दत्तात्रेय होसबाले का बयान: राम मंदिर बनाकर दिखाया, आरक्षण सामाजिक आधार पर जारी रहे

  • November 5, 2026
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दत्तात्रेय होसबाले आरक्षण बयान देते हुए इंदौर के डेली कॉलेज में पत्रकारों के समक्ष

सामाजिक समरसता और समानता तक आरक्षण जारी रहने की वकालत

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित डेली कॉलेज में 2 नवंबर से चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक बुधवार को औपचारिक रूप से संपन्न हो गई। बैठक में देश भर से करीब 400 शीर्ष प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के समापन के बाद संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से विस्तारपूर्वक बातचीत करते हुए आरक्षण, अदालतों में लंबित मंदिर विवादों, संगठन विस्तार और समसामयिक विषयों पर संघ का स्पष्ट दृष्टिकोण सामने रखा।

आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर दो टूक बोलते हुए होसबाले ने कहा कि समाज के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को जब तक विकास और अवसरों की पूरी समानता प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक देश में आरक्षण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से जारी रहनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरक्षण का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए और इसका आधार सामाजिक व ऐतिहासिक परिस्थितियां होनी चाहिए, न कि तात्कालिक चुनावी राजनीति। दत्तात्रेय होसबाले आरक्षण बयान ने इस मुद्दे पर संघ की नीतिगत प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया है।

‘राम मंदिर बनाना था, बना दिया; बाकी मामले कोर्ट में हैं’

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा और ज्ञानवापी सहित देश की विभिन्न अदालतों में चल रहे अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े मुकदमों पर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देते हुए सरकार्यवाह ने कहा, “हमें अयोध्या में प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बनाकर दिखाना था, वह हमने पूरे देश के सहयोग से बनाकर दिखा दिया है। बाकी के मामले देश की सक्षम अदालतों में विचाराधीन हैं, इसलिए उन्हें अदालती प्रक्रिया के तहत ही छोड़ देना चाहिए।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ हर स्थान पर आंदोलन करने के पक्ष में नहीं है बल्कि उसका प्राथमिक कार्य समाज का चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना है। शताब्दी वर्ष में संघ के सांगठनिक विस्तार का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि एक वर्ष के भीतर संघ की पहुंच 10,241 नए स्थानों तक बढ़ी है। वर्तमान में देश भर के 63,208 स्थानों पर कुल 99,423 दैनिक शाखाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 34,982 साप्ताहिक मिलन और 14,096 मासिक मंडलियां भी सक्रिय हैं, जिससे संघ का प्रत्यक्ष संपर्क 1,03,397 स्थानों तक पहुंच चुका है।

पश्चिम बंगाल में 150 गुना शाखाएं, केरल के हर गांव में मौजूदगी

दत्तात्रेय होसबाले ने प्रतिकूल परिस्थितियों में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में शाखाओं की संख्या पहले की तुलना में 150 गुना बढ़ चुकी है, जबकि वहां पहले शाखा लगाने पर भारी राजनीतिक विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ता था। इसी प्रकार त्रिपुरा और असम में संघ के कई समर्पित कार्यकर्ताओं की हिंसक हत्याएं हुईं, लेकिन बलिदानों के बावजूद संगठन का राष्ट्र निर्माण कार्य निरंतर आगे बढ़ता रहा।

उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर के मिजोरम में दो स्थानों पर और लद्दाख की दुर्गम वादियों में भी नियमित शाखाएं शुरू हो चुकी हैं। होसबाले ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि आज केरल के शत-प्रतिशत सभी गांवों में संघ की सक्रिय शाखाएं मौजूद हैं। सामाजिक एकता के लिए देश भर में 94,218 विशाल हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जिनमें करीब 5 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया। इस प्रकार दत्तात्रेय होसबाले आरक्षण बयान और सांगठनिक रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में राष्ट्रव्यापी सर्वसमावेशी विस्तार की दिशा में अग्रसर है।