बागेश्वर धाम विवाद, साध्वी हर्षा बोलीं-धमकियां मिल रहीं, गंदे कमेंट्स आ रहे

  • October 9, 2026
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बागेश्वर धाम विवाद के बीच साध्वी हर्षा के धमकियों और सोशल मीडिया कमेंट्स से जुड़े दावे

बागेश्वर धाम विवाद के बीच साध्वी हर्षा का बयान

बागेश्वर धाम से जुड़े विवाद के बीच साध्वी हर्षा ने एक वीडियो जारी कर अपने साथ हो रही कथित ऑनलाइन बदसलूकी और धमकियों को लेकर बात कही। अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, हर्षा ने दावा किया कि उन्हें गंदे कमेंट्स, संदेश, ईमेल और धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने इस स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की और सवाल उठाया कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

खबर में साध्वी हर्षा का उल्लेख हर्षानंद गिरि के नाम से भी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक वह किसी से डरी नहीं हैं। हालांकि, उन्हें धमकी देने वालों की पहचान और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के बारे में अखबार के उपलब्ध विवरण में पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है। इसलिए धमकियों से जुड़े दावों को साध्वी हर्षा के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

धमकियों और सोशल मीडिया कमेंट्स का दावा

साध्वी हर्षा ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ संदेश और ईमेल भी मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनके साथ कुछ होता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। खबर के अनुसार, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि उनके समर्थकों और श्रद्धालुओं के मन में ऐसी घटनाओं को लेकर आशंका पैदा हो सकती है।

हर्षा ने अपने बयान में लोगों से कहा कि वे आश्रम में अधिक समय रुकने के बजाय दर्शन करने के बाद अपने घर लौट जाएं। उनके इस कथन में श्रद्धालुओं और परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता दिखाई देती है। हालांकि, खबर में धमकियों की संख्या, उनके स्रोत या किसी औपचारिक पुलिस शिकायत के संबंध में स्पष्ट और पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि किसी विशेष व्यक्ति या संगठन ने धमकियां दी हैं। फिलहाल रिपोर्ट का प्रमुख पक्ष साध्वी हर्षा का दावा और उनके द्वारा व्यक्त की गई सुरक्षा संबंधी चिंता है।

धीरेंद्र शास्त्री और आश्रम से जुड़े सवाल

अखबार की खबर में साध्वी हर्षा के बयान के साथ धीरेंद्र शास्त्री और आश्रम से जुड़े संदर्भों का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, हर्षा ने पहले भी आश्रम में रहने, महिलाओं और बेटियों की जिम्मेदारी तथा वहां आने-जाने के संदर्भ में अपनी बात रखी थी। उन्होंने अपने पुराने बयान पर कायम रहने की बात कही और कहा कि धमकियों से डरकर वह अपनी बात नहीं बदलेंगी।

इस विवाद में सामने आए बयानों को संबंधित व्यक्तियों के कथनों के रूप में समझना जरूरी है। साध्वी हर्षा विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही टिप्पणियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। खबर में मुख्य रूप से साध्वी हर्षा के दावे, उनके द्वारा जताई गई चिंता और अपने बयान पर कायम रहने की बात सामने आती है। यदि धमकियों के संबंध में कोई आधिकारिक जांच या पुलिस कार्रवाई होती है, तो उससे जुड़े पुष्ट तथ्यों को अलग से शामिल किया जाना चाहिए।