राहुल गांधी दिल्ली पुलिस आरोप: NSUI छात्राओं से मारपीट का दावा, PM मोदी पर क्या कहा?

  • October 15, 2026
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राहुल गांधी दिल्ली पुलिस आरोप NSUI छात्राओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। राहुल गांधी दिल्ली पुलिस आरोप मामले को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली में SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन करने वाली NSUI छात्राओं ने पुलिस पर मारपीट, दुर्व्यवहार और हिरासत के दौरान प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 14 अक्टूबर को छात्राओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी आपबीती सुनी और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की।

NSUI छात्राओं ने दिल्ली पुलिस पर क्या गंभीर आरोप लगाए?

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

छात्राओं का आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बाल खींचने, गला दबाने और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया।

एक छात्रा ने दावा किया कि उसके पेट के निचले हिस्से पर लात मारी गई, जबकि दूसरी प्रदर्शनकारी ने अपने प्राइवेट पार्ट पर हमला किए जाने का आरोप लगाया। छात्राओं के मुताबिक, कथित मारपीट के कारण उनके शरीर पर चोट के निशान भी आए।

इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

राहुल गांधी दिल्ली पुलिस आरोप मामले में अथिरा ने क्या बताया?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केरल की रहने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अथिरा ने अपने साथ हुई कथित घटना का विवरण दिया।

अथिरा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पुलिस बस में मारा गया। उन्होंने दावा किया कि उस समय बस में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।

छात्रा के मुताबिक, पुलिस बस कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के पास रुकी, जहां उनके साथ कथित मारपीट हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गाल और कान पर चोट पहुंचाई गई, जिसके बाद उन्हें सुनने में परेशानी होने लगी।

राहुल गांधी ने दावा किया कि इस घटना के बाद अथिरा के एक कान की सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है। हालांकि, इस दावे की चिकित्सकीय और स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह को लेकर क्या कहा?

NSUI छात्राओं के आरोपों को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों की आवाज पूरे भारत की आवाज है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस आवाज के खिलाफ खड़ी है।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे अपने साथ हुई कथित घटनाओं के वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखें। राहुल गांधी के मुताबिक, इन सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की कोशिश की जाएगी।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए भी जवाबदेही की बात कही। ये उनके राजनीतिक आरोप और बयान हैं, न कि किसी जांच या अदालत द्वारा स्थापित निष्कर्ष।

SIR और वोटर लिस्ट विवाद क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है।

इस प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं ने भी इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल रहा है।

हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोप और पुलिस द्वारा कथित मारपीट के मामले अलग-अलग विषय हैं। दोनों के संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों, आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र जांच के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

दिल्ली पुलिस के खिलाफ आरोपों पर आगे क्या होगा?

राहुल गांधी दिल्ली पुलिस आरोप मामले में छात्राओं की ओर से किए गए दावों के बाद महिला प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और हिरासत के दौरान पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कथित मारपीट के अलावा मोबाइल फोन छीने जाने और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और निष्पक्ष जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। किसी भी व्यक्ति या अधिकारी की जिम्मेदारी उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निर्धारित की जा सकती है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस के साथ-साथ नागरिक अधिकारों, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और पुलिस की जवाबदेही से भी जुड़ गया है।

आपकी क्या राय है? क्या प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।

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नोट: खबर में शामिल मारपीट, चोट और दुर्व्यवहार से संबंधित विवरण प्रदर्शनकारियों तथा राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। जांच या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर जानकारी अपडेट की जानी चाहिए।