महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित न्याय का संकल्प
केंद्र सरकार ने बुधवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के सामाजिक, ऊर्जा और विनियामक ढांचे को मजबूत करने वाले कई ऐतिहासिक और युगांतरकारी फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट के फैसलों की औपचारिक जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन उत्पीड़न, बलात्कार और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के त्वरित और समयबद्ध निपटारे के लिए देश भर में 850 विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स) को सुदृढ़ और विस्तारित करने की मंजूरी दी गई है।
अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बाल सुरक्षा से जुड़े खतरों से सख्ती से निपटना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार मौजूदा पॉक्सो (POCSO) और बलात्कार विरोधी कानूनों का कड़ाई से पालन कराने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर नए कठोर कानून बनाने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक वित्तीय संसाधन मुहैया करा रही है। इस दिशा में कैबिनेट 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने का मजबूत माध्यम बनेगा।
14,500 करोड़ से 92 गीगावाट-घंटे की ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज
ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा के अधिकतम दोहन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने 92 गीगावाट-घंटे (GWh) की विशाल क्षमता वाली ‘ग्रिड-स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी’ योजना को हरी झंडी दिखाई है, जिस पर 14,500 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता खर्च की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मेगा योजना का मूल उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा से बनने वाली हरित बिजली को बड़े पैमाने पर स्टोर करना है, ताकि रात के समय या पीक डिमांड के दौरान उसका कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा सके।
उन्होंने तकनीकी उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि किसी सोलर पार्क के लिए 10 मेगावाट की ट्रांसमिशन लाइन बिछाई गई है, तो रात में सूरज न होने से उस लाइन की क्षमता बेकार पड़ी रहती है। लेकिन ग्रिड-स्केल स्टोरेज की सुविधा मिलने से दिन में उत्पादित अतिरिक्त बिजली को बैटरियों में जमा कर रात में ग्रिड में भेजा जा सकेगा। इससे ट्रांसमिशन लाइनों का शत-प्रतिशत उपयोग होगा और देश में थर्मल पावर पर निर्भरता घटेगी। इस तरह कैबिनेट 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट के साथ-साथ ऊर्जा क्रांति की नई नींव रखी गई है।
क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक डेटा कलेक्शन सिस्टम को भी मंजूरी
कैबिनेट ने भविष्य की उच्च-तकनीक और इलेक्ट्रिक वाहनों की रीढ़ माने जाने वाले 24 महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के घरेलू प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) को बढ़ावा देने की विशेष योजना को भी स्वीकृत किया है। इसका उद्देश्य घरेलू खदानों से निकले कच्चे खनिजों और रीसाइक्लिंग से प्राप्त मैटेरियल्स को सीधे आधुनिक विनिर्माण और बैटरी उत्पादन के अनुकूल बनाना है।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय सांख्यिकी और डेटा कलेक्शन प्रणाली को पूरी तरह आधुनिक और त्रुटिहीन बनाने के लिए 4,371 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालयों में डेटा साइंस और सैंपलिंग के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे तथा वास्तविक समय में डिजिटल सर्वेक्षण पद्धतियां अपनाई जाएंगी ताकि नीति-निर्माण के लिए सरकार को सटीक व विश्वसनीय आंकड़े मिल सकें। इस प्रकार कैबिनेट 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट और अन्य फैसलों ने विकसित भारत के बहुआयामी लक्ष्यों को गति प्रदान की है।


