कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और हनुमान चालीसा की चर्चा
भारतीय कैप्टेन स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनिया भर में तारीफ हो रही है। पीएम मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तक दुनिया के शीर्ष नेता उन्हें हीरो बता रहे हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान दांव पर लगाकर 174 लोगों की जान बचाई। ऐसे में फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश और पायलट स्मित मच्छार की सोच और उनके साहस की खबर अब दुनियाभर में चर्चा का विषय है। इसी कड़ी में उनकी यह बात कि इस मुश्किल वक्त में कैप्टेन स्मित ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, इसी को लेकर पीएम मोदी से उनकी बातचीत भी सुर्खियों में है। इस पर बागेश्वर धाम के पठित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बड़ा बयान दिया है।
फ्लाईदुबई फ्लाइट में क्या हुआ था?
दरअसल 30 सितंबर को फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। आरोप है कि ओमानी मूल के को-पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की। उसने कॉकपिट में ही कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा, करीब 14 हजार फीट तक नीचे आ गया था।
कैप्टन ने बताया कि वह फर्श पर गिर गए थे। आंखें बंद होने पर भी उन्हें एहसास हो रहा था कि प्लेन नीचे जा रहा है। इसी घटना को लेकर उन्होंने पीएम मोदी को वीडियो कॉल पर बताया कि, जब भी दर्द में होता हूं तो हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। उस समय भी मैं लगातार हनुमान चालीसा ही पढ़ रहा था, भगवान ने ही मुझे साक्षात बचाया। बता दें कि इस घटना में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए, अभी भी उनके सिर पर पट्टी बंधी है और उनका इलाज चल रहा है।
घायल होने के बाद भी कॉकपिट का दरवाजा खोला
इस मुश्किल घड़ी में कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। इसको लेकर उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत में बताया कि इतनी चोटों के बाद भी उन्होंने खुद को घसीटते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, ताकि बाहर मौजूद क्रू और यात्री अंदर आ सके। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। उन्होंने स्मित की मां गीता बेन का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भगवद्गीता की सीख और संस्कारों के साथ उन्हें बड़ा किया है।
वहीं यात्रियों में मौजूद इजरायली सुरक्षाबलों ने को-पायलट को काबू में किया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी 174 लोग सुरक्षित बच गए। पीएम मोदी से स्मित मच्छार की इसी बातचीत पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हनुमान चालीसा पढ़ने से आत्मविश्वास आता है।
हनुमान चालीसा पर क्या बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?
अब कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत को लेकर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आज कैप्टन स्मित की हर जगह चर्चा हो रही है। मुश्किल वक्त में उनके हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। बाबा बागेश्वर के मुताबिक, जब कैप्टन स्मित पीएम मोदी से बात कर रहे थे, तब लोगों ने जाना कि हनुमान चालीसा और हनुमान जी का प्रभाव कितना अद्भुत हो सकता है। बागेश्वर बाबा ने कहा कि जो भी हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। वह निर्भय बनता है और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की हिम्मत हासिल करता है। कैप्टन स्मित के प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने हनुमान चालीसा को आत्मविश्वास और साहस से जोड़ा।
जेन जी के प्रदर्शन पर भी धीरेंद्र शास्त्री ने रखी बात
वहीं, देश में जेन जी के प्रदर्शन को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह पीढ़ी समझदार है। इसे समझाने की नहीं, बल्कि समझने की जरूरत है। उन्होंने दिल्ली में लड़कियों के प्रदर्शन पर भी अपनी बात रखी। बाबा बागेश्वर ने कहा कि महिला और पुरुष दोनों एक-दूसरे के पूरक है। यह समझ और नजरिये का फर्क है। बता दें कि बाबा बागेश्वर अब रथ यात्रा पर निकलने वाले हैं। यह यात्रा 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक चलेगी। पांच दिनों की इस यात्रा में पांच जिलों से होकर करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना है। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य हिंदू राष्ट्र के विचार को आगे बढ़ाना और जातिगत भेदभाव मिटाने का संदेश देना है।
बिहार में पदयात्रा की भी कही बात
जानकारी के अनुसार, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री नवंबर में बिहार आने वाले हैं। इस दौरान बक्सर में उनकी कथा आयोजित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में जल्द ही पदयात्रा करेंगे। हालांकि, इस पदयात्रा की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आपको बता दें कि 2 अक्टूबर को पीएम मोदी ने यूएई के अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है और आपके लिए महामृत्युंजय जाप हो रहा है। आपकी हिम्मत और सूझबूझ ने कई जानें बचाई। देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले होते हैं।
पीएम मोदी से बातचीत में भावुक हुए कैप्टन स्मित
इस दौरान कैप्टन भावुक हो गए और बोले, आप मेरे सबसे बड़े आइडल हैं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे बात करने का मौका मिलेगा। आपके कॉल से मुझे गर्व महसूस हो रहा है।
पीएम ने उनकी मां गीता बेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने गीता के संस्कारों से आपको पाला है। गौरतलब है कि कैप्टन स्मित एक अनुभवी पायलट हैं। उन्होंने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट में एक दशक से ज्यादा समय तक काम किया था। वहां वह ट्रेनिंग कैप्टन और नए पायलटों के मेंटर भी रहे।
करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव
उनके प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने बोइंग 737-800 और 737 MAX 8 और 9 विमानों पर करीब 9,750 घंटे की उड़ान भरी है। करीब 19 साल की उम्र में उन्होंने मैनेजमेंट कोर्स जॉइन किया था। तब उनकी योजना परिवार के कारोबार से जुड़कर काम करने की थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में हिस्सा लिया और एयरलाइन सर्विसेज को अपना जुनून बना लिया। वहीं उस मुश्किल स्थिति में उनकी ट्रेनिंग, सूझबूझ और फैसले अहम थे। लेकिन स्मित के अपने शब्द बताते हैं कि उस बेहद मुश्किल वक्त में उनकी आस्था उनके साथ थी।
संकट में क्यों याद आते हैं हनुमान जी?
और शायद इसी में उस सवाल का जवाब भी है कि संकट में हनुमान जी इतनी जल्दी क्यों याद आते हैं। क्योंकि पीढ़ियों से हनुमान जी की पहचान उस देवता की रही है, जो संकट देखकर पीछे नहीं हटते। कैप्टन स्मित के सामने भी संकट था। हनुमान चालीसा उनके मन में थी। लेकिन आखिर में उन्हें वही करना था, जो उस समय सबसे जरूरी था, डटे रहना।


