव में 25 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। मतगणना 3 अगस्त को होगी। जानकारी के अनुसार मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई जाएंगी और करीब 30 राउंड में वोटों की गिनती पूरी होगी।
कुल मिलाकर, कम मतदान ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है। बीजेपी अपनी परंपरागत सीट बचाने की कोशिश में है, RJD नए समीकरण तलाश रही है और जन सुराज खुद को तीसरे विकल्प से आगे एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित करना चाहती है। हालांकि अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा।


